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Srinagar News: बारिश ने भिगोया, सर्द हवा से ठिठुरन, तापमान गिरा
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श्रीनगर में बारिश के दौरान लोग। संवाद
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- करीब 24 घंटे बाद थमी बारिश, 8-9 अप्रैल को फिर बिगड़ सकता है मौसम का मिजाज
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पश्चिमी विक्षोभ के चलते श्रीनगर में शुक्रवार दोपहर को शुरू हुई बारिश शनिवार दोपहर को थमी। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कमी आई है। वहीं भारी बारिश, तेज हवा और भूस्खलन की आशंका पर प्रशासन ने एडवाइजरी और हेल्पलाइन जारी की है।
शनिवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। कश्मीर के प्रवेश द्वार काजीगुंड में अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री रहा जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है।
पहलगाम में अधिकतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री रहा जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक है। गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम है, वहीं न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम है।
मौसम विभाग के अनुसार 5-7 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। 8-9 अप्रैल को कुछ जगहों पर हल्की बारिश, बर्फबारी के नए दौर आ सकते हैं। थोड़े समय के लिए होने वाली भारी बारिश से कुछ संवेदनशील जगहों पर बाढ़, भूस्खलन, पत्थर गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। कुछ निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। 10-11 अप्रैल को कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बर्फबारी (ऊंचे इलाकों में) का छोटा सा दौर आ सकता है। 12-15 अप्रैल को आमतौर पर मौसम सूखा रहेगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेती से जुड़े सभी काम रोक दें। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना इसी के अनुसार बनाएं।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौजूदा खराब मौसम की स्थिति और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए श्रीनगर की आम जनता को प्रशासन ने सलाह दी है कि वे सड़कों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें, सिवाय उन मामलों के जहां यह बिल्कुल जरूरी हो। इसके अलावा पर्यटकों, स्थानीय शिकारा चलाने वालों, रेत निकालने वालों और डल झील, झेलम नदी तथा अन्य जलाशयों के आस-पास काम करने वाले अन्य लोगों को सख्त हिदायत दी जाती है कि वे इन जलाशयों की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा की जांच किए बिना उन्हें पार करने या उनमें काम करने की कोशिश न करें।
जम्मू के राजोरी औैर कश्मीर के बारामुला में सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटे में (शनिवार सुबह 8 बजे तक) जम्मू के राजोरी औैर कश्मीर के बारामुला में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कश्मीर के श्रीनगर में 25.1 मिमी, काजीगुंड में 18.8 मिमी, पहलगाम में 12.0 मिमी, कुपवाड़ा में 14.1 मिमी, कोकरनाग में 11.7 मिमी, गुलमर्ग में 32.2 मिमी, पांपोर में 18.0 मिमी, अवंतिपोरा में 12.2 मिमी, पुलवामा में 13.3 मिमी, बडगाम में 24.0 मिमी, बारामुला में 45.5 मिमी, शोपियां में 15.3 मिमी, कुलगाम में 24.2 मिमी, वेरीनाग में 15.9 मिमी, टंगमर्ग में 11.3 मिमी, सोपोर में 22.8 मिमी, नौगाम हंदवाड़ा में 45.6 मिमी, लोलाब में 42.2 मिमी, बुम्हामा कुपवाड़ा में 38.6 मिमी बारिश हुई।
जम्मू क्षेत्र के जम्मू में 14.4 मिमी, बनिहाल में 19.7 मिमी, बटोत में 53.8 मिमी, कटड़ा में 32.2 मिमी, भद्रवाह में 26.8 मिमी, कठुआ में 8.4 मिमी, उधमपुर में 31.7 मिमी, रामबन में 24.0 मिमी, पुंछ में 45.5 मिमी, किश्तवाड़ में 10.0 मिमी, राजोरी में 61.0 मिमी, रियासी में 34.5 मिमी, डोडा में 8.0 मिमी, सांबा में 8.0 मिमी बारिश हुई।
बारिश के बाद नदियां लबालब, बाढ़ का खतरा नहीं
घाटी में बारिश के चलते नदियां लबालब हैं लेकिन शनिवार सुबह झेलम नदी और उसकी सहायक नदियों में जल स्तर सामान्य सीमा के भीतर रहा। सुबह 9 बजे के गेज रीडिंग से पता चला कि झेलम नदी प्रमुख निगरानी बिंदुओं पर खतरे के निशान से नीचे बह रही थीं। संगम में जल स्तर 6.63 फीट था (खतरे का स्तर 25 फीट), पंपोर में 0.53 मीटर (खतरे का स्तर 5.0 मीटर) और मुंशीबाग में 7.05 फीट (खतरे का स्तर 21 फीट) था। आंकड़ों से पता चलता है कि लगातार बारिश होने के बावजूद घाटी में बाढ़ का कोई तत्काल खतरा नहीं है।
सहायक नदियों में खुदवानी में विशो नाला का जल स्तर 5.21 मीटर दर्ज किया गया (खतरे का स्तर 8.50 मीटर), जबकि वाची में रामबियारा नाला का जल स्तर 0.33 मीटर था। बटकोट में लिद्दर नाला का जल स्तर ऋणात्मक (-0.10 मीटर) दर्ज किया गया जो पानी के कम बहाव का संकेत है। अधिकारियों ने बताया कि बरज़ुल्ला में दूधगंगा का जल स्तर 1.80 मीटर मापा गया (खतरे का स्तर 3.8 मीटर) जबकि डोडरहमा में सिंध नाला का जल स्तर 0.64 मीटर था। ये दोनों ही सुरक्षित सीमा के भीतर हैं। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा स्थिति स्थिर बनी हुई है और कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है क्योंकि जल स्तर सुरक्षित सीमा के भीतर ही बना हुआ है। ब्यूरो
बर्फबारी से गुरेज रोड बंद, फंसे 38 वाहन निकाले
बांदीपोरा। उत्तरी कश्मीर में बांदीपोरा-गुरेज रोड शनिवार को भारी बर्फबारी के कारण बंद रहा। अधिकारियों ने रात भर चले एक ऑपरेशन के दौरान फंसी हुई 38 गाड़ियों को सुरक्षित निकाल लिया। एक अधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेशन बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की ओर से चलाया गया जब राजदान दर्रे के पास बर्फ जमा होने के कारण कई गाड़ियां फंस गई थीं।
फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। सड़क को साफ करने के प्रयास जारी हैं। गुरेज घाटी में पिछले कुछ दिनों से बर्फबारी हो रही है जिसके चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी किया है और 85 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर आवाजाही को सीमित कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग ने इस क्षेत्र में अगले 24 घंटों तक लगातार बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान जताया है। संवाद
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पश्चिमी विक्षोभ के चलते श्रीनगर में शुक्रवार दोपहर को शुरू हुई बारिश शनिवार दोपहर को थमी। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कमी आई है। वहीं भारी बारिश, तेज हवा और भूस्खलन की आशंका पर प्रशासन ने एडवाइजरी और हेल्पलाइन जारी की है।
शनिवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। कश्मीर के प्रवेश द्वार काजीगुंड में अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री रहा जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है।
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पहलगाम में अधिकतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री रहा जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक है। गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम है, वहीं न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम है।
मौसम विभाग के अनुसार 5-7 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। 8-9 अप्रैल को कुछ जगहों पर हल्की बारिश, बर्फबारी के नए दौर आ सकते हैं। थोड़े समय के लिए होने वाली भारी बारिश से कुछ संवेदनशील जगहों पर बाढ़, भूस्खलन, पत्थर गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। कुछ निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। 10-11 अप्रैल को कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बर्फबारी (ऊंचे इलाकों में) का छोटा सा दौर आ सकता है। 12-15 अप्रैल को आमतौर पर मौसम सूखा रहेगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेती से जुड़े सभी काम रोक दें। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना इसी के अनुसार बनाएं।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौजूदा खराब मौसम की स्थिति और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए श्रीनगर की आम जनता को प्रशासन ने सलाह दी है कि वे सड़कों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें, सिवाय उन मामलों के जहां यह बिल्कुल जरूरी हो। इसके अलावा पर्यटकों, स्थानीय शिकारा चलाने वालों, रेत निकालने वालों और डल झील, झेलम नदी तथा अन्य जलाशयों के आस-पास काम करने वाले अन्य लोगों को सख्त हिदायत दी जाती है कि वे इन जलाशयों की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा की जांच किए बिना उन्हें पार करने या उनमें काम करने की कोशिश न करें।
जम्मू के राजोरी औैर कश्मीर के बारामुला में सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटे में (शनिवार सुबह 8 बजे तक) जम्मू के राजोरी औैर कश्मीर के बारामुला में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कश्मीर के श्रीनगर में 25.1 मिमी, काजीगुंड में 18.8 मिमी, पहलगाम में 12.0 मिमी, कुपवाड़ा में 14.1 मिमी, कोकरनाग में 11.7 मिमी, गुलमर्ग में 32.2 मिमी, पांपोर में 18.0 मिमी, अवंतिपोरा में 12.2 मिमी, पुलवामा में 13.3 मिमी, बडगाम में 24.0 मिमी, बारामुला में 45.5 मिमी, शोपियां में 15.3 मिमी, कुलगाम में 24.2 मिमी, वेरीनाग में 15.9 मिमी, टंगमर्ग में 11.3 मिमी, सोपोर में 22.8 मिमी, नौगाम हंदवाड़ा में 45.6 मिमी, लोलाब में 42.2 मिमी, बुम्हामा कुपवाड़ा में 38.6 मिमी बारिश हुई।
जम्मू क्षेत्र के जम्मू में 14.4 मिमी, बनिहाल में 19.7 मिमी, बटोत में 53.8 मिमी, कटड़ा में 32.2 मिमी, भद्रवाह में 26.8 मिमी, कठुआ में 8.4 मिमी, उधमपुर में 31.7 मिमी, रामबन में 24.0 मिमी, पुंछ में 45.5 मिमी, किश्तवाड़ में 10.0 मिमी, राजोरी में 61.0 मिमी, रियासी में 34.5 मिमी, डोडा में 8.0 मिमी, सांबा में 8.0 मिमी बारिश हुई।
बारिश के बाद नदियां लबालब, बाढ़ का खतरा नहीं
घाटी में बारिश के चलते नदियां लबालब हैं लेकिन शनिवार सुबह झेलम नदी और उसकी सहायक नदियों में जल स्तर सामान्य सीमा के भीतर रहा। सुबह 9 बजे के गेज रीडिंग से पता चला कि झेलम नदी प्रमुख निगरानी बिंदुओं पर खतरे के निशान से नीचे बह रही थीं। संगम में जल स्तर 6.63 फीट था (खतरे का स्तर 25 फीट), पंपोर में 0.53 मीटर (खतरे का स्तर 5.0 मीटर) और मुंशीबाग में 7.05 फीट (खतरे का स्तर 21 फीट) था। आंकड़ों से पता चलता है कि लगातार बारिश होने के बावजूद घाटी में बाढ़ का कोई तत्काल खतरा नहीं है।
सहायक नदियों में खुदवानी में विशो नाला का जल स्तर 5.21 मीटर दर्ज किया गया (खतरे का स्तर 8.50 मीटर), जबकि वाची में रामबियारा नाला का जल स्तर 0.33 मीटर था। बटकोट में लिद्दर नाला का जल स्तर ऋणात्मक (-0.10 मीटर) दर्ज किया गया जो पानी के कम बहाव का संकेत है। अधिकारियों ने बताया कि बरज़ुल्ला में दूधगंगा का जल स्तर 1.80 मीटर मापा गया (खतरे का स्तर 3.8 मीटर) जबकि डोडरहमा में सिंध नाला का जल स्तर 0.64 मीटर था। ये दोनों ही सुरक्षित सीमा के भीतर हैं। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा स्थिति स्थिर बनी हुई है और कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है क्योंकि जल स्तर सुरक्षित सीमा के भीतर ही बना हुआ है। ब्यूरो
बर्फबारी से गुरेज रोड बंद, फंसे 38 वाहन निकाले
बांदीपोरा। उत्तरी कश्मीर में बांदीपोरा-गुरेज रोड शनिवार को भारी बर्फबारी के कारण बंद रहा। अधिकारियों ने रात भर चले एक ऑपरेशन के दौरान फंसी हुई 38 गाड़ियों को सुरक्षित निकाल लिया। एक अधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेशन बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की ओर से चलाया गया जब राजदान दर्रे के पास बर्फ जमा होने के कारण कई गाड़ियां फंस गई थीं।
फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। सड़क को साफ करने के प्रयास जारी हैं। गुरेज घाटी में पिछले कुछ दिनों से बर्फबारी हो रही है जिसके चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी किया है और 85 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर आवाजाही को सीमित कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग ने इस क्षेत्र में अगले 24 घंटों तक लगातार बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान जताया है। संवाद