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Rajouri News: कोटरंका बाजार में कूड़ा-कचरा फेंकने पर सख्ती, एडीएम ने जारी किए आदेश
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राजोरी। कोटरंका बाजार में बढ़ती गंदगी, नालों के जाम होने और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) कोटरंका दिल मीर ने सार्वजनिक स्थानों, नालों और सड़कों पर ठोस एवं प्लास्टिक कचरे के अंधाधुंध निस्तारण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि यह देखा गया है कि बाजार के दुकानदार, रेहड़ी-फड़ी संचालक, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा आम लोग पॉलीथिन बैग, प्लास्टिक रैपर, पैकेजिंग सामग्री और अन्य ठोस कचरा सड़क किनारे बने नालों, जल निकासी चैनलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर फेंक रहे हैं। इससे नालों में रुकावट पैदा हो रही है, जिसके कारण विशेषकर बारिश के दौरान जलभराव, अस्वच्छ वातावरण और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंच रहा है।
आदेश के अनुसार यह भी पाया गया है कि बहकर आया कचरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोटरंका के प्रवेश द्वार तथा अंस मेन ब्रिज के समीप मुख्य जल निकासी मार्ग में जमा हो रहा है। इससे सड़क अवरुद्ध होने, आवागमन बाधित होने तथा जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
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इन परिस्थितियों को देखते हुए एडीसी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी नालों, पुलियों, सड़कों, गलियों, खुले स्थानों या जल निकासी चैनलों में कचरा नहीं फेंकेगा। सभी प्रकार के कचरे का निस्तारण केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित कचरा संग्रहण स्थलों पर ही किया जाएगा।
आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तहसीलदार कोटरंका, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कोटरंका, थाना प्रभारी कोटरंका तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही खंड विकास अधिकारी कोटरंका को बाजार क्षेत्र में आवश्यक स्थानों पर पर्याप्त संख्या में कचरा संग्रहण डस्टबिन स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने आम जनता, व्यापारियों और सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे स्वच्छ एवं स्वस्थ कोटरंका के निर्माण में सहयोग करें तथा पर्यावरण संरक्षण और जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्धारित नियमों का पालन करें।
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जारी आदेश में कहा गया है कि यह देखा गया है कि बाजार के दुकानदार, रेहड़ी-फड़ी संचालक, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा आम लोग पॉलीथिन बैग, प्लास्टिक रैपर, पैकेजिंग सामग्री और अन्य ठोस कचरा सड़क किनारे बने नालों, जल निकासी चैनलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर फेंक रहे हैं। इससे नालों में रुकावट पैदा हो रही है, जिसके कारण विशेषकर बारिश के दौरान जलभराव, अस्वच्छ वातावरण और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंच रहा है।
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आदेश के अनुसार यह भी पाया गया है कि बहकर आया कचरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोटरंका के प्रवेश द्वार तथा अंस मेन ब्रिज के समीप मुख्य जल निकासी मार्ग में जमा हो रहा है। इससे सड़क अवरुद्ध होने, आवागमन बाधित होने तथा जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
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इन परिस्थितियों को देखते हुए एडीसी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी नालों, पुलियों, सड़कों, गलियों, खुले स्थानों या जल निकासी चैनलों में कचरा नहीं फेंकेगा। सभी प्रकार के कचरे का निस्तारण केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित कचरा संग्रहण स्थलों पर ही किया जाएगा।
आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तहसीलदार कोटरंका, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कोटरंका, थाना प्रभारी कोटरंका तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही खंड विकास अधिकारी कोटरंका को बाजार क्षेत्र में आवश्यक स्थानों पर पर्याप्त संख्या में कचरा संग्रहण डस्टबिन स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने आम जनता, व्यापारियों और सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे स्वच्छ एवं स्वस्थ कोटरंका के निर्माण में सहयोग करें तथा पर्यावरण संरक्षण और जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्धारित नियमों का पालन करें।