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Poonch News: ऑपरेशन सर्प विनाश के नायक फजल हुसैन को सैन्य सम्मान से दी अंतिम विदाई
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पुंछ। ऑपरेशन सर्पविनाश के नायक और जिले की सबसे बड़ी ग्राम सुरक्षा समिति के कमांडर फजल हुसैन ताहिर को पैतृक गांव मड़ा में तैनात रोमियो फोर्स की 16 आरआर की तरफ से सैन्य सम्मान के साथ विदाई दी गई।
62 वर्षीय ताहिर की 22 अप्रैल को उत्तराखंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर वीरवार रात पैतृक गांव मड़ा पहुंचा। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़ पड़े। इसके बाद उनका शव सुपुर्देखाक किया गया।
ताहिर ने सुरनकोट तहसील के पीर पंजाल के पहाड़ो में स्थित हिलकाका और आसपास के क्षेत्रों से आतंकवाद और आतंकियों का सफाया करने में सेना और सुरक्षाबलों के सहयोग में अहम भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट ने सुपुर्द खाक की रस्मों के लिए इकट्ठा हुए लोगों के बैठने और भोजन की व्यवस्था करने के साथ ही ताहिर फजल को सैन्य सम्मान देते हुए पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
गौर हो कि पुंछ जिले के हिलकाला एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में डेरा डाले पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ सेना ने 2003 में ऑपरेशन सर्प विनाश चलाया था। इसमें ताहिर फजल ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने इस क्षेत्र में पहली एवं सबसे बड़ी ग्राम रक्षा समिति की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। <
इस ग्राम सुरक्षा समिति में 100 से अधिक लोग शामिल थे। ताहिर इनके कमांडर थे। ताहिर को उस दौर में केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वचलित एके राइफल भी मिली हुई थी। इतना ही नहीं ताहिर की पत्नी की अगुवाई में महिलाओं ने भी हथियार चलाना सीखा और आतंकियों के खिलाफ बंदूकें थाम ली थीं।
इससे मड़ा, कुलाली, हिलकाका, दोफल्ली, रंजाटी आदि क्षेत्रों में आतंकियों का सफाया किया गया था। ताहिर फजल को अंतिम विदाई देते हुए 16 राष्ट्रीय राइफल्स के सेकेंड कमान अधिकारी ने आतंकवाद के खिलाफ योगदान में उनकी सराहना की।
आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग देने तथा क्षेत्र में शांति बनाए रखने में स्थानीय गुर्जर-बकरवाल समुदाय की भूमिका को भी सराहा।
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62 वर्षीय ताहिर की 22 अप्रैल को उत्तराखंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर वीरवार रात पैतृक गांव मड़ा पहुंचा। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़ पड़े। इसके बाद उनका शव सुपुर्देखाक किया गया।
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ताहिर ने सुरनकोट तहसील के पीर पंजाल के पहाड़ो में स्थित हिलकाका और आसपास के क्षेत्रों से आतंकवाद और आतंकियों का सफाया करने में सेना और सुरक्षाबलों के सहयोग में अहम भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट ने सुपुर्द खाक की रस्मों के लिए इकट्ठा हुए लोगों के बैठने और भोजन की व्यवस्था करने के साथ ही ताहिर फजल को सैन्य सम्मान देते हुए पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
गौर हो कि पुंछ जिले के हिलकाला एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में डेरा डाले पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ सेना ने 2003 में ऑपरेशन सर्प विनाश चलाया था। इसमें ताहिर फजल ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने इस क्षेत्र में पहली एवं सबसे बड़ी ग्राम रक्षा समिति की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। <
इस ग्राम सुरक्षा समिति में 100 से अधिक लोग शामिल थे। ताहिर इनके कमांडर थे। ताहिर को उस दौर में केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वचलित एके राइफल भी मिली हुई थी। इतना ही नहीं ताहिर की पत्नी की अगुवाई में महिलाओं ने भी हथियार चलाना सीखा और आतंकियों के खिलाफ बंदूकें थाम ली थीं।
इससे मड़ा, कुलाली, हिलकाका, दोफल्ली, रंजाटी आदि क्षेत्रों में आतंकियों का सफाया किया गया था। ताहिर फजल को अंतिम विदाई देते हुए 16 राष्ट्रीय राइफल्स के सेकेंड कमान अधिकारी ने आतंकवाद के खिलाफ योगदान में उनकी सराहना की।
आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग देने तथा क्षेत्र में शांति बनाए रखने में स्थानीय गुर्जर-बकरवाल समुदाय की भूमिका को भी सराहा।
