{"_id":"69addd5d6771a3d7a3011a40","slug":"shopian-horticulture-dept-high-density-apple-farming-srinagar-news-c-10-lko1027-853372-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: शोपियां में उच्च घनत्व सेब उत्पादन पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: शोपियां में उच्च घनत्व सेब उत्पादन पर जोर
विज्ञापन
विज्ञापन
- कैपेक्स कार्यक्रम के तहत हॉर्टिकल्चर विभाग ने उठाए कई अहम कदम
para_count-0
para_count-0 संवाद न्यूज एजेंसी para_count-0
para_count-0 शोपियां। हॉर्टिकल्चर विभाग ने शोपियां में सेब के उच्च घनत्व उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कैपेक्स कार्यक्रम के तहत कई कदम उठाए हैं। अधिकारियों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के दौरान विभाग ने जिले में बाग की प्रोडक्टिविटी और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई बढ़ाने और एडवांस्ड प्लांटेशन टेक्नोलॉजी अपनाने के साथ-साथ फार्म मॉडर्नाइजेशन और मैकेनाइजेशन की तरफ कोशिशें तेज कर दी हैं। para_count-0
para_count-1
para_count-1 कैपेक्स प्रोग्राम के तहत विभाग ने बागवानों के बीच छह पावर टिलर, 25 पावर वीडर और 95 मोटर पावर स्प्रेयर बांटकर फार्म मैकेनाइजेशन को काफी बढ़ावा दिया। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के तहत सात ब्रश कटर, 12 पावर ऑपरेटेड स्प्रेयर, सात पावर वीडर, दो इरिगेशन पंप और दूसरे इक्विपमेंट बांटकर मैकेनाइजेशन में और मदद दी गई। para_count-1
para_count-2 होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रोजेक्ट पी9-फार्म मैकेनाइजेशन के जरिए एक बड़ा कदम उठाते हुए तीन पावर टिलर, एक ट्रैक्टर ऑपरेटेड स्प्रेयर, 22 ब्रश कटर, 10 पावर ऑपरेटेड स्प्रेयर, 29 पावर वीडर, 15 इरिगेशन पंप सेट, दो मिनी ट्रैक्टर, दो व्हील वाले ब्रश कटर बांटे गए। प्रोजेक्ट पी13- इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड सिस्टम) के तहत 71 वर्मी बेड बांटे गए और 80 बेनिफिशियरी को फ्रूट प्लांट सपोर्ट के तहत कवर किया गया। para_count-2
para_count-3
para_count-3
para_count-3
para_count-3 जिले में 1.25 हेक्टेयर जमीन में हाई डेंसिटी प्लांटेशन किया गया। पीडीएमसी (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) के तहत, ड्रिप इरिगेशन के जरिए माइक्रो इरिगेशन ने 7 हेक्टेयर ज़मीन को कवर किया और ट्यूबवेल का कंस्ट्रक्शन पानी के इस्तेमाल की एफिशिएंसी और रिसोर्स कंजर्वेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है। एटीएमए के तहत कैपेसिटी बिल्डिंग एक प्रायोरिटी बनी रही, जहा 430 किसानों को ट्रेनिंग प्रोग्राम, एक्सपोजर विजिट और संबंधित सेक्टर में डेमोस्ट्रेशन से फायदा मिला।
para_count-3
Trending Videos
para_count-0
para_count-0
para_count-0 संवाद न्यूज एजेंसी para_count-0
para_count-0 शोपियां। हॉर्टिकल्चर विभाग ने शोपियां में सेब के उच्च घनत्व उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कैपेक्स कार्यक्रम के तहत कई कदम उठाए हैं। अधिकारियों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के दौरान विभाग ने जिले में बाग की प्रोडक्टिविटी और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई बढ़ाने और एडवांस्ड प्लांटेशन टेक्नोलॉजी अपनाने के साथ-साथ फार्म मॉडर्नाइजेशन और मैकेनाइजेशन की तरफ कोशिशें तेज कर दी हैं। para_count-0
para_count-1
para_count-1 कैपेक्स प्रोग्राम के तहत विभाग ने बागवानों के बीच छह पावर टिलर, 25 पावर वीडर और 95 मोटर पावर स्प्रेयर बांटकर फार्म मैकेनाइजेशन को काफी बढ़ावा दिया। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के तहत सात ब्रश कटर, 12 पावर ऑपरेटेड स्प्रेयर, सात पावर वीडर, दो इरिगेशन पंप और दूसरे इक्विपमेंट बांटकर मैकेनाइजेशन में और मदद दी गई। para_count-1
विज्ञापन
विज्ञापन
para_count-2 होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रोजेक्ट पी9-फार्म मैकेनाइजेशन के जरिए एक बड़ा कदम उठाते हुए तीन पावर टिलर, एक ट्रैक्टर ऑपरेटेड स्प्रेयर, 22 ब्रश कटर, 10 पावर ऑपरेटेड स्प्रेयर, 29 पावर वीडर, 15 इरिगेशन पंप सेट, दो मिनी ट्रैक्टर, दो व्हील वाले ब्रश कटर बांटे गए। प्रोजेक्ट पी13- इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड सिस्टम) के तहत 71 वर्मी बेड बांटे गए और 80 बेनिफिशियरी को फ्रूट प्लांट सपोर्ट के तहत कवर किया गया। para_count-2
para_count-3
para_count-3
para_count-3
para_count-3 जिले में 1.25 हेक्टेयर जमीन में हाई डेंसिटी प्लांटेशन किया गया। पीडीएमसी (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) के तहत, ड्रिप इरिगेशन के जरिए माइक्रो इरिगेशन ने 7 हेक्टेयर ज़मीन को कवर किया और ट्यूबवेल का कंस्ट्रक्शन पानी के इस्तेमाल की एफिशिएंसी और रिसोर्स कंजर्वेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है। एटीएमए के तहत कैपेसिटी बिल्डिंग एक प्रायोरिटी बनी रही, जहा 430 किसानों को ट्रेनिंग प्रोग्राम, एक्सपोजर विजिट और संबंधित सेक्टर में डेमोस्ट्रेशन से फायदा मिला।