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Rajouri News: जीडीसी में मशरूम की खेती के लिए खाद तैयार करने पर दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Mon, 20 Oct 2025 01:46 AM IST
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राजोेरी कृषि विभाग ने जीडीसी राजोेरी में मशरूम की खेती के लिए खाद तैयार करने पर प्रशिक्षण आयोजि
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राजोरी। कृषि विभाग ने शनिवार को सरकारी डिग्री कॉलेज राजोेरी के छात्रों के लिए मशरूम की खेती के लिए खाद तैयार करना विषय पर रविवार को व्याख्यान और व्यावहारिक सत्र का आयोजन किया।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों की स्थायी कृषि पद्धतियों की समझ को बढ़ाना और मशरूम की खेती में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजोेरी के मुख्य कृषि अधिकारी राजेश वर्मा उपस्थित थे। केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद इशर ने मशरूम की खेती के वैज्ञानिक पहलुओं और आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डाला। सत्र के बाद छात्रों को खाद तैयार करने की तकनीकों को सीखने का अवसर मिला।
एसडीएओ कश्मीर सिंह और एईओ मुरादपुर आफताब भट ने खाद बनाने और मशरूम उत्पादन में क्षेत्र-स्तरीय अनुप्रयोगों और आधुनिक तरीकों पर विशेषज्ञता साझा की। विभाग ने कृषि में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए मशरूम की खेती पर जोर दिया। सत्र का समापन एक संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ। इसमें छात्रों ने कृषि-आधारित स्टार्टअप और टिकाऊ कृषि उद्यमों में गहरी रुचि दिखाई। संवाद
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इस पहल का उद्देश्य छात्रों की स्थायी कृषि पद्धतियों की समझ को बढ़ाना और मशरूम की खेती में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजोेरी के मुख्य कृषि अधिकारी राजेश वर्मा उपस्थित थे। केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद इशर ने मशरूम की खेती के वैज्ञानिक पहलुओं और आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डाला। सत्र के बाद छात्रों को खाद तैयार करने की तकनीकों को सीखने का अवसर मिला।
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एसडीएओ कश्मीर सिंह और एईओ मुरादपुर आफताब भट ने खाद बनाने और मशरूम उत्पादन में क्षेत्र-स्तरीय अनुप्रयोगों और आधुनिक तरीकों पर विशेषज्ञता साझा की। विभाग ने कृषि में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए मशरूम की खेती पर जोर दिया। सत्र का समापन एक संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ। इसमें छात्रों ने कृषि-आधारित स्टार्टअप और टिकाऊ कृषि उद्यमों में गहरी रुचि दिखाई। संवाद