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Rajouri News: राजोेरी में बारिश से कई मकान क्षतिग्रस्त, फसलों को भारी नुकसान
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पहाड़ी इलाकों में भारी तबाही के बाद प्रशासन ने शुरू कराया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरीॉ। सोमवार शाम से लेकर पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश ने जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। तेज बारिश और कई स्थानों पर आए फ्लैश फ्लड के कारण दर्जनों मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि मक्के सहित अन्य खरीफ फसलों को भी व्यापक क्षति हुई है। गरीब परिवारों के घरों में रखा घरेलू सामान पानी और मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
तहसील बुधल के शाहपुर क्षेत्र में काका पुत्र रुसमत तथा मोहम्मद तारिक पुत्र जफर के मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरों में रखा घरेलू सामान भी बारिश और मलबे की वजह से पूरी तरह खराब हो गया। इसके अलावा शाहपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में दर्जनों अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। प्रशासन द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
तहसीलदार कोटरंका साहिल अली शाह ने बताया कि उन्होंने सभी पटवारियों को बड्डाल, बुधल, गब्बर, खवास, ढलेरी, शाहपुर सहित अन्य प्रभावित गांवों का तत्काल दौरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवार के नुकसान का आकलन कर राहत संबंधी फाइलें तैयार की जाएं ताकि सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके।
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उधर थन्नामंडी, मंजाकोट और दरहाल क्षेत्रों से भी कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने तथा कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को तत्काल मौके पर पहुंचकर नुकसान का विस्तृत आकलन करने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इसी प्रकार राजोरी के कोटधारा, मेहरा, नगरोटा तथा अन्य ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं से फसलें गिर जाने के कारण किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। स्थानीय किसानों ने प्राकृतिक आपदा से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और सरकार से तत्काल राहत एवं मुआवजे की मांग की है।
नदी, नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहें
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। वहीं राजस्व विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई युद्धस्तर पर की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरीॉ। सोमवार शाम से लेकर पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश ने जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। तेज बारिश और कई स्थानों पर आए फ्लैश फ्लड के कारण दर्जनों मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि मक्के सहित अन्य खरीफ फसलों को भी व्यापक क्षति हुई है। गरीब परिवारों के घरों में रखा घरेलू सामान पानी और मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
तहसील बुधल के शाहपुर क्षेत्र में काका पुत्र रुसमत तथा मोहम्मद तारिक पुत्र जफर के मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरों में रखा घरेलू सामान भी बारिश और मलबे की वजह से पूरी तरह खराब हो गया। इसके अलावा शाहपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में दर्जनों अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। प्रशासन द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
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तहसीलदार कोटरंका साहिल अली शाह ने बताया कि उन्होंने सभी पटवारियों को बड्डाल, बुधल, गब्बर, खवास, ढलेरी, शाहपुर सहित अन्य प्रभावित गांवों का तत्काल दौरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवार के नुकसान का आकलन कर राहत संबंधी फाइलें तैयार की जाएं ताकि सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके।
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उधर थन्नामंडी, मंजाकोट और दरहाल क्षेत्रों से भी कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने तथा कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को तत्काल मौके पर पहुंचकर नुकसान का विस्तृत आकलन करने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इसी प्रकार राजोरी के कोटधारा, मेहरा, नगरोटा तथा अन्य ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं से फसलें गिर जाने के कारण किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। स्थानीय किसानों ने प्राकृतिक आपदा से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और सरकार से तत्काल राहत एवं मुआवजे की मांग की है।
नदी, नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहें
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। वहीं राजस्व विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई युद्धस्तर पर की जा रही है।