उधमपुर। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने शनिवार को रणनीतिक 112-किमी किश्तवाड़-संसारी सड़क को बहाल दिया है। यह सड़क जम्मू-कश्मीर के डोडा-किश्तवाड़ बेल्ट को हिमाचल प्रदेश से जोड़ती है। इसे रिकॉर्ड समय में भारी बर्फ हटाने के बाद खोला गया है।
प्रोजेक्ट संपर्क के तहत यह काम 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (बीआरटीएफ) की 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (आरसीसी) ने खराब मौसम और शून्य से नीचे के तापमान के बीच किया। यह मार्ग 8,759 फीट तक ऊंचे पहाड़ी इलाके शामिल हैं। केंद्र शासित प्रदेश को हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय लिंक है। 118 आरसीसी के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल जिवितेश राजोरा ने बताया कि 22 और 23 जनवरी के बीच हुई भारी बर्फबारी (4 से 5 फुट) ने पूरे सड़क मार्ग को ब्लॉक कर दिया था। 25 जनवरी को हुई ताजा बर्फबारी ने क्षेत्र में कनेक्टिविटी को और बाधित कर दिया। हालांकि बीआरओ की टीमों ने 26 जनवरी तक बर्फ को साफ कर दिया जिससे संसारी तक पहुंच बहाल हो गई। 27 जनवरी को बर्फबारी के एक और दौर ने रास्ते को ब्लॉक कर दिया तो कनेक्टिविटी फिर से खतरे में पड़ गई। इससे फिर से बर्फ हटाने के प्रयास शुरू किए गए। 28 से 30 जनवरी के बीच 72 घंटे में करीब 3.5 फीट बर्फ हटाकर सड़क को पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया गया।
उल्लेखनीय है कि किश्तवाड़-संसारी सड़क क्षेत्र के लिए लाइफलाइन मानी जाती है। रणनीतिक महत्व के साथ-साथ इसका आर्थिक और मानवीय मूल्य भी अत्यधिक है। यह मार्ग आवश्यक वस्तुओं, कृषि उपज और अन्य सामान की ढुलाई को सुगम बनाता है तथा दूरदराज ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और आपात सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करता है। यह अभियान 35 बीआरटीएफ के कमांडर एसके सिंह के निर्देशों पर, पूर्ववर्ती डोडा जिले में 118 आरसीसी द्वारा संचालित किया गया।