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Srinagar News: मंडलायुक्त ने व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ की बातचीत
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने सोमवार कश्मीर में विभिन्न सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और सेवा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ एक बातचीत सत्र आयोजित किया। इस बैठक का उद्देश्य मध्य पूर्व युद्ध के मद्देनजर उनकी शिकायतों, मांगों और चिंताओं को सुनना था।
इस बैठक में प्रमुख उद्योगों और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ इंडस्ट्रीज कश्मीर, भारतीय उद्योग परिसंघ, कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और होटलियर्स एसोसिएशन शामिल थे।
इसके अलावा, उद्योग और वाणिज्य निदेशक, जम्मू-कश्मीर के श्रम आयुक्त और उप श्रम आयुक्त ने उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत चर्चा में भाग लिया। सहायक आयुक्त (केंद्रीय) और डिविजनल कमिश्नर के विशेष कार्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को विभिन्न मुद्दों से अवगत कराया। इनमें जिला उद्योग केंद्रों में अधिकारियों की उपलब्धता, भुगतानों में देरी, भूमि उपयोग परिवर्तन की स्वीकृतियों में लंबित मामले, बैंकिंग संबंधी बाधाएं, श्रम संबंधी चिंताएं, और ''''ईज ऑफ डूइंग बिजनेस'''' (व्यापार करने में आसानी) के माहौल में और सुधार की आवश्यकता शामिल थी। प्रतिनिधिमंडल ने एमएसएमई विकास अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन और उद्यमियों के लिए क्षमता-निर्माण कार्यशालाओं के आयोजन के महत्व पर भी जोर दिया।
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श्रीनगर। मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने सोमवार कश्मीर में विभिन्न सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और सेवा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ एक बातचीत सत्र आयोजित किया। इस बैठक का उद्देश्य मध्य पूर्व युद्ध के मद्देनजर उनकी शिकायतों, मांगों और चिंताओं को सुनना था।
इस बैठक में प्रमुख उद्योगों और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ इंडस्ट्रीज कश्मीर, भारतीय उद्योग परिसंघ, कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और होटलियर्स एसोसिएशन शामिल थे।
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इसके अलावा, उद्योग और वाणिज्य निदेशक, जम्मू-कश्मीर के श्रम आयुक्त और उप श्रम आयुक्त ने उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत चर्चा में भाग लिया। सहायक आयुक्त (केंद्रीय) और डिविजनल कमिश्नर के विशेष कार्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को विभिन्न मुद्दों से अवगत कराया। इनमें जिला उद्योग केंद्रों में अधिकारियों की उपलब्धता, भुगतानों में देरी, भूमि उपयोग परिवर्तन की स्वीकृतियों में लंबित मामले, बैंकिंग संबंधी बाधाएं, श्रम संबंधी चिंताएं, और ''''ईज ऑफ डूइंग बिजनेस'''' (व्यापार करने में आसानी) के माहौल में और सुधार की आवश्यकता शामिल थी। प्रतिनिधिमंडल ने एमएसएमई विकास अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन और उद्यमियों के लिए क्षमता-निर्माण कार्यशालाओं के आयोजन के महत्व पर भी जोर दिया।