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Kathua News: ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने के दोषी पर लगाया 2500 रुपये का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 08 Mar 2026 01:18 AM IST
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अदालत से
आरोपी के अपराध को स्वीकार करने के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट पूनम गुप्ता ने यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में दोषी पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह फैसला आरोपी की ओर से कोर्ट में अपराध को स्वीकार करने के बाद सुनाया है।
कोर्ट में दायर चालान के अनुसार आरोपी दारा सिंह निवासी महरोली के खिलाफ कठुआ पुलिस ने बीते जनवरी महीने यातायात का उल्लंघन करने के आरोप में बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया था। बीते 16 फरवरी को आरोपी ने वकील की उपस्थिति में अपराध के लिए स्वीकारोक्ति आवेदन दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने आरोपों को स्वीकार करते हुए स्वयं को दोषी बताया। अदालत ने आरोपी को यह समझाया कि वह दोष स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अगर वह ऐसा करता है तो उसकी ओर से दर्ज बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। लिहाजा कोर्ट ने आरोपी अपने बयान पर दोबारा सोचने का समय दिया, लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा। इसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए उस पर 2500 रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया। जुर्माने की राशि को आरोपी ने मौके पर ही कोर्ट में जमा कर दी गई। इसके बाद कोर्ट ने दोषी के जमानती और व्यक्तिगत बांड को रद्द कर मामले से बरी करने का फैसला सुनाया।
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आरोपी के अपराध को स्वीकार करने के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट पूनम गुप्ता ने यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में दोषी पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह फैसला आरोपी की ओर से कोर्ट में अपराध को स्वीकार करने के बाद सुनाया है।
कोर्ट में दायर चालान के अनुसार आरोपी दारा सिंह निवासी महरोली के खिलाफ कठुआ पुलिस ने बीते जनवरी महीने यातायात का उल्लंघन करने के आरोप में बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया था। बीते 16 फरवरी को आरोपी ने वकील की उपस्थिति में अपराध के लिए स्वीकारोक्ति आवेदन दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने आरोपों को स्वीकार करते हुए स्वयं को दोषी बताया। अदालत ने आरोपी को यह समझाया कि वह दोष स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अगर वह ऐसा करता है तो उसकी ओर से दर्ज बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। लिहाजा कोर्ट ने आरोपी अपने बयान पर दोबारा सोचने का समय दिया, लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा। इसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए उस पर 2500 रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया। जुर्माने की राशि को आरोपी ने मौके पर ही कोर्ट में जमा कर दी गई। इसके बाद कोर्ट ने दोषी के जमानती और व्यक्तिगत बांड को रद्द कर मामले से बरी करने का फैसला सुनाया।
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