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Srinagar News: एनसीडब्ल्यू ने केंद्र शासित प्रदेशों में दफ्तर खोलने के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी मांगी
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने देश के केंद्र शासित प्रदेशों में दफ्तर खोलने का प्रस्ताव दिया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
रहाटकर, जो शिकायतों की जनसुनवाई करने के लिए यहां आई हुई हैं ने पत्रकारों से कहा कि हमने हाल ही में मंत्रालय को केंद्र शासित प्रदेशों में आयोग के दफ्तर खोलने का प्रस्ताव भेजा है। हम इस संबंध में जरूरी मंजूरी और अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। वह इस सवाल का जवाब दे रही थीं कि क्या केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से आने वाली शिकायतों को निपटाने के लिए यहां कोई राज्य महिला आयोग बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है और मौजूदा व्यवस्था में यहां कोई राज्य महिला आयोग नहीं होगा। इसलिए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ही यहां के मामलों को देखेगा। उन्होंने कहा कि आप सही कह रहे हैं कि यहां एक महिला आयोग होने से बहुत मदद मिलेगी लेकिन सभी केंद्र शासित प्रदेश एनसीडब्ल्यू के दायरे में आते हैं। एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने कहा कि आयोग भविष्य में भी जम्मू-कश्मीर की महिलाओं की शिकायतों को निपटाने के लिए जनसुनवाई करता रहेगा।
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रहाटकर ने कहा कि मैं जम्मू-कश्मीर की बहनों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि एनसीडब्ल्यू इस केंद्र शासित प्रदेश में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा। हम शिकायतें सुनने के लिए यहां आते रहेंगे। जैसा कि आप जानते हैं एनसीडब्ल्यू पिछले चार दिन से श्रीनगर में है क्योंकि हमारे पास 14 मामले हैं। हमने जनसुनवाई के दौरान शिकायतें सुनीं। हमारे पास कुछ ऐसी शिकायतें भी आईं जिनके लिए पहले से समय तय नहीं था, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
गुजरात के मोरबी में यौन शोषण की घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एनसीडब्ल्यू ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और इस घटना को आयोग बहुत गंभीरता से ले रहा है। यह मामला गुजरात के मोरबी जिले में एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ उनके मकान मालिक द्वारा कथित तौर पर किए गए यौन शोषण और दुष्कर्म से जुड़ा है।
श्रीनगर। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने देश के केंद्र शासित प्रदेशों में दफ्तर खोलने का प्रस्ताव दिया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
रहाटकर, जो शिकायतों की जनसुनवाई करने के लिए यहां आई हुई हैं ने पत्रकारों से कहा कि हमने हाल ही में मंत्रालय को केंद्र शासित प्रदेशों में आयोग के दफ्तर खोलने का प्रस्ताव भेजा है। हम इस संबंध में जरूरी मंजूरी और अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। वह इस सवाल का जवाब दे रही थीं कि क्या केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से आने वाली शिकायतों को निपटाने के लिए यहां कोई राज्य महिला आयोग बनाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है और मौजूदा व्यवस्था में यहां कोई राज्य महिला आयोग नहीं होगा। इसलिए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ही यहां के मामलों को देखेगा। उन्होंने कहा कि आप सही कह रहे हैं कि यहां एक महिला आयोग होने से बहुत मदद मिलेगी लेकिन सभी केंद्र शासित प्रदेश एनसीडब्ल्यू के दायरे में आते हैं। एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने कहा कि आयोग भविष्य में भी जम्मू-कश्मीर की महिलाओं की शिकायतों को निपटाने के लिए जनसुनवाई करता रहेगा।
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गुजरात के मोरबी में यौन शोषण की घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एनसीडब्ल्यू ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और इस घटना को आयोग बहुत गंभीरता से ले रहा है। यह मामला गुजरात के मोरबी जिले में एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ उनके मकान मालिक द्वारा कथित तौर पर किए गए यौन शोषण और दुष्कर्म से जुड़ा है।