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Kathua News: बिना लाइसेंस और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले के दोषी को लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:09 AM IST
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अदालत से
साल 2024 का मामला, सड़क हादसे में दो लोग हो गए थे घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) पूनम गुप्ता ने लापरवाही से वाहन चलाने और बिना लाइसेंस वाहन चालने के दोषी को पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला पीड़ित और आरोपी पक्ष के बीच आपसी समझौते के बाद सुनाया है। इसके अलावा आरोपी के गैर-समझौता योग्य अपराध को कोर्ट में स्वीकार करने के बाद अदालत ने यह सजा सुनाई है।
कोर्ट में दायर स्वीकारोक्ति आवेदन के अनुसार मामला साल 2024 का है। इसमें आरोपी संदीप सिंह निवासी मुकुंदपुर मढ़ीन पर आरोप था कि वह दुर्घटना के दिन वाहन को लापरवाही और तेज गति से चलाने से अशोक कुमार और सुमन बाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद आरोपी के खिलाफ सिटी पुलिस थाना में आईपीसी की धारा 279/337/338 और एमवी एक्ट 3/181 के तहत मामला दर्ज किया गया। चालान को 6 सितंबर 2024 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। गत 9 मार्च को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत में संयुक्त आवेदन देकर बताया कि उन्होंने अदालत के बाहर आपसी सहमति से समझौता कर लिया है और वे मामले को समाप्त करना चाहते हैं। इसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को आईपीसी की धारा 337 और 338 के तहत किए गए अपराध के लिए बरी कर दिया। अदालत ने माना कि दोनों पक्षों ने विवाद सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया है। इसके आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और एमवी एक्ट की धारा 3/181 को गैर-समझौता योग्य अपराध होने के कारण इस पर अलग से विचार किया गया। आरोपी ने कोर्ट में स्वयं गलती स्वीकार करते हुए दोष कबूल कर लिया। अदालत ने आरोपी को अपने बयान पर दोबारा विचार करने का मौका दिया लेकिन आरोपी बयान पर अड़ा रहा। इसके बाद अदालत ने आरोपी के बयान दर्ज करने के बाद उसे मामले में दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी के साथ नरमी बरतते हुए उस पर पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर धारा 279 और 338 के तहत अपराध के लिए एक-एक हजार और एमवी एक्ट की धारा 3/181 के तहत तीन हजार रुपये जमा करने का फैसला सुनाया।
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कोर्ट में दायर स्वीकारोक्ति आवेदन के अनुसार मामला साल 2024 का है। इसमें आरोपी संदीप सिंह निवासी मुकुंदपुर मढ़ीन पर आरोप था कि वह दुर्घटना के दिन वाहन को लापरवाही और तेज गति से चलाने से अशोक कुमार और सुमन बाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद आरोपी के खिलाफ सिटी पुलिस थाना में आईपीसी की धारा 279/337/338 और एमवी एक्ट 3/181 के तहत मामला दर्ज किया गया। चालान को 6 सितंबर 2024 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। गत 9 मार्च को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत में संयुक्त आवेदन देकर बताया कि उन्होंने अदालत के बाहर आपसी सहमति से समझौता कर लिया है और वे मामले को समाप्त करना चाहते हैं। इसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को आईपीसी की धारा 337 और 338 के तहत किए गए अपराध के लिए बरी कर दिया। अदालत ने माना कि दोनों पक्षों ने विवाद सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया है। इसके आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और एमवी एक्ट की धारा 3/181 को गैर-समझौता योग्य अपराध होने के कारण इस पर अलग से विचार किया गया। आरोपी ने कोर्ट में स्वयं गलती स्वीकार करते हुए दोष कबूल कर लिया। अदालत ने आरोपी को अपने बयान पर दोबारा विचार करने का मौका दिया लेकिन आरोपी बयान पर अड़ा रहा। इसके बाद अदालत ने आरोपी के बयान दर्ज करने के बाद उसे मामले में दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी के साथ नरमी बरतते हुए उस पर पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर धारा 279 और 338 के तहत अपराध के लिए एक-एक हजार और एमवी एक्ट की धारा 3/181 के तहत तीन हजार रुपये जमा करने का फैसला सुनाया।
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