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Udhampur News: मां वैष्णो देवी में 500 करोड़ रुपये की नकली चांदी के चढ़ावे में जांच अधिकारी रिकॉर्ड के साथ तलब
Tue, 14 Jul 2026 01:32 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:32 AM IST
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सीजेएम की अदालत ने दिए निर्देश, अगली सुनवाई 29 जुलाई को
जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी मंदिर से जुड़े करीब 500 करोड़ रुपये की नकली चांदी चढ़ावे के मामले में क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को संबंधित रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है। जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने यह निर्देश दिए। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।
बीते नौ मई को एडवोकेट दीपक शर्मा ने आईजी क्राइम ब्रांच जम्मू और एसएसपी क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू जम्मू के समक्ष शिकायत की थी। इसमें माता वैष्णो देवी श्राइन में भक्तों की ओर से चढ़ाए गए चांदी के चढ़ावे में मिलावट, बदलाव और संभावित गलत इस्तेमाल की एफआईआर दर्ज करने व पूरी जांच की मांग की गई थी। गंभीर संज्ञेय अपराधों का आरोप लगाया गया था।
क्राइम ब्रांच के कोई असरदार कार्रवाई न करने पर शिकायतकर्ता ने जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुनीश कुमार मिन्हास की अदालत में एटीआर, एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच के लिए सही निर्देश मांगे। कोर्ट के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की ओर से एक स्टेटस रिपोर्ट फाइल की गई। इसमें कहा गया कि शिकायत को शुरू में मंजूरी के लिए क्राइम हेडक्वार्टर, श्रीनगर भेजा गया था। मंजूरी के बाद उसे उचित कार्रवाई के लिए जोनल पुलिस हेडक्वार्टर जम्मू भेजा गया।
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शिकायतकर्ता की ओर से सोमवार को इस स्टेटस रिपोर्ट पर आपत्तियां दर्ज की गईं। यह तर्क दिया गया कि क्राइम ब्रांच को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुसार शिकायत से कानूनी तौर पर निपटना था और सिर्फ शिकायत को किसी दूसरी पुलिस अथॉरिटी को फॉरवर्ड करके वह अपनी कानूनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती थी।
एक आपत्ति यह भी थी कि स्टेटस रिपोर्ट में आवश्यक सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए उठाए गए किसी भी कदम का खुलासा नहीं किया गया है, इसमें इन्वेंट्री रजिस्टर, स्टॉक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिस्पैच और ट्रांसपोर्टेशन डॉक्यूमेंट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और चढ़ावे की रसीद, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन, टेस्टिंग और मेल्टिंग से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
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यह था मामला...
विवाद तब शुरू हुआ जब करीब 20 टन जमा हुई चांदी का करीब 550 करोड़ रुपये कीमत का चढ़ावा टेस्टिंग, मेल्टिंग और प्रोसेसिंग के लिए भेजा गया। इसमें लगभग पांच से छह प्रतिशत मटीरियल ही असली चांदी पाया गया। बाकी में कैडमियम, लोहा और दूसरे घटिया मेटल की मिलावट सामने आई।
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जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी मंदिर से जुड़े करीब 500 करोड़ रुपये की नकली चांदी चढ़ावे के मामले में क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को संबंधित रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है। जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने यह निर्देश दिए। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।
बीते नौ मई को एडवोकेट दीपक शर्मा ने आईजी क्राइम ब्रांच जम्मू और एसएसपी क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू जम्मू के समक्ष शिकायत की थी। इसमें माता वैष्णो देवी श्राइन में भक्तों की ओर से चढ़ाए गए चांदी के चढ़ावे में मिलावट, बदलाव और संभावित गलत इस्तेमाल की एफआईआर दर्ज करने व पूरी जांच की मांग की गई थी। गंभीर संज्ञेय अपराधों का आरोप लगाया गया था।
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क्राइम ब्रांच के कोई असरदार कार्रवाई न करने पर शिकायतकर्ता ने जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुनीश कुमार मिन्हास की अदालत में एटीआर, एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच के लिए सही निर्देश मांगे। कोर्ट के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की ओर से एक स्टेटस रिपोर्ट फाइल की गई। इसमें कहा गया कि शिकायत को शुरू में मंजूरी के लिए क्राइम हेडक्वार्टर, श्रीनगर भेजा गया था। मंजूरी के बाद उसे उचित कार्रवाई के लिए जोनल पुलिस हेडक्वार्टर जम्मू भेजा गया।
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शिकायतकर्ता की ओर से सोमवार को इस स्टेटस रिपोर्ट पर आपत्तियां दर्ज की गईं। यह तर्क दिया गया कि क्राइम ब्रांच को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुसार शिकायत से कानूनी तौर पर निपटना था और सिर्फ शिकायत को किसी दूसरी पुलिस अथॉरिटी को फॉरवर्ड करके वह अपनी कानूनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती थी।
एक आपत्ति यह भी थी कि स्टेटस रिपोर्ट में आवश्यक सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए उठाए गए किसी भी कदम का खुलासा नहीं किया गया है, इसमें इन्वेंट्री रजिस्टर, स्टॉक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिस्पैच और ट्रांसपोर्टेशन डॉक्यूमेंट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और चढ़ावे की रसीद, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन, टेस्टिंग और मेल्टिंग से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
यह था मामला...
विवाद तब शुरू हुआ जब करीब 20 टन जमा हुई चांदी का करीब 550 करोड़ रुपये कीमत का चढ़ावा टेस्टिंग, मेल्टिंग और प्रोसेसिंग के लिए भेजा गया। इसमें लगभग पांच से छह प्रतिशत मटीरियल ही असली चांदी पाया गया। बाकी में कैडमियम, लोहा और दूसरे घटिया मेटल की मिलावट सामने आई।