'हमारे भविष्य से मत खेल': डेलीवेजर्स और बच्चों ने श्रीनगर में किया प्रदर्शन, सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में डेलीवेजर्स ने बच्चों के साथ प्रदर्शन कर नियमितीकरण और न्यूनतम वेतनमान की मांग की, जबकि बच्चे हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर 'हमारे भविष्य से मत खेलो' के नारे लगा रहे थे।
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डेलीवेजर्स ने नियमित करने और न्यूनतम वेतनमान की मांग के लिए वीरवार को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में प्रदर्शन किया। उनके साथ उनके बच्चे भी स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए थे। बच्चों ने भी सीएम साहब हमारे भविष्य में मत खेलो के नारे लगाए।
प्रदर्शन की घोषणा के बाद से ही वीरवार सुबह से पार्क के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। सुबह करीब 11 बजे से यहां डेलीवेजर्स ने जमा होना शुरू किया। कुछ लोगों ने पार्क के बाहर प्रदर्शन करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें निरोधात्मक अभिरक्षा में ले लिया। इस दौरान डेलीवेजर्स नारे लगाते रहे। इसके बाद सभी शेर-ए-कश्मीर पार्क के अंदर चले गए और जनसभा की। इस दौरान बच्चों को सबसे आगे बैठाया गया था। उनके हाथों में हम पढ़ना चाहते हैं प्रदर्शन करना नहीं, आदि स्लोगन लिखी तख्तियां थीं।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारें पहले भी चलती थीं लेकिन उमर अब्दुल्ला की सरकार में युवा सड़कों पर क्यों आ रहे हैं। उन्हें इस ओर ध्यान देना चाहिए। हजारों लोग पहले ही आरजी नौकरियों से नुकसान उठा चुके हैं अब हम नहीं चाहते कि हमारी युवा पीढ़ी भी बर्बाद हो। मुख्यमंत्री से हमारा एक ही अनुरोध है कि हमारे मुद्दों को हल करें। हम काफी तंग आ चुके हैं। अगर मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की नियमितकरण पॉलिसी का एलान किया है तो इसे स्पष्ट करें कि यह पॉलिसी आखिर क्या है, ताकि हमारे सामने भी बात साफ हो और हमारे संदेह दूर हो सकें।
सरकार पहले यह स्पष्ट करे कि क्या इस पॉलिसी में सिर्फ वेतन में बढ़ोतरी है या फिर फिक्स्ड वेतन लागू करने की बात है। क्या इस पॉलिसी में वे सभी लाभ इन कर्मियों को भी दिए जाएंगे जो दूसरे सरकारी कर्मचारियों को मिलते हैं। जो लोग पहले ही रिटायर हो चुके हैं या जो होने वाले हैं उनके साथ क्या होगा।
16 को एनसी मुख्यालय के सामने करेंगे प्रदर्शन :
उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को सभी आरजी कर्मचारी श्रीनगर के एनसी मुख्यालय नवा ए सुबह के सामने खड़े होकर प्रदर्शन करेंगे और इन सवालों के जवाब मांगेंगे जिन्हें जानना उनका हक है। हमने सरकार को इतना बड़ा बहुमत दिया है। अगर वे आज हमारे मुद्दे हल नहीं करेगी तो फिर कब करेगी। सरकार ने जो वादे कर जनता से वोट लिए हैं अब उन्हें पूरे करने चाहिए।
आशा वर्करों ने की न्यूनतम वेतन देने की मांग
श्रीनगर में मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा वर्करों) ने वीरवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। उन्होंने न्यूनतम वेतन अधिनियम को तुरंत लागू करने की मांग की और नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के खिलाफ नारे लगाए। शहर में बड़ी संख्या में एकत्रित आशा वर्कर्स ने अपनी अपर्याप्त मानदेय और वैधानिक वेतन सुरक्षा में देरी पर गहरी नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें न्यूनतम वेतन अधिनियम के दायरे में लाया जाए और सरकारी मानदंडों के अनुसार उचित पारिश्रमिक दिया जाए। पोस्टर और नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे वर्षों से जमीनी स्तर पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं लेकिन अभी भी आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रही हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह सार्वजनिक स्वास्थ्य पहुंच को मजबूत करने में उनके योगदान को मान्यता दे और उनकी मांगों को बिना किसी देरी के पूरा करे।