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Rajouri News: डोरिमल-गंभीर मुगला के दुर्गम जंगलों में आतंकियों की तलाश जारी
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डोरीमल-गंभीर मुगला के दुर्गम जंगलों में 18वें दिन भी जारी तलाशी अभियानफोटो स्रोत सेना
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। मंजाकोट क्षेत्र के डोरिमल, गंभीर मुगला और आसपास के घने जंगलों में आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों का अभियान जारी है। भीषण गर्मी, पथरीले और दुर्गम पहाड़ी रास्तों और कांटेदार झाड़ियों से भरे जंगलों में सेना, पैरा कमांडो सीआरपीएफ, पुलिस की एसओजी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां दिन-रात अभियान चला रही हैं। सुरक्षाबलों को अब तक आतंकियों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि क्षेत्र के घने जंगलों में आतंकियों का समूह छिपा हुआ है। इसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया जो पिछले 18 दिनों से जारी है। इस दौरान कई बार संदिग्ध स्थानों और संभावित आतंकी ठिकानों पर मोर्टार और अन्य हथियारों से गोले भी दागे गए।
सुरक्षाबलों ने जंगलों में बने आतंकियों के दो अस्थायी ठिकानों को भी ध्वस्त किया। इनसे कुछ सामान बरामद किया लेकिन किसी भी आतंकी को पकड़ने या मार गिराने में सफलता नहीं मिली। गत दिनों अभियान में शामिल सेना के एक युवा लेफ्टिनेंट ने ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति दे दी।
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उनके बलिदान के बाद भी सुरक्षाबलों का मनोबल कायम है और अभियान पूरी गंभीरता के साथ चल रहा है। सुरक्षाबलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र का कठिन भूगोल है। इसके बावजूद जवान लगातार जंगल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जब तक आतंकियों की मौजूदगी संबंधी सभी आशंकाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हो जातीं, तब तक अभियान जारी रहेगा।
राजोेरी। मंजाकोट क्षेत्र के डोरिमल, गंभीर मुगला और आसपास के घने जंगलों में आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों का अभियान जारी है। भीषण गर्मी, पथरीले और दुर्गम पहाड़ी रास्तों और कांटेदार झाड़ियों से भरे जंगलों में सेना, पैरा कमांडो सीआरपीएफ, पुलिस की एसओजी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां दिन-रात अभियान चला रही हैं। सुरक्षाबलों को अब तक आतंकियों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि क्षेत्र के घने जंगलों में आतंकियों का समूह छिपा हुआ है। इसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया जो पिछले 18 दिनों से जारी है। इस दौरान कई बार संदिग्ध स्थानों और संभावित आतंकी ठिकानों पर मोर्टार और अन्य हथियारों से गोले भी दागे गए।
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सुरक्षाबलों ने जंगलों में बने आतंकियों के दो अस्थायी ठिकानों को भी ध्वस्त किया। इनसे कुछ सामान बरामद किया लेकिन किसी भी आतंकी को पकड़ने या मार गिराने में सफलता नहीं मिली। गत दिनों अभियान में शामिल सेना के एक युवा लेफ्टिनेंट ने ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति दे दी।
उनके बलिदान के बाद भी सुरक्षाबलों का मनोबल कायम है और अभियान पूरी गंभीरता के साथ चल रहा है। सुरक्षाबलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र का कठिन भूगोल है। इसके बावजूद जवान लगातार जंगल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जब तक आतंकियों की मौजूदगी संबंधी सभी आशंकाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हो जातीं, तब तक अभियान जारी रहेगा।