J&K: उल्लास योजना के तहत जम्मू-कश्मीर बना पूर्ण साक्षर केंद्रशासित प्रदेश, 99.09% सफलता के साथ रची नई उपलब्धि
जम्मू-कश्मीर ने केंद्र सरकार की उल्लास (नव भारत साक्षरता) योजना के तहत 99.09 प्रतिशत सफलता के साथ पूर्ण साक्षर केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा हासिल कर लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल करते हुए केंद्र सरकार की उल्लास योजना के तहत पूर्ण साक्षर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में जगह बना ली है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि जम्मू-कश्मीर ने 99.09 प्रतिशत सफलता के साथ यह लक्ष्य हासिल किया है। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी आबादी वाला क्षेत्र होने के बावजूद यह उपलब्धि हासिल करना अपने आप में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
शिक्षकों और अधिकारियों को दी बधाई
मनोज सिन्हा ने इस उपलब्धि के लिए शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और इस अभियान से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
क्या है उल्लास योजना?
उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केंद्र सरकार की एक प्रायोजित योजना है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप शुरू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों को साक्षर बनाना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए थे।
इस योजना के तहत वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ-साथ उन्हें जीवनोपयोगी शिक्षा और आवश्यक कौशल से भी जोड़ा जाता है। जम्मू-कश्मीर का पूर्ण साक्षरता की श्रेणी में शामिल होना शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।