{"_id":"6a2b1106c5e333cc0803bf68","slug":"srinagar-kashmir-university-jinomixawareness-programme-srinagar-news-c-10-1-jam1027-935982-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: केयू में कराया स्वास्थ्य और जीनोमिक्स जागरूकता कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: केयू में कराया स्वास्थ्य और जीनोमिक्स जागरूकता कार्यक्रम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) के क्लिनिकल बायकेमिस्ट्री विभाग ने यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर और मीम पाथ लेबोरेटरी के सहयोग से वीरवार को मुख्य परिसर में एक व्यापक स्वास्थ्य और जीनोमिक्स निदान-सह-जागृति कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बचाव संबंधी स्वास्थ्य देखभाल, समय पर बीमारी का पता लगाने और जीनोमिक्स व प्रिसिजन मेडिसिन के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक विकास के प्रति लोगों को जागरूक करना था, जिसमें छात्रों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों और स्वास्थ्य पेशेवरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के तहत विभाग के डायग्नोस्टिक सेंटर में एक मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जहां प्रतिभागियों को फास्टिंग ब्लड शुगर, सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, टीएसएच और लिपिड प्रोफाइल जैसी बुनियादी जांचों का लाभ मिला।
यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर नीलोफर खान ने अपने संदेश में कहा कि समाज तक स्वास्थ्य सेवाओं और वैज्ञानिक ज्ञान को पहुंचाना विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी का एक अहम हिस्सा है। वहीं रजिस्ट्रार प्रोफेसर नसीर इकबाल ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विश्वविद्यालय के अनुसंधान और विशेषज्ञता को व्यापक समाज से जोड़ने में मदद करते हैं।
विज्ञापन
श्रीनगर। कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) के क्लिनिकल बायकेमिस्ट्री विभाग ने यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर और मीम पाथ लेबोरेटरी के सहयोग से वीरवार को मुख्य परिसर में एक व्यापक स्वास्थ्य और जीनोमिक्स निदान-सह-जागृति कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बचाव संबंधी स्वास्थ्य देखभाल, समय पर बीमारी का पता लगाने और जीनोमिक्स व प्रिसिजन मेडिसिन के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक विकास के प्रति लोगों को जागरूक करना था, जिसमें छात्रों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों और स्वास्थ्य पेशेवरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के तहत विभाग के डायग्नोस्टिक सेंटर में एक मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जहां प्रतिभागियों को फास्टिंग ब्लड शुगर, सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, टीएसएच और लिपिड प्रोफाइल जैसी बुनियादी जांचों का लाभ मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर नीलोफर खान ने अपने संदेश में कहा कि समाज तक स्वास्थ्य सेवाओं और वैज्ञानिक ज्ञान को पहुंचाना विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी का एक अहम हिस्सा है। वहीं रजिस्ट्रार प्रोफेसर नसीर इकबाल ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विश्वविद्यालय के अनुसंधान और विशेषज्ञता को व्यापक समाज से जोड़ने में मदद करते हैं।