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Kathua News: दो माह देरी से मिलेगी 100 बेड की अतिरिक्त सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 23 Mar 2026 01:05 AM IST
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जीएमसी कठुआ में तैयार किया जा रहा नया वार्ड। संवाद
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- सहायक अस्पताल की क्षमता बढ़कर हो जाएगी 600
- इमरजेंसी भवन की दूसरी और तीसरी इमारत का निर्माण कार्य अंतिम चरण में
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जीएमसी को 100 बेड की अतिरिक्त सुविधा अब दो महीने देरी से मिलेगी। निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार की अचानक मृत्यु हो जाने से काम में देरी हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा होना था। अब कॉलेज प्रशासन ने कार्य को पूरा करने के लिए ठेकेदार की फर्म को दो महीने का अतिरिक्त समय दिया है।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कार्य तेज गति से चल रहा है। 31 मई के बाद सहायक अस्पताल की क्षमता 500 से बढ़कर 600 बेड तक पहुंच जाएगी। इमरजेंसी भवन की तीन मंजिला इमारत के निर्माण कार्य पर 39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार जीएमसी के इमरजेंसी भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल पर 100 अतिरिक्त बेड तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए ढांचागत विकास का कार्य अंतिम चरण में है। इन दोनों मंजिलों पर वर्तमान में कुल नौ करोड़ की राशि से निर्माण कार्य चल रहा है जिसमें छह करोड़ रुपये से भवन का ढांचा और बिजली के कार्य पूरे किए जा रहे हैं। इसके अलावा लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला इमारत में दो लिफ्ट लगाने का कार्य प्रगति पर है।
साल 2019 में रखा था इमरजेंसी ब्लॉक का नींवपत्थर
जीएमसी के सहायक अस्पताल परिसर में इमरजेंसी ब्लॉक का निर्माण का शिलान्यास साल 2019 में किया गया था। इसका नींव पत्थर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रखा था। इस तीन मंजिला इमारत का निर्माण कार्य कुल 39 करोड़ में पूरा हो रहा है। कोरोना काल में दो साल तक इस इमारत का निर्माण कार्य नहीं हो सका। इसके बाद अस्पताल की जरूरतों को देखते हुए साल 2023 में भूतल पर तैयार इमारत में इमरजेंसी सर्विस शुरू की गई थी। लगभग एक साल बाद पहली मंजिला इमारत पर सामान्य चिकित्सा विभाग और सर्जरी विभाग के वार्ड स्थापित किए गए थे। इस इमारत में विभिन्न विभाग के ऑपरेशन थियेटर के साथ-साथ संबंधित विभागों के आईसीयू और वार्डों की सुविधाओं के लिए तैयार की गई है।
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कोट
इमरजेंसी ब्लॉक की दूसरी और तीसरी इमारत पर निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। शेष निर्माण कार्य अगले एक से दो महीने में पूरा करवा लिया जाएगा। इसके बाद लिफ्ट स्थापित कर पूरे ब्लॉक को कार्यात्मक बनाया जाएगा। इससे अस्पताल की क्षमता बढ़कर 600 बिस्तरों की हो जाएगी।
- मुकेश कुमार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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- इमरजेंसी भवन की दूसरी और तीसरी इमारत का निर्माण कार्य अंतिम चरण में
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जीएमसी को 100 बेड की अतिरिक्त सुविधा अब दो महीने देरी से मिलेगी। निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार की अचानक मृत्यु हो जाने से काम में देरी हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा होना था। अब कॉलेज प्रशासन ने कार्य को पूरा करने के लिए ठेकेदार की फर्म को दो महीने का अतिरिक्त समय दिया है।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कार्य तेज गति से चल रहा है। 31 मई के बाद सहायक अस्पताल की क्षमता 500 से बढ़कर 600 बेड तक पहुंच जाएगी। इमरजेंसी भवन की तीन मंजिला इमारत के निर्माण कार्य पर 39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार जीएमसी के इमरजेंसी भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल पर 100 अतिरिक्त बेड तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए ढांचागत विकास का कार्य अंतिम चरण में है। इन दोनों मंजिलों पर वर्तमान में कुल नौ करोड़ की राशि से निर्माण कार्य चल रहा है जिसमें छह करोड़ रुपये से भवन का ढांचा और बिजली के कार्य पूरे किए जा रहे हैं। इसके अलावा लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला इमारत में दो लिफ्ट लगाने का कार्य प्रगति पर है।
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साल 2019 में रखा था इमरजेंसी ब्लॉक का नींवपत्थर
जीएमसी के सहायक अस्पताल परिसर में इमरजेंसी ब्लॉक का निर्माण का शिलान्यास साल 2019 में किया गया था। इसका नींव पत्थर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रखा था। इस तीन मंजिला इमारत का निर्माण कार्य कुल 39 करोड़ में पूरा हो रहा है। कोरोना काल में दो साल तक इस इमारत का निर्माण कार्य नहीं हो सका। इसके बाद अस्पताल की जरूरतों को देखते हुए साल 2023 में भूतल पर तैयार इमारत में इमरजेंसी सर्विस शुरू की गई थी। लगभग एक साल बाद पहली मंजिला इमारत पर सामान्य चिकित्सा विभाग और सर्जरी विभाग के वार्ड स्थापित किए गए थे। इस इमारत में विभिन्न विभाग के ऑपरेशन थियेटर के साथ-साथ संबंधित विभागों के आईसीयू और वार्डों की सुविधाओं के लिए तैयार की गई है।
कोट
इमरजेंसी ब्लॉक की दूसरी और तीसरी इमारत पर निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। शेष निर्माण कार्य अगले एक से दो महीने में पूरा करवा लिया जाएगा। इसके बाद लिफ्ट स्थापित कर पूरे ब्लॉक को कार्यात्मक बनाया जाएगा। इससे अस्पताल की क्षमता बढ़कर 600 बिस्तरों की हो जाएगी।
- मुकेश कुमार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग