{"_id":"6a1e8285b80e3a508e0461f7","slug":"mehbooba-seeks-united-outreach-to-centre-for-resumption-of-dialogue-on-issues-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kashmir: लद्दाख मॉडल का हवाला देकर महबूबा मुफ्ती ने मांगा संवाद का रास्ता, सभी दलों से एकजुट होने की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kashmir: लद्दाख मॉडल का हवाला देकर महबूबा मुफ्ती ने मांगा संवाद का रास्ता, सभी दलों से एकजुट होने की अपील
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: Nikita Gupta
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:43 PM IST
विज्ञापन
सार
महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों से केंद्र सरकार के साथ बातचीत बहाल करने के लिए संयुक्त पहल करने की अपील की है।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती
- फोटो : बसित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे एक साथ आकर केंद्र सरकार के साथ क्षेत्र के मुद्दों पर फिर से संवाद शुरू करने के लिए संयुक्त प्रयास करें।
महबूबा मुफ्ती ने इस संबंध में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के संवैधानिक अधिकारों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र के साथ रचनात्मक बातचीत बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपने पत्र में उन्होंने हाल ही में लद्दाख में हुए राजनीतिक विकास का भी उल्लेख किया और कहा कि वहां लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने केंद्र के साथ बातचीत से सकारात्मक परिणाम हासिल किए हैं, जो यह साबित करता है कि बातचीत ही आगे बढ़ने का सही रास्ता है।
Trending Videos
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने मतभेदों को पीछे रखकर एक साझा मंच बनाना चाहिए ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष जम्मू-कश्मीर के मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखा जा सके।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से आग्रह किया कि वे सभी हितधारकों की एक बैठक बुलाएं और इस प्रक्रिया की शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में राजनीतिक दलों के बीच सहयोग जरूरी है, क्योंकि आपसी मतभेदों ने अब तक क्षेत्र के हितों को नुकसान पहुंचाया है।
महबूबा मुफ्ती ने जोर देकर कहा कि यह प्रयास किसी राजनीतिक श्रेय के लिए नहीं बल्कि जनता के हित में होना चाहिए, ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को बहाल किया जा सके।