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Udhampur News: यात्री वाहनों में माल ढुलाई से लोड कैरियर पर संकट
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उधमपुर। जिले में यात्री वाहनों में हो रही व्यावसायिक माल ढुलाई के कारण लोड कैरियर चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चालकों का कहना है कि बाजार में काम कम होने से रोजगार प्रभावित हो रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई और गाड़ी के खर्च के बीच परिवार का भरण-पोषण करना भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यात्री वाहनों में नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक सामान ले जाने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोड कैरियर चालकों के अनुसार ईंधन की आसमान छूती कीमतों, गाड़ी की लगातार बढ़ती लागत और विभिन्न शुल्कों के कारण पहले ही घाटा हो रहा है। ऐसे में यदि व्यावसायिक सामान भी यात्री वाहनों में भेजा जाएगा तो उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। नियमों के मुताबिक बसों और मेटाडोर का इस्तेमाल व्यावसायिक माल ढुलाई के लिए कतई नहीं होना चाहिए।
बसें केवल यात्रियों के आवागमन के लिए है। यात्रियों को सिर्फ एक-दो बैग या 10 से 15 किलो तक का व्यक्तिगत सामान ले जाने की अनुमति है। चालक राकेश और सन्नी ने मांग की है कि नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो।
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बस यूनियन का दावा-केवल निर्धारित मात्रा में ही ले जाया जा रहा है माल
बस यूनियन के प्रधान रशपाल का कहना है कि उन्हें विभाग की ओर से यात्री वाहन में लगभग पांच क्विंटल तक माल ले जाने की अनुमति मिली है। इसके अलावा यदि किसी यात्री का निजी सामान होता है तो उसे वाहन में जगह दी जाती है। इसके अतिरिक्त अलग से कोई भी व्यावसायिक सामान नहीं उठाया जा रहा।
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यदि किसी भी यात्री वाहन में क्षमता से अधिक या अवैध रूप से व्यावसायिक लोड पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-मुद्दसिर इकबाल, एआरटीओ
लोड कैरियर चालकों के अनुसार ईंधन की आसमान छूती कीमतों, गाड़ी की लगातार बढ़ती लागत और विभिन्न शुल्कों के कारण पहले ही घाटा हो रहा है। ऐसे में यदि व्यावसायिक सामान भी यात्री वाहनों में भेजा जाएगा तो उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। नियमों के मुताबिक बसों और मेटाडोर का इस्तेमाल व्यावसायिक माल ढुलाई के लिए कतई नहीं होना चाहिए।
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बसें केवल यात्रियों के आवागमन के लिए है। यात्रियों को सिर्फ एक-दो बैग या 10 से 15 किलो तक का व्यक्तिगत सामान ले जाने की अनुमति है। चालक राकेश और सन्नी ने मांग की है कि नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो।
बस यूनियन का दावा-केवल निर्धारित मात्रा में ही ले जाया जा रहा है माल
बस यूनियन के प्रधान रशपाल का कहना है कि उन्हें विभाग की ओर से यात्री वाहन में लगभग पांच क्विंटल तक माल ले जाने की अनुमति मिली है। इसके अलावा यदि किसी यात्री का निजी सामान होता है तो उसे वाहन में जगह दी जाती है। इसके अतिरिक्त अलग से कोई भी व्यावसायिक सामान नहीं उठाया जा रहा।
यदि किसी भी यात्री वाहन में क्षमता से अधिक या अवैध रूप से व्यावसायिक लोड पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-मुद्दसिर इकबाल, एआरटीओ