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Srinagar News: श्रीनगर में सजी हुनर और आत्मनिर्भरता की प्रदर्शनी
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शेर ए कश्मीर पार्क में लगा क्राफ्ट मेले में जदीबल के जुल्पफकार अली। संवाद
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- कारीगरों और उद्यमियों के हुनर को मंच देने के लिए एसके पार्क में लगा सफलता कार्निवल
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और उद्यमियों के हुनर को मंच देने के लिए एसके पार्क में सफलता कार्निवल मेगा एग्जीबिशन रविवार से शुरू हो गई। यह प्रदर्शनी 22 अप्रैल तक चलेगी जहां रोजाना सुबह 11 बजे से आम लोगों जा सकेंगे।
इस प्रदर्शनी में जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। करीब 50 स्टॉल्स में 80 से अधिक लाभार्थी अपने अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। खास बात यह है कि सभी स्टॉल्स मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं। प्रतिभागियों को यात्रा व अन्य भत्तों की सुविधा भी दी जा रही है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, कारीगरों की ओर से लाइव डेमोस्ट्रेशन और लाभार्थियों से सीधा संवाद इसके प्रमुख आकर्षण हैं। यहां हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ साथ मार्केटिंग में भी विभाग की ओर से पूरी सहायता दी जा रही है।
अफ्शा ने लगाया शहद और हर्बल चाय के उत्पादों का स्टॉल
श्रीनगर की रहने वाली अफ्शा जान ने भी अपने शहद और हर्बल चाय के उत्पादों का स्टॉल लगाया है। उन्होंने बताया कि उनके उत्पाद पूरी तरह शुद्ध और बिना मिलावट के होते हैं जिन्हें वह घर पर तैयार कर बाजार में बेचती हैं। अफ्शा के अनुसार, उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकार से भी समय-समय पर सहयोग मिलता है। उन्होंने युवाओं, खासकर लड़कियों से आत्मनिर्भर बनने की अपील करते हुए कहा कि मेहनत और धैर्य से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
पेपरमाशी कला को आग बढ़ाने के लिए अधिक अवसर दे सरकार : जुल्फकार
जदीबल के पेपरमाशी कारीगर जुल्फकार अली पिछले 45 वर्षों से इस पारंपरिक कला से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले उन्हें अपनी कारीगरी लोगों तक पहुंचाने का मौका देते हैं। उन्होंने सरकार से इस कला को आगे बढ़ाने के लिए अधिक अवसर देने की मांग की ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इससे जुड़ी रहें।
सरकारी नौकरी के पीछने भागने के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करें युवा : अहमद
एक अन्य कारीगर जैद अहमद ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से पेपरमाशी का काम कर रहे हैं और इस तरह की प्रदर्शनी से उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने युवाओं से सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करने की अपील की।
कश्मीर में उनके उत्पादों की अच्छी बिक्री होती है : महताब
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आए वुड कार्विंग कारीगर महताब ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां उनके कारोबार को बढ़ाने में मददगार साबित होती हैं। उन्होंने बताया कि कश्मीर में उनके उत्पादों की अच्छी बिक्री होती है और यहां नए संपर्क भी बनते हैं। यह प्रदर्शनी न केवल स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित कर रही है बल्कि इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और उद्यमियों के हुनर को मंच देने के लिए एसके पार्क में सफलता कार्निवल मेगा एग्जीबिशन रविवार से शुरू हो गई। यह प्रदर्शनी 22 अप्रैल तक चलेगी जहां रोजाना सुबह 11 बजे से आम लोगों जा सकेंगे।
इस प्रदर्शनी में जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। करीब 50 स्टॉल्स में 80 से अधिक लाभार्थी अपने अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। खास बात यह है कि सभी स्टॉल्स मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं। प्रतिभागियों को यात्रा व अन्य भत्तों की सुविधा भी दी जा रही है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, कारीगरों की ओर से लाइव डेमोस्ट्रेशन और लाभार्थियों से सीधा संवाद इसके प्रमुख आकर्षण हैं। यहां हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ साथ मार्केटिंग में भी विभाग की ओर से पूरी सहायता दी जा रही है।
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अफ्शा ने लगाया शहद और हर्बल चाय के उत्पादों का स्टॉल
श्रीनगर की रहने वाली अफ्शा जान ने भी अपने शहद और हर्बल चाय के उत्पादों का स्टॉल लगाया है। उन्होंने बताया कि उनके उत्पाद पूरी तरह शुद्ध और बिना मिलावट के होते हैं जिन्हें वह घर पर तैयार कर बाजार में बेचती हैं। अफ्शा के अनुसार, उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकार से भी समय-समय पर सहयोग मिलता है। उन्होंने युवाओं, खासकर लड़कियों से आत्मनिर्भर बनने की अपील करते हुए कहा कि मेहनत और धैर्य से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
पेपरमाशी कला को आग बढ़ाने के लिए अधिक अवसर दे सरकार : जुल्फकार
जदीबल के पेपरमाशी कारीगर जुल्फकार अली पिछले 45 वर्षों से इस पारंपरिक कला से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले उन्हें अपनी कारीगरी लोगों तक पहुंचाने का मौका देते हैं। उन्होंने सरकार से इस कला को आगे बढ़ाने के लिए अधिक अवसर देने की मांग की ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इससे जुड़ी रहें।
सरकारी नौकरी के पीछने भागने के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करें युवा : अहमद
एक अन्य कारीगर जैद अहमद ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से पेपरमाशी का काम कर रहे हैं और इस तरह की प्रदर्शनी से उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने युवाओं से सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करने की अपील की।
कश्मीर में उनके उत्पादों की अच्छी बिक्री होती है : महताब
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आए वुड कार्विंग कारीगर महताब ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां उनके कारोबार को बढ़ाने में मददगार साबित होती हैं। उन्होंने बताया कि कश्मीर में उनके उत्पादों की अच्छी बिक्री होती है और यहां नए संपर्क भी बनते हैं। यह प्रदर्शनी न केवल स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित कर रही है बल्कि इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक मजबूत कदम माना जा रहा है।