Kashmir: 370 पर फिर गरमाई सियासत! महबूबा मुफ्ती का कैंडल मार्च, पुलिस ने बीच रास्ते रोका तो धरने पर बैठीं
महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने की पूर्व संध्या पर श्रीनगर में कैंडल मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने रोक दिया तो वह समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के सात वर्ष पूरे होने की पूर्व संध्या पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को श्रीनगर में एक कैंडल लाइट मार्च का नेतृत्व किया।
मंगलवार शाम बड़ी संख्या में पीडीपी नेता और कार्यकर्ता शेर-ए-कश्मीर पार्क के पास पार्टी मुख्यालय पर एकत्र हुए और शहर के केंद्र लाल चौक की ओर कैंडल मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद पीडीपी अध्यक्ष अपने सहयोगियों के साथ पार्टी कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गईं।
प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती ने अपने हाथों में देश का तिरंगा और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य का आधिकारिक झंडा ले रखा था। पीडीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां थामकर अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली के समर्थन में नारेबाजी की।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने 4 अगस्त की रात को जम्मू-कश्मीर के इतिहास की 'सबसे काली रात' करार दिया। उन्होंने कहा कि इसी रात साजिश रचकर अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अनुच्छेद हमें पाकिस्तान या चीन ने नहीं, बल्कि इस देश के संविधान ने दिया था।
भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा, सम्मान, जमीन और नौकरियों का संरक्षण करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को कुचलने की शुरुआत कश्मीर से की गई थी, जो अब पूरे देश में देखने को मिल रही है।
महबूबा मुफ्ती ने एलान किया कि उनकी पार्टी और जम्मू-कश्मीर के लोग कश्मीर मुद्दे के समाधान, अनुच्छेद 370 की बहाली और कैदियों की रिहाई के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर हालात सुधरे हैं तो सेना को बैरकों में वापस भेजा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार व्यापार और रास्तों को फिर से खोलने की भी मांग की।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.