फर्जी सोशल मीडिया हैंडल से आतंक का प्रचार: कश्मीर में दो गिरफ्तार, आठ मोबाइल और कई सिम बरामद
जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने सोशल मीडियापर आतंकवाद का महिमामंडन और भड़काऊ सामग्री फैलाने के आरोप में अनंतनाग और सोपोर से दो लोगों को गिरफ्तार किया।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने सोशल मीडिया पर आतंकवाद का महिमामंडन करने, देश विरोधी प्रचार, कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री फैलाने के आरोप में कश्मीर के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई ऑनलाइन माध्यमों के जरिए चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने, युवाओं को भड़काने और क्षेत्र की शांति एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिशों के खिलाफ चलाए अभियान के तहत की गई है।
पुलिस के अनुसार मामले में सीआईके पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर फर्जी पहचान और नाम बदलकर बनाए गए सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से आतंकवाद का महिमामंडन कर रहे थे। आरोपी राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ बयानबाजी करने के साथ ही भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने में शामिल पाए गए। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनंतनाग के डूरू निवासी महरान काजी और सोपोर निवासी बाबर हामिद के रूप में हुई है।
डिजिटल निगरानी के बाद मारे छापे
सीआईके ने डिजिटल निगरानी के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के बाद आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से आठ मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन उपकरणों को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस के अनुसार, जब्त डिजिटल उपकरणों के प्राथमिक तकनीकी विश्लेषण में कथित तौर पर कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री साझा किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन सोशल मीडिया गतिविधियों के पीछे और कौन लोग जुड़े हुए थे तथा सामग्री किस स्तर तक प्रसारित की गई।
स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ाई निगरानी
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की ओर से ऑनलाइन गतिविधियों पर बढ़ाई गई निगरानी के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीआई के प्रवक्ता के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और डिजिटल माध्यमों के जरिए देश की अखंडता को चुनौती देने या घाटी में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम लोगों और युवाओं से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने तथा किसी भी तरह की भड़काऊ, अफवाह फैलाने वाली या संदिग्ध सामग्री को बिना सत्यापन साझा नहीं करने की अपील की है।
संदिग्ध ड्रोन गतिविधि के बाद बड़ोई में तलाशी, बिना नंबर की बाइक बरामद
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सेना ने रविवार देर शाम बड़ोई क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। रिंग रोड से सटे गांव में आसमान में ड्रोननुमा वस्तु दिखाई देने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। ड्रोन से हथियार या नशीले पदार्थ गिराए जाने की आशंका के बीच जांच के दौरान बिना नंबर की बाइक बरामद की गई है।
अधिकारियों के अनुसार सेना के जवानों ने रविवार देर शाम आसमान में संदिग्ध ड्रोननुमा वस्तु देखी। पीछा करते हुए जवान रिंग रोड से सटे बड़ोई गांव पहुंचे। ड्रोन के इलाके में उतरने की आशंका के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान बिना नंबर की मोटरसाइकिल मिली। संदिग्धों के जूते और चप्पल भी मिले। हालांकि हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है।
पुलिस ने बाइक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वाहन के मालिक और उससे जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है। एजेंसियां ड्रोन गतिविधि और मिले सामान को जोड़कर मामले की जांच में जुटी हैं।
पहले भी सामने आ चुकीं ड्रोन गतिविधियां
बाड़ी ब्राह्मणा क्षेत्र में पहले भी ड्रोन गतिविधियां सामने आती रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास होने व राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े होने के कारण यह इलाका संवेदनशील माना जाता है। थाना प्रभारी बाड़ी ब्राह्मणा संदीप सिंह चिब ने बताया कि सेना के तलाशी अभियान के दौरान बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।