लंबा इंतजार खत्म: आजादी के पर्व पर खुली सुंगल टनल, अब जम्मू का सफर होगा आसान और तेज
स्वतंत्रता दिवस पर राजोरी-पुंछ को बड़ी सौगात मिली और करीब 2.79 किलोमीटर लंबी सुंगल टनल को छोटे व हल्के वाहनों के लिए आम यातायात हेतु खोल दिया गया।
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राजोरी-पुंछ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। दोनों सीमावर्ती जिलों को जम्मू से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सुंगल टनल को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आम यातायात के लिए खोल दिया गया।
फिलहाल टनल को केवल छोटे और हल्के वाहनों के लिए सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक खोला गया है। रात आठ बजे के बाद वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। भारी वाहन, बस और मालवाहक वाहन अभी पुराने मार्ग से ही गुजरेंगे। टनल में कुछ निर्माण और फिनिशिंग का काम जारी होने के कारण यातायात को सीमित रखा गया है। बीआरओ की 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स और 57 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी के तहत तैयार की गई सुंगल टनल करीब 2.79 किलोमीटर लंबी है।
यह जम्मू-पुंछ मार्ग पर कालिधार रेंज के कठिन हिस्से को बाईपास करती है। टनल के शुरू होने से यात्रा की दूरी करीब 11 से 13 किलोमीटर तक कम होने और समय में करीब आधे से पौने घंटे की बचत होने की उम्मीद है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 600 करोड़ है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से निर्मित इस टनल के खुलने पर राजोरी, सुंदरबनी सहित आसपास के इलाकों से लोगों ने लड्डू बांटकर खुशी मनाई। राजोरी के लोगों ने कहा कि इस टनल के खुलने से राजोरी, पुंछ, नौशेरा, सुंदरबनी और रियासी के आसपास के क्षेत्रों की जम्मू से कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलेगा। सुंदरबनी के पूर्व डीडीसी चेयरमैन अरुण कुमार शर्मा भी टनल पर पहुंचे।
लोगों ने प्रदर्शन कर उठाई थी टनल खोलने की मांग
टनल को जल्द खोलने की मांग को लेकर पिछले दिनों राजोरी क्षेत्र में लोगों ने प्रदर्शन भी किए थे। पूर्व डीडीसी चेयरमैन सुंदरबनी और पूर्व डीडीसी चेयरमैन राजोरी नसीम लियाकत की अगुवाई में लोगों ने टनल के उत्तरी पोर्टल पर प्रदर्शन कर प्रशासन और बीआरओ से इसे जल्द आम जनता के लिए खोलने की मांग की थी। पहले टनल को 22 अगस्त के आसपास आम यातायात के लिए खोलने की बात सामने आई थी, लेकिन बीआरओ ने स्वतंत्रता दिवस पर ही इसे सीमित यातायात के लिए खोल दिया। इससे लोगों को निर्धारित समय से पहले राहत मिल गई।
बूढ़ा अमरनाथ यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मिलेगा लाभ
सुंगल टनल के खुलने से बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी। माना जा रहा है कि यात्रा को देखते हुए टनल को निर्धारित समय से पहले सीमित यातायात के लिए खोला गया है। टनल के दोनों ओर मुख्य द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है। अधिक ऊंचाई वाले वाहनों, विशेषकर बसों और ट्रकों को फिलहाल टनल से गुजरने की अनुमति नहीं है। रात आठ बजे के बाद आपात स्थिति में एंबुलेंस को 24 घंटे आवाजाही की अनुमति रहेगी। टनल के खुलने से भांबला से जम्मू जाने वाले यात्रियों का करीब 15 किलोमीटर सफर कम होने की उम्मीद है। पहले इस दूरी को तय करने में करीब दो घंटे लगते थे, जबकि अब करीब डेढ़ घंटे में सफर पूरा होने की संभावना है।