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Srinagar News: जावेद डार ने जावूरा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का किया दौरा
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- किसानों की मदद और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च आधारित तरीकों पर जोर दिया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, सहकारिता और चुनाव विभाग के मंत्री जावेद अहमद डार ने सोमवार को जावूरा में बागवानी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का दौरा किया। उन्होंने यहां के कामकाज की समीक्षा की और कश्मीर घाटी में बागवानी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे तकनीकी उपायों का जायजा लिया।
मंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और फसलों की पैदावार और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लागू की जा रही आधुनिक तकनीकों और नए तरीकों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों की मदद करने और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उन्नत बागवानी तकनीकों को अपनाने और रिसर्च-आधारित तरीकों को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
घाटी की पारंपरिक बागवानी फसलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि अखरोट और बादाम की स्थानीय किस्मों को बचाने और बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के हालात में इन फसलों में काफी संभावनाएं हैं और ये इस क्षेत्र की बागवानी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
मंत्री ने विभाग को यह भी निर्देश दिया कि किसानों के बीच उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री और आधुनिक बागवानी तरीकों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि वे बेहतर पैदावार और बाजार के बेहतर अवसरों का लाभ उठा सकें।
बागवानी निदेशक कश्मीर विकास आनंद ने मंत्री को इस क्षेत्र में फलों की खेती को बढ़ावा देने और बागवानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभाग की ओर से की गई पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जावूरा स्थित सीओई किसानों को अखरोट, बादाम और अन्य फलों के पौधों की उच्च गुणवत्ता वाली किस्में उपलब्ध करा रहा है जिसका उद्देश्य पैदावार बढ़ाना और गुणवत्ता के उच्च मानकों को बनाए रखना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, सहकारिता और चुनाव विभाग के मंत्री जावेद अहमद डार ने सोमवार को जावूरा में बागवानी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का दौरा किया। उन्होंने यहां के कामकाज की समीक्षा की और कश्मीर घाटी में बागवानी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे तकनीकी उपायों का जायजा लिया।
मंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और फसलों की पैदावार और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लागू की जा रही आधुनिक तकनीकों और नए तरीकों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों की मदद करने और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उन्नत बागवानी तकनीकों को अपनाने और रिसर्च-आधारित तरीकों को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
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घाटी की पारंपरिक बागवानी फसलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि अखरोट और बादाम की स्थानीय किस्मों को बचाने और बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के हालात में इन फसलों में काफी संभावनाएं हैं और ये इस क्षेत्र की बागवानी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
मंत्री ने विभाग को यह भी निर्देश दिया कि किसानों के बीच उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री और आधुनिक बागवानी तरीकों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि वे बेहतर पैदावार और बाजार के बेहतर अवसरों का लाभ उठा सकें।
बागवानी निदेशक कश्मीर विकास आनंद ने मंत्री को इस क्षेत्र में फलों की खेती को बढ़ावा देने और बागवानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभाग की ओर से की गई पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जावूरा स्थित सीओई किसानों को अखरोट, बादाम और अन्य फलों के पौधों की उच्च गुणवत्ता वाली किस्में उपलब्ध करा रहा है जिसका उद्देश्य पैदावार बढ़ाना और गुणवत्ता के उच्च मानकों को बनाए रखना है।