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Srinagar News: ट्यूलिप गार्डन के खुलने से पर्यटन कारोबारी खुश, बढ़ते हवाई किराये पर जताई चिंता
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अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। कश्मीर में पर्यटन कारोबारी ट्यूलिप गार्डन के खुलने से खुश तो हैं साथ ही श्रीनगर आने वाली उड़ानों के हवाई किराये में हुई बढ़ोतरी से चिंतित भी हैं। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन की शुरुआत में ऊंचे किराये की वजह से पर्यटक हतोत्साहित होंगे और इससे इस क्षेत्र के पर्यटन उद्योग को नुकसान पहुंच सकता है।
ट्रैवल ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा कि 16 मार्च को ट्यूलिप गार्डन के खुलने के बाद काफी ज्यादा पर्यटकों की क्वेरी आना शुरू हुई है जिससे हमें अच्छे सीजन की उम्मीद है। ट्यूलिप एक आकर्षण का केंद्र है देश भर के लोगों के लिए इसलिए वह यहां आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीनगर से जाने वाली उड़ानों के टिकटों के दाम तुलनात्मक रूप से कम हैं वहीं शहर में आने वाली उड़ानों के किराये में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसे घाटी की यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए एक बड़ी बाधा बताया। यह चिंता वसंत ऋतु के पर्यटन सीजन की शुरुआत में सामने आई है जो पारंपरिक रूप से श्रीनगर में ट्यूलिप गार्डन के खुलने के साथ शुरू होता है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विगत सोमवार को जबरवान पहाड़ियों की तलहटी में एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन का उद्घाटन किया था। पर्यटन से जुड़े लोगों ने कहा कि जैसे ही सीजन शुरू होता है, यहां आने वाली उड़ानों के किराये में तेजी से बढ़ोतरी हो जाती है।
एक टूर ऑपरेटर तौहीद अहमद ने कहा कि यात्रा से जुड़े आंकड़ों से पता चलता है कि देश के कई बड़े शहरों से श्रीनगर के लिए टिकटों के दाम लगभग 7,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये से भी ज्यादा हैं। दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद और बंगलुरू जैसे शहरों से श्रीनगर के लिए कुछ खास तारीखों पर किराये लगभग 7,000 रुपये से 10,500 रुपये के बीच हैं। इसके विपरीत श्रीनगर से दिल्ली या चंडीगढ़ जैसे शहरों को जाने वाली उड़ानों के दाम काफी कम हैं। लगभग 3,200 रुपये से 5,700 रुपये के बीच हैं।
कश्मीर में पर्यटन सीजन की शुरुआत में किराये में यह असमानता एक बार-बार होने वाली समस्या बन गई है। होटल मालिकों और टूर आयोजकों ने कहा कि उड़ानों के ऊंचे किराये अक्सर उन यात्रियों को हतोत्साहित कर देते हैं जो घाटी की यात्रा की योजना बना रहे होते हैं। एक होटल के मालिक दीन मोहम्मद ने कहा कि जब हवाई किराया इतना महंगा हो जाता है तो कई पर्यटक अपनी योजनाएं टाल देते हैं या रद्द कर देते हैं। इसका सीधा असर होटलों, परिवहन संचालकों, गाइडों और स्थानीय व्यवसायों पर पड़ता है।
पर्यटन हजारों लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत है जिनमें होटल मालिक, हाउसबोट मालिक, टैक्सी चालक, कारीगर और टूर गाइड शामिल हैं। कुछ पर्यटन व्यवसायियों ने आरोप लगाया कि जब भी पर्यटन सीजन शुरू होता है किराये में बढ़ोतरी का यह सिलसिला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है और उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
बॉक्स
चार दिन में 20 हजार से अधिक सैलानी पहुंचे, ऑनलाइन टिकट वाले इसमें शामिल नहीं : अधिकारी
जबरवान की पहाड़ियों की तलहटी में लगभग 30 हेक्टेयर पर फैले हुए एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन को 16 मार्च को आगंतुकों के लिए खोल दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार ईद के त्योहार की तैयारियों और बारिश के चलते पिछले चार दिन में करीब 20 हजार से अधिक आगंतुक इस ट्यूलिप गार्डन का दौरा कर चुके हैं लेकिन इसमें वो आंकड़ा नहीं है जिन्होंने ऑनलाइन टिकट करवाई है। उन्होंने कहा कि ईद के बाद मौसम में सुधार के साथ संख्या में बहुत उछाल आने की उम्मीद है। बता दें कि इस बार करीब 75 वैरायटी के 18 लाख से अधिक ट्यूलिप के फूल लगाए गए हैं।
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श्रीनगर। कश्मीर में पर्यटन कारोबारी ट्यूलिप गार्डन के खुलने से खुश तो हैं साथ ही श्रीनगर आने वाली उड़ानों के हवाई किराये में हुई बढ़ोतरी से चिंतित भी हैं। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन की शुरुआत में ऊंचे किराये की वजह से पर्यटक हतोत्साहित होंगे और इससे इस क्षेत्र के पर्यटन उद्योग को नुकसान पहुंच सकता है।
ट्रैवल ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा कि 16 मार्च को ट्यूलिप गार्डन के खुलने के बाद काफी ज्यादा पर्यटकों की क्वेरी आना शुरू हुई है जिससे हमें अच्छे सीजन की उम्मीद है। ट्यूलिप एक आकर्षण का केंद्र है देश भर के लोगों के लिए इसलिए वह यहां आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीनगर से जाने वाली उड़ानों के टिकटों के दाम तुलनात्मक रूप से कम हैं वहीं शहर में आने वाली उड़ानों के किराये में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसे घाटी की यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए एक बड़ी बाधा बताया। यह चिंता वसंत ऋतु के पर्यटन सीजन की शुरुआत में सामने आई है जो पारंपरिक रूप से श्रीनगर में ट्यूलिप गार्डन के खुलने के साथ शुरू होता है।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विगत सोमवार को जबरवान पहाड़ियों की तलहटी में एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन का उद्घाटन किया था। पर्यटन से जुड़े लोगों ने कहा कि जैसे ही सीजन शुरू होता है, यहां आने वाली उड़ानों के किराये में तेजी से बढ़ोतरी हो जाती है।
एक टूर ऑपरेटर तौहीद अहमद ने कहा कि यात्रा से जुड़े आंकड़ों से पता चलता है कि देश के कई बड़े शहरों से श्रीनगर के लिए टिकटों के दाम लगभग 7,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये से भी ज्यादा हैं। दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद और बंगलुरू जैसे शहरों से श्रीनगर के लिए कुछ खास तारीखों पर किराये लगभग 7,000 रुपये से 10,500 रुपये के बीच हैं। इसके विपरीत श्रीनगर से दिल्ली या चंडीगढ़ जैसे शहरों को जाने वाली उड़ानों के दाम काफी कम हैं। लगभग 3,200 रुपये से 5,700 रुपये के बीच हैं।
कश्मीर में पर्यटन सीजन की शुरुआत में किराये में यह असमानता एक बार-बार होने वाली समस्या बन गई है। होटल मालिकों और टूर आयोजकों ने कहा कि उड़ानों के ऊंचे किराये अक्सर उन यात्रियों को हतोत्साहित कर देते हैं जो घाटी की यात्रा की योजना बना रहे होते हैं। एक होटल के मालिक दीन मोहम्मद ने कहा कि जब हवाई किराया इतना महंगा हो जाता है तो कई पर्यटक अपनी योजनाएं टाल देते हैं या रद्द कर देते हैं। इसका सीधा असर होटलों, परिवहन संचालकों, गाइडों और स्थानीय व्यवसायों पर पड़ता है।
पर्यटन हजारों लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत है जिनमें होटल मालिक, हाउसबोट मालिक, टैक्सी चालक, कारीगर और टूर गाइड शामिल हैं। कुछ पर्यटन व्यवसायियों ने आरोप लगाया कि जब भी पर्यटन सीजन शुरू होता है किराये में बढ़ोतरी का यह सिलसिला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है और उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
बॉक्स
चार दिन में 20 हजार से अधिक सैलानी पहुंचे, ऑनलाइन टिकट वाले इसमें शामिल नहीं : अधिकारी
जबरवान की पहाड़ियों की तलहटी में लगभग 30 हेक्टेयर पर फैले हुए एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन को 16 मार्च को आगंतुकों के लिए खोल दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार ईद के त्योहार की तैयारियों और बारिश के चलते पिछले चार दिन में करीब 20 हजार से अधिक आगंतुक इस ट्यूलिप गार्डन का दौरा कर चुके हैं लेकिन इसमें वो आंकड़ा नहीं है जिन्होंने ऑनलाइन टिकट करवाई है। उन्होंने कहा कि ईद के बाद मौसम में सुधार के साथ संख्या में बहुत उछाल आने की उम्मीद है। बता दें कि इस बार करीब 75 वैरायटी के 18 लाख से अधिक ट्यूलिप के फूल लगाए गए हैं।