Leh-Ladakh: लद्दाख में दैनिक वेतनभोगियों के लिए लंबित वेतन युक्तीकरण सुधार को मंजूरी, श्रमिकों की बढ़ेगी आमदनी
लद्दाख प्रशासन ने दैनिक वेतनभोगियों, अंशकालिक और मौसमी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से लंबित वेतन युक्तीकरण सुधार को मंजूरी दे दी है। नए ढांचे के तहत कुशल और अकुशल कर्मचारियों को 575 रुपये और 450 रुपये प्रतिदिन वेतन दिया जाएगा जो सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजा जाएगा।
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उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेन ने लद्दाख प्रशासन की तरफ से नियुक्त दैनिक वेतनभोगियों, अंशकालिक और मौसमी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से लंबित वेतन युक्तीकरण सुधार को मंजूरी दे दी है। इस सुधार से लद्दाख भर में हजारों श्रमिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें से कई पिछले एक दशक से 300 से 500 रुपये मासिक वेतन पर कार्य कर रहे थे। उपराज्यपाल ने निर्देश दिया है कि 17 मार्च 2015 के बाद नियुक्त पात्र कर्मचारियों को भारत सरकार के न्यूनतम वेतन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार भुगतान किया जाए।
संशोधित वेतन ढांचे के तहत कर्मचारियों को “कुशल” और “अकुशल” श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। कुशल कर्मचारियों को 575 रुपये प्रतिदिन तथा अकुशल कर्मचारियों को 450 रुपये प्रतिदिन वेतन दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार भुगतान कार्य के घंटे और कार्य की प्रकृति के आधार पर प्रो-राटा प्रणाली के तहत किया जाएगा। इस निर्णय से सफाईकर्मी, माली और अन्य कार्यों में लगे श्रमिकों सहित स्थानीय निवासियों और प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है जो केंद्र शासित प्रदेश के दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों में कार्यरत हैं।यह निर्णय विभिन्न विभागों के दैनिक वेतनभोगियों द्वारा न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग को लेकर दिए गए अनेक ज्ञापनों के बाद लिया गया।
मामले का संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल ने विभागों को कर्मचारियों के नियुक्ति रिकॉर्ड, कार्य घंटे और आधार से जुड़े बैंक खातों सहित विस्तृत सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। विभागों को 20 दिनों के भीतर सत्यापित विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि संशोधित वेतन सीधे लाभ अंतरण के माध्यम से कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल वेतन युक्तीकरण के लिए है और इसे सेवाओं के नियमितीकरण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
हड़ताल के दौरान जरूरी दवाओं की आपूर्ति न रुके : डीएफएसओ
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की 20 मई को राष्ट्रव्यापी बंद की कॉल के मद्देनजर ड्रग्स एंड फूड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (डीएफएसओ) जम्मू-कश्मीर ने शनिवार को एडवाइजरी जारी कर दी है। विभाग ने साफ किया है कि बंद के दौरान जरूरी और जान बचाने वाली दवाओं की सप्लाई किसी भी सूरत में नहीं रुकने दी जाएगी।
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने ऑनलाइन दवा बिक्री और केमिस्टों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर 20 मई को देशभर में बंद का आह्वान किया है। प्रदेश में भी केमिस्ट संगठन इस बंद में शामिल होंगे। ड्रग्स एंड फूड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने बताया कि बंद के दौरान आम लोगों की सेहत और दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
फील्ड स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों, इमरजेंसी फार्मेसी, होलसेलर्स और जिला प्रशासन के साथ तालमेल बनाया जा रहा है। डायबिटीज, बीपी, अस्थमा, दिल, मिर्गी, कैंसर जैसे रोगों से पीड़ित मरीज 20 मई के लिए अपनी रेगुलर दवाएं पहले ही खरीद लें। इंसुलिन, इनहेलर, बच्चों की दवाएं और लाइफ सेविंग ड्रग्स जरूरत के हिसाब से पहले से अरेंज कर लें। मेडिकल इमरजेंसी होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। केमिस्ट और ड्रगिस्ट बंद में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल हों, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित न करें। जरूरत पड़ने पर जान बचाने वाली दवाएं मरीजों को जरूर दें।
सोशल मीडिया पर अफवाह या गलत जानकारी न फैलाएं। विभाग के सभी अधिकारियों को जरूरी दवाओं की उपलब्धता पर नजर रखने को कहा गया है। हेड ऑफिस में हेल्पलाइन बनाई गई है जहां रियल टाइम रिपोर्ट देनी होगी। पुलिस से भी कहा गया है कि जबरन दुकान बंद कराने, धमकाने या अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखे और कानून व्यवस्था बनाए रखे।