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Srinagar News: नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा लाभ देने की मांग
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शोपियां में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन। संवाद
- फोटो : छदामीलाल जैन मंदिर में प्रवचन देते जैन मुनि सौभाग्य सागर महाराज। संवाद
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- आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन ने शोपियां के डीडीसी को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन जम्मू-कश्मीर की जिला इकाई ने जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) को ज्ञापन सौंपकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के कल्याण और सेवा शर्तों से जुड़ी लंबे समय से लंबित मांगों को उठाया।
ज्ञापन में कहा गया कि आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स आईसीडीएस और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रमों के तहत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। यूनियन ने सरकार से उनके भविष्य को सुरक्षित करने और कामकाजी हालात बेहतर बनाने के लिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की। यूनियन ने ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं जिनमें आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को नियमित किया जाए।
इसके अलावा नियमितीकरण लंबित रहने तक 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार 26 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए, इन्हें न्यूनतम वेतन ढांचे में शामिल कर 9,330 प्रतिमाह वेतन सुनिश्चित किया जाए, मानदेय के समय पर भुगतान की नीति बने। अभी कार्यकर्ताओं को कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। पल्स पोलियो अभियान में भाग लेने वाली वर्कर्स और हेल्पर्स के बकाया भुगतान तुरंत जारी किए जाएं। पेंशन, ग्रेच्युटी और मेडिकल प्रतिपूर्ति सहित व्यापक सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं।
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इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया गया, आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की सेवानिवृत्ति आयु को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के पैटर्न पर बढ़ाया जाए। वहीं ज्ञापन की प्रतियां मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी शोपियां को भी सूचनार्थ और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। यूनियन ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और जिले भर में कार्यरत हजारों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के हितों की रक्षा के लिए जल्द कदम उठाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन जम्मू-कश्मीर की जिला इकाई ने जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) को ज्ञापन सौंपकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के कल्याण और सेवा शर्तों से जुड़ी लंबे समय से लंबित मांगों को उठाया।
ज्ञापन में कहा गया कि आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स आईसीडीएस और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रमों के तहत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। यूनियन ने सरकार से उनके भविष्य को सुरक्षित करने और कामकाजी हालात बेहतर बनाने के लिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की। यूनियन ने ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं जिनमें आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को नियमित किया जाए।
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इसके अलावा नियमितीकरण लंबित रहने तक 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार 26 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए, इन्हें न्यूनतम वेतन ढांचे में शामिल कर 9,330 प्रतिमाह वेतन सुनिश्चित किया जाए, मानदेय के समय पर भुगतान की नीति बने। अभी कार्यकर्ताओं को कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। पल्स पोलियो अभियान में भाग लेने वाली वर्कर्स और हेल्पर्स के बकाया भुगतान तुरंत जारी किए जाएं। पेंशन, ग्रेच्युटी और मेडिकल प्रतिपूर्ति सहित व्यापक सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं।
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इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया गया, आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की सेवानिवृत्ति आयु को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के पैटर्न पर बढ़ाया जाए। वहीं ज्ञापन की प्रतियां मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी शोपियां को भी सूचनार्थ और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। यूनियन ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और जिले भर में कार्यरत हजारों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के हितों की रक्षा के लिए जल्द कदम उठाएगी।