Jammu Kashmir: पीओजेके विस्थापितों का जम्मू में प्रदर्शन, पाकिस्तान के खिलाफ उठी आवाज, भारत में विलय की मांग
पीओजेके से विस्थापित लोगों ने जम्मू में प्रदर्शन कर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए और क्षेत्र में अत्याचारों का विरोध किया।
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पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) से विस्थापित लोगों ने शुक्रवार को जम्मू में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सेना पर क्षेत्र के लोगों के साथ अत्याचार करने का आरोप लगाते हुए भारत सरकार से पीओजेके को मुक्त कराने और भारत में शामिल करने की मांग की।
यह प्रदर्शन पीओजेके विस्थापित लोगों के हितों के लिए काम करने वाले संगठन एसओएस इंटरनेशनल के बैनर तले आयोजित किया गया। संगठन के चेयरमैन राजीव चुनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर पाकिस्तान और उसकी सैन्य नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए।
राजीव चुनी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने पीओजेके के लोगों के साथ लंबे समय से दमन और शोषण किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस क्षेत्र को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराने के लिए कदम उठाए और इसे भारत का हिस्सा बनाने की दिशा में कार्य करे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग अब पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करते। चुनी ने सवाल उठाया कि अगर पीओजेके वास्तव में एक स्वतंत्र क्षेत्र है तो वहां पाकिस्तान की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां चुनाव क्यों लड़ती हैं और स्थानीय लोगों को अपने भविष्य का फैसला करने का पूरा अधिकार क्यों नहीं दिया जाता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान पीओजेके के प्राकृतिक संसाधनों जैसे पानी, बिजली, पर्यटन और खनिजों का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि स्थानीय लोगों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है और कई परिवारों को मजबूरी में पलायन करना पड़ा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पीओजेके से विस्थापित परिवार अपने पैतृक घरों में वापस लौटना चाहते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर समर्थन देने और विस्थापित लोगों के अधिकारों के लिए कदम उठाने की मांग दोहराई।