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Rajouri News: राजोरी के सवानी, चटयार और आसपास के क्षेत्रों में अग्निकांड से भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 30 May 2026 02:10 AM IST
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भीषण वन अग्निकांड से राजोरी के सवानी, चटयाड़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान फोटो स्रोत लो
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दो दिन तक धधकते रहे जंगल, वन विभाग व स्थानीय लोगों ने मशक्कत के बाद पाया काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिले के सवानी, चटयार, झल्लास और पुलुलियन क्षेत्रों में भीषण आग ने बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचाया है। आग 28 मई को सुबह 8 बजे लगी थी जिस पर शुक्रवार 29 मई को दोपहर करीब एक बजे काफी हद तक नियंत्रण पाया गया। कुछ दुर्गम इलाकों में अब भी आग की लपटें और धुआं उठने से वन विभाग की टीमें लगातार सतर्क बनी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र सवानी और चटयार रहे जहां जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। आग तेजी से फैलने के कारण कई किलोमीटर तक जंगल धधकता रहा। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के चलते नुकसान का सही आकलन फिलहाल संभव नहीं हो पाया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार भारी मात्रा में वन संपदा, छोटे पौधे और जंगली जीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हुए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, फॉरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के अभियान में जुट गईं। दो दिन तक चले अभियान के दौरान टीमों को तेज गर्मी, धुएं और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। फॉरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स के सहायक निदेशक मसूद अहमद ने बताया कि विभाग की संयुक्त टीमें लगातार आग पर नियंत्रण पाने के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र से आग लगने की सूचना मिलते ही विभाग तुरंत टीमों को रवाना करता है।
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उन्होंने स्थानीय लोगों से भी जंगलों में आग से बचाव के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत विभाग तक पहुंचाने की अपील की। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिले के सवानी, चटयार, झल्लास और पुलुलियन क्षेत्रों में भीषण आग ने बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचाया है। आग 28 मई को सुबह 8 बजे लगी थी जिस पर शुक्रवार 29 मई को दोपहर करीब एक बजे काफी हद तक नियंत्रण पाया गया। कुछ दुर्गम इलाकों में अब भी आग की लपटें और धुआं उठने से वन विभाग की टीमें लगातार सतर्क बनी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र सवानी और चटयार रहे जहां जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। आग तेजी से फैलने के कारण कई किलोमीटर तक जंगल धधकता रहा। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के चलते नुकसान का सही आकलन फिलहाल संभव नहीं हो पाया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार भारी मात्रा में वन संपदा, छोटे पौधे और जंगली जीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हुए हैं।
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घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, फॉरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के अभियान में जुट गईं। दो दिन तक चले अभियान के दौरान टीमों को तेज गर्मी, धुएं और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। फॉरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स के सहायक निदेशक मसूद अहमद ने बताया कि विभाग की संयुक्त टीमें लगातार आग पर नियंत्रण पाने के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र से आग लगने की सूचना मिलते ही विभाग तुरंत टीमों को रवाना करता है।
उन्होंने स्थानीय लोगों से भी जंगलों में आग से बचाव के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत विभाग तक पहुंचाने की अपील की। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

भीषण वन अग्निकांड से राजोरी के सवानी, चटयाड़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान फोटो स्रोत लो