{"_id":"6976667816a217b5aa024315","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-sjam1015-132034-2026-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली संकट : तीन दिन से कई इलाके अंधेरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली संकट : तीन दिन से कई इलाके अंधेरे में
विज्ञापन
बिजली ढांचे को हुए नुकसान की मरम्मत करते बिजली विभाग के कर्मचारी
- फोटो : udhampur news
विज्ञापन
उधमपुर। बारिश-बर्फबारी से बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है। बिजली संकट ने बीते तीन दिनों से शहर की रफ्तार पूरी तरह थाम दी है। तेज बारिश के बाद बीते वीरवार रात करीब साढ़े 11 बजे से बाधित हुई बिजली आपूर्ति मौसम साफ होने के बावजूद सामान्य नहीं हो सकी है।
अक्षित, रीता देवी, रविंदर सिंह, सोमराज, वीर सिंह, बाबू राम व अन्य शहरवासियों का कहना है कि बारिश के चलते वीरवार रात को बिजली गुल हुई थी। शुक्रवार को भी दिनभर बिजली बंद रही। शाम को कुछ समय के लिए बहाल हुई लेकिन इसके बाद फिर बंद हो गई। मौसम में सुधार होने पर शनिवार को बहाली की उम्मीद थी लेकिन रविवार को भी बिजली की आंख-मिचौनी का सिलसिला दिनभर जारी रहा।
शहर के यह इलाके अधिक प्रभावित
शहर के भारत नगर, बाडेयां, शिव नगर, शक्ति नगर, जखैनी, उमाला, हाउसिंग कॉलोनी, आर्य समाज गली, दोमेल, राज पैलेस, आनंद कॉलोनी, गोल मार्किट और चबूतरा बाजार सहित आसपास के इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। इनमें रविवार को तीसरे दिन भी बिजली गुल रहने और बिजली की आंख मिचौली की समस्या से काफी ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
-- -- -- --
ग्रामीण और बर्फबारी वाले इलाकों में हालात और भी गंभीर
शहर के साथ-साथ जिले के बर्फबारी वाले ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। खासकर लाटी, मरोठी, डुडू और बसंतगढ़ जैसे क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है और ये इलाके पूरी तरह से अंधेरे में डूबे हुए हैं।
-- -- -- --
बिजली बंद होने से बढ़ी परेशानियां
लंबे समय तक बिजली न रहने से अधिकांश घरों के इनवर्टर डिस्चार्ज हो चुके हैं। मजबूरन लोग ठंडे कमरों में बिना हीटर और रोशनी के रात गुजार रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेबुलाइजर और अन्य जरूरी मेडिकल उपकरण बिजली पर निर्भर हैं, जिनके बंद होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। बिजली संकट का असर बच्चों और छात्रों पर भी साफ नजर आ रहा है। मोबाइल चार्ज न होने से ऑनलाइन पढ़ाई और जरूरी संपर्क बाधित हो गया है, जबकि मोमबत्ती और टॉर्च के सहारे पढ़ाई करना बच्चों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। डिजिटल ट्रांजेक्शन तक नहीं हो पा रहा है।
-- -- -- --
कोट
गत दिनों हुई तेज बारिश और बर्फबारी ने जिले के बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं, तारे टूट गई हैं और कुछ जगहों पर ट्रांसफार्मर भी जल गए हैं। खासकर लाटी-मरोठी, डुडू, बसंतगढ़ जैसे दूर दराज के दुर्गम इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। हमने टाउन क्षेत्र के लगभग 95 इलाकों में रविवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है, जबकि शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। लाटी, मरोठी और डुडू, बसतंगढ़ जैसे बर्फबारी वाले इलाकों में जैसे ही सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही संभव होगी, वहां भी बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
-अरुण गुप्ता, एक्सईएन, बिजली विभाग उधमपुर
Trending Videos
अक्षित, रीता देवी, रविंदर सिंह, सोमराज, वीर सिंह, बाबू राम व अन्य शहरवासियों का कहना है कि बारिश के चलते वीरवार रात को बिजली गुल हुई थी। शुक्रवार को भी दिनभर बिजली बंद रही। शाम को कुछ समय के लिए बहाल हुई लेकिन इसके बाद फिर बंद हो गई। मौसम में सुधार होने पर शनिवार को बहाली की उम्मीद थी लेकिन रविवार को भी बिजली की आंख-मिचौनी का सिलसिला दिनभर जारी रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के यह इलाके अधिक प्रभावित
शहर के भारत नगर, बाडेयां, शिव नगर, शक्ति नगर, जखैनी, उमाला, हाउसिंग कॉलोनी, आर्य समाज गली, दोमेल, राज पैलेस, आनंद कॉलोनी, गोल मार्किट और चबूतरा बाजार सहित आसपास के इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। इनमें रविवार को तीसरे दिन भी बिजली गुल रहने और बिजली की आंख मिचौली की समस्या से काफी ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
ग्रामीण और बर्फबारी वाले इलाकों में हालात और भी गंभीर
शहर के साथ-साथ जिले के बर्फबारी वाले ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। खासकर लाटी, मरोठी, डुडू और बसंतगढ़ जैसे क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है और ये इलाके पूरी तरह से अंधेरे में डूबे हुए हैं।
बिजली बंद होने से बढ़ी परेशानियां
लंबे समय तक बिजली न रहने से अधिकांश घरों के इनवर्टर डिस्चार्ज हो चुके हैं। मजबूरन लोग ठंडे कमरों में बिना हीटर और रोशनी के रात गुजार रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेबुलाइजर और अन्य जरूरी मेडिकल उपकरण बिजली पर निर्भर हैं, जिनके बंद होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। बिजली संकट का असर बच्चों और छात्रों पर भी साफ नजर आ रहा है। मोबाइल चार्ज न होने से ऑनलाइन पढ़ाई और जरूरी संपर्क बाधित हो गया है, जबकि मोमबत्ती और टॉर्च के सहारे पढ़ाई करना बच्चों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। डिजिटल ट्रांजेक्शन तक नहीं हो पा रहा है।
कोट
गत दिनों हुई तेज बारिश और बर्फबारी ने जिले के बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं, तारे टूट गई हैं और कुछ जगहों पर ट्रांसफार्मर भी जल गए हैं। खासकर लाटी-मरोठी, डुडू, बसंतगढ़ जैसे दूर दराज के दुर्गम इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। हमने टाउन क्षेत्र के लगभग 95 इलाकों में रविवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है, जबकि शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। लाटी, मरोठी और डुडू, बसतंगढ़ जैसे बर्फबारी वाले इलाकों में जैसे ही सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही संभव होगी, वहां भी बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
-अरुण गुप्ता, एक्सईएन, बिजली विभाग उधमपुर