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Udhampur News: रनसु बाजार में श्रद्धालुओं की चहल-पहल, कारोबार को संजीवनी
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पौनी। शिवखोड़ी में बाबा शिवखोड़ी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से रनसु मुख्य बाजार में एक बार फिर रौनक लौट आई है। करीब दो वर्षों की मंदी के बाद व्यापारियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दे रही है। वर्तमान में प्रतिदिन सात से आठ हजार श्रद्धालु शिवखोड़ी पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार को भी गति मिली है।
दुकानदार अजीत शर्मा ने बताया कि कोरोना काल के दौरान व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया था। कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो गया था। इसके बाद यात्री बस पर हुए आतंकी हमले के कारण भी करीब दो वर्षों तक कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा।
उन्होंने कहा कि अब स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने से यात्रा में वृद्धि हुई है, जिसका लाभ स्थानीय व्यापारियों को मिल रहा है। व्यापारी रवि सिंह ने कहा कि घटना के लगभग दो साल बाद अब बाजार में फिर से चहल-पहल दिखाई देने लगी है।
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हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या अभी भी घटना से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची है, लेकिन वर्तमान स्थिति से व्यापारियों को राहत मिली है और उनका गुजर-बसर बेहतर ढंग से हो रहा है। वहीं दुकानदार कुश कोहली ने ई-रिक्शा संचालन को लेकर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने बताया कि पहले श्रद्धालु बस स्टैंड से त्रिदेव होटल तक पैदल बाजार से होकर शिव गुफा की ओर जाते थे। इससे रास्ते में स्थित दुकानों से प्रसाद, खाने-पीने का सामान और अन्य वस्तुओं की खरीदारी होती थी लेकिन अब ई-रिक्शा श्रद्धालुओं को सीधे गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं, जिससे बाजार की कई दुकानों के कारोबार पर असर पड़ रहा है।
कुश कोहली ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मुख्य बाजार क्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
उनका कहना है कि इससे स्थानीय दुकानदारों के रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और बाजार की आर्थिक गतिविधियां और मजबूत होंगी।
दुकानदार अजीत शर्मा ने बताया कि कोरोना काल के दौरान व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया था। कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो गया था। इसके बाद यात्री बस पर हुए आतंकी हमले के कारण भी करीब दो वर्षों तक कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा।
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उन्होंने कहा कि अब स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने से यात्रा में वृद्धि हुई है, जिसका लाभ स्थानीय व्यापारियों को मिल रहा है। व्यापारी रवि सिंह ने कहा कि घटना के लगभग दो साल बाद अब बाजार में फिर से चहल-पहल दिखाई देने लगी है।
हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या अभी भी घटना से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची है, लेकिन वर्तमान स्थिति से व्यापारियों को राहत मिली है और उनका गुजर-बसर बेहतर ढंग से हो रहा है। वहीं दुकानदार कुश कोहली ने ई-रिक्शा संचालन को लेकर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने बताया कि पहले श्रद्धालु बस स्टैंड से त्रिदेव होटल तक पैदल बाजार से होकर शिव गुफा की ओर जाते थे। इससे रास्ते में स्थित दुकानों से प्रसाद, खाने-पीने का सामान और अन्य वस्तुओं की खरीदारी होती थी लेकिन अब ई-रिक्शा श्रद्धालुओं को सीधे गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं, जिससे बाजार की कई दुकानों के कारोबार पर असर पड़ रहा है।
कुश कोहली ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मुख्य बाजार क्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
उनका कहना है कि इससे स्थानीय दुकानदारों के रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और बाजार की आर्थिक गतिविधियां और मजबूत होंगी।