{"_id":"69850927f8ffb61cb408db6c","slug":"srinagar-mehbooba-mufti-pdp-chief-reaction-budget-baba-gulam-shah-university-srinagar-news-c-10-lko1027-829020-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: बाबा गुलाम शाह यूनिवर्सिटी के फंड में जानबूझकर की जा रही कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: बाबा गुलाम शाह यूनिवर्सिटी के फंड में जानबूझकर की जा रही कमी
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पीर पंजाल की बाबा गुलाम शाह बादशाह यूनिवर्सिटी को मिलने वाले फंड में लगातार और जानबूझकर की जा रही कमी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस संस्था को व्यवस्थित उपेक्षा के माध्यम से जानबूझकर पतन की ओर धकेला जा रहा है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा, जिसे पीर पंजाल में उच्च शिक्षा की एक किरण और सामाजिक व आर्थिक बदलाव का जरिया माना गया था, वह अब संस्थागत उपेक्षा का सामना कर रहा है। यूनिवर्सिटी में पूंजी निवेश के आधिकारिक आंकड़े पिछले कुछ सालों में एक परेशान करने वाली गिरावट दिखाते हैं।
2019-20 में फंडिंग 562.50 लाख रुपये थी, 2020-21 में बढ़कर 848.43 लाख और 2021-22 में 703.88 लाख रुपये हो गई। इसके बाद 2022-23 में यह तेजी से घटकर 422.98 लाख, 2023-24 में 183.11 लाख और 2024-25 में चौंकाने वाले रूप से कम 44.00 लाख रुपये हो गई। 2025-26 में 187.00 लाख रुपये की मामूली बढ़ोतरी, सालों से कम फंडिंग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए काफी नहीं है।
उन्होंने कहा, ये आंकड़े उपेक्षा के एक चौंकाने वाले पैटर्न को उजागर करते हैं। पूंजी निवेश जो 2020-22 के दौरान 700-800 लाख रुपये से अधिक था, उसे 2024-25 में घटाकर सिर्फ 44 लाख रुपये कर दिया गया है। यह बजट की समझदारी नहीं है। यह जानबूझकर संस्थागत उपेक्षा है।
महबूबा मुफ्ती ने याद दिलाया कि विश्वविद्यालय की स्थापना पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने एक ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर पड़े और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच के माध्यम से ऊपर उठाने के लिए की थी।
Trending Videos
श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पीर पंजाल की बाबा गुलाम शाह बादशाह यूनिवर्सिटी को मिलने वाले फंड में लगातार और जानबूझकर की जा रही कमी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस संस्था को व्यवस्थित उपेक्षा के माध्यम से जानबूझकर पतन की ओर धकेला जा रहा है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा, जिसे पीर पंजाल में उच्च शिक्षा की एक किरण और सामाजिक व आर्थिक बदलाव का जरिया माना गया था, वह अब संस्थागत उपेक्षा का सामना कर रहा है। यूनिवर्सिटी में पूंजी निवेश के आधिकारिक आंकड़े पिछले कुछ सालों में एक परेशान करने वाली गिरावट दिखाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
2019-20 में फंडिंग 562.50 लाख रुपये थी, 2020-21 में बढ़कर 848.43 लाख और 2021-22 में 703.88 लाख रुपये हो गई। इसके बाद 2022-23 में यह तेजी से घटकर 422.98 लाख, 2023-24 में 183.11 लाख और 2024-25 में चौंकाने वाले रूप से कम 44.00 लाख रुपये हो गई। 2025-26 में 187.00 लाख रुपये की मामूली बढ़ोतरी, सालों से कम फंडिंग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए काफी नहीं है।
उन्होंने कहा, ये आंकड़े उपेक्षा के एक चौंकाने वाले पैटर्न को उजागर करते हैं। पूंजी निवेश जो 2020-22 के दौरान 700-800 लाख रुपये से अधिक था, उसे 2024-25 में घटाकर सिर्फ 44 लाख रुपये कर दिया गया है। यह बजट की समझदारी नहीं है। यह जानबूझकर संस्थागत उपेक्षा है।
महबूबा मुफ्ती ने याद दिलाया कि विश्वविद्यालय की स्थापना पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने एक ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर पड़े और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच के माध्यम से ऊपर उठाने के लिए की थी।
