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Srinagar News: ईओडब्ल्यू ने कोविड काल के धोखाधड़ी मामले में दी दबिश, घरों की तलाशी ली
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श्रीनगर। क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने वीरवार को श्रीनगर और बडगाम जिलों में कई जगहों पर घरों की तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि यह तलाशी कोविड-काल के दौरान खरीद में हुई धोखाधड़ी के एक मामले के सिलसिले में की गई जिसमें कथित तौर पर बड़ी रकम की हेराफेरी की गई थी।
यह तलाशी पुलिस स्टेशन इकोनॉमिक ऑफेंस विंग श्रीनगर में दर्ज एफआईआर के तहत की गई । यह मामला मेसर्ज संजय ट्रेडिंग कंपनी नजफगढ़, नई दिल्ली द्वारा दायर एक लिखित शिकायत से जुड़ा है। कंपनी के मालिक संजय कुमार साहू ने शिकायत में आरोप लगाया है कि दो व्यक्तियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान मेडिकल सप्लाई की व्यवस्था करने के बहाने कंपनी को धोखा दिया।
अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान पीरबाग श्रीनगर के रहने वाले इमाद मुजफ्फर मखदूमी उर्फ इमरान शाह और सनत नगर श्रीनगर के रहने वाले विकार अहमद भट के रूप में हुई है। इन पर कथित तौर पर धोखाधड़ी भरे तरीकों का इस्तेमाल करके बड़ी रकम हड़पने का आरोप है।
शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कई स्रोतों से पैसे हासिल किए जिसमें डीसी अनंतनाग के कार्यालय से भेजी गई पेमेंट भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) श्रीनगर से भी करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने की कोशिश की।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों का वेष धारण किया। उन्होंने खुद को प्रतिनिधि और ''''ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (सप्लाई)'''' बताकर पेश किया और विभिन्न सरकारी विभागों व संस्थानों के नाम पर फर्जी आवंटन आदेश जारी किए। उन्होंने शिकायतकर्ता की कंपनी के नाम पर फर्जी ईमेल आईडी बनाई और पेमेंट को दूसरी जगह भेजने के लिए धोखाधड़ी वाले बैंक खाते खोले। अधिकारी ने बताया कि वीरवार को की गई तलाशी का मकसद मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा करना था जिसमें डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।
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यह तलाशी पुलिस स्टेशन इकोनॉमिक ऑफेंस विंग श्रीनगर में दर्ज एफआईआर के तहत की गई । यह मामला मेसर्ज संजय ट्रेडिंग कंपनी नजफगढ़, नई दिल्ली द्वारा दायर एक लिखित शिकायत से जुड़ा है। कंपनी के मालिक संजय कुमार साहू ने शिकायत में आरोप लगाया है कि दो व्यक्तियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान मेडिकल सप्लाई की व्यवस्था करने के बहाने कंपनी को धोखा दिया।
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अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान पीरबाग श्रीनगर के रहने वाले इमाद मुजफ्फर मखदूमी उर्फ इमरान शाह और सनत नगर श्रीनगर के रहने वाले विकार अहमद भट के रूप में हुई है। इन पर कथित तौर पर धोखाधड़ी भरे तरीकों का इस्तेमाल करके बड़ी रकम हड़पने का आरोप है।
शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कई स्रोतों से पैसे हासिल किए जिसमें डीसी अनंतनाग के कार्यालय से भेजी गई पेमेंट भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) श्रीनगर से भी करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने की कोशिश की।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों का वेष धारण किया। उन्होंने खुद को प्रतिनिधि और ''''ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (सप्लाई)'''' बताकर पेश किया और विभिन्न सरकारी विभागों व संस्थानों के नाम पर फर्जी आवंटन आदेश जारी किए। उन्होंने शिकायतकर्ता की कंपनी के नाम पर फर्जी ईमेल आईडी बनाई और पेमेंट को दूसरी जगह भेजने के लिए धोखाधड़ी वाले बैंक खाते खोले। अधिकारी ने बताया कि वीरवार को की गई तलाशी का मकसद मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा करना था जिसमें डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।