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Udhampur News: लावारिस अवस्था में मिले ट्रक को मालिक को सौंपने के आदेश
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उधमपुर। चिनैनी न्यायालय ने लावारिस अवस्था में बरामद किए गए ट्रक को उसके पंजीकृत मालिक के सुपुर्द करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायालय में प्रस्तुत आवेदन पर सुनवाई के उपरांत पारित किया गया।
जानकारी के अनुसार गत 11 अगस्त 2024 को पुलिस थाना चिनैनी की गश्ती टीम को द्रमथल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ट्रक लावारिस स्थिति में खड़ा मिला था। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि वाहन पिछले दो दिनों से वहीं खड़ा था। इसके बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया था।
वाहन के स्वामी ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर वाहन की रिहाई की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि वाहन को लंबे समय तक पुलिस परिसर में रखने का कोई औचित्य नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रासंगिक निर्णयों का हवाला देते हुए न्यायालय ने वाहन को उसके पंजीकृत स्वामी के सुपुर्द करने का आदेश पारित किया।
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न्यायालय ने निर्देश दिया कि वाहन स्वामित्व का सत्यापन करने, वाहन की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराने तथा मूल पंजीकरण प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने के बाद ही वाहन सुपुर्द किया जाए। साथ ही वाहन स्वामी को आवश्यकता पड़ने पर वाहन न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा न्यायालय की अनुमति के बिना उसका विक्रय अथवा हस्तांतरण न करने की शर्त भी लगाई गई है।
जानकारी के अनुसार गत 11 अगस्त 2024 को पुलिस थाना चिनैनी की गश्ती टीम को द्रमथल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ट्रक लावारिस स्थिति में खड़ा मिला था। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि वाहन पिछले दो दिनों से वहीं खड़ा था। इसके बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया था।
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वाहन के स्वामी ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर वाहन की रिहाई की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि वाहन को लंबे समय तक पुलिस परिसर में रखने का कोई औचित्य नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रासंगिक निर्णयों का हवाला देते हुए न्यायालय ने वाहन को उसके पंजीकृत स्वामी के सुपुर्द करने का आदेश पारित किया।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि वाहन स्वामित्व का सत्यापन करने, वाहन की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराने तथा मूल पंजीकरण प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने के बाद ही वाहन सुपुर्द किया जाए। साथ ही वाहन स्वामी को आवश्यकता पड़ने पर वाहन न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा न्यायालय की अनुमति के बिना उसका विक्रय अथवा हस्तांतरण न करने की शर्त भी लगाई गई है।