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Udhampur News: जुुगाड़ के पुल से चिनाब में गिरी महिलाएं, 4 माह के मासूम की मौत
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किश्तवाड़। जिले के मुगल मैदान क्षेत्र में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। स्थानीय लोगों की तरफ से बनाए गए छोटे अस्थायी जुगाड़ के पुल से गुजरते समय 4 माह के शिशु समेत दो महिलाएं चिनाब दरिया में गिर गईं। हादसे में चार माह के शिशु की मौत हो गई लेकिन दोनों महिलाओं को लोगों ने बचा लिया। घटना की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। ऋषि कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार दोनों महिलाएं अपने मायके राहलथल से ससुराल हेंगरना गांव जा रही थीं। जैसे ही तीनों इस संकरे और अस्थायी पुल पर चढ़े तो संतुलन बिगड़ गया। वे सीधे चिनाब दरिया की धारा में गिर गए। यह दरिया सिंथन टॉप क्षेत्र से बहते हुए मरुसुधर के साथ आगे भंडारकोट में मिलता है। इससे इसका बहाव काफी तेज रहता है।
घटना के समय पास में स्थित हैचरी क्षेत्र में काम कर रहे लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय युवकों कामरान शेख, मुर्तजा मीर और अजहर ने सबसे पहले दरिया में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया। बाद में अन्य स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और संयुक्त प्रयासों से दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बचाई गई महिलाओं में शरीफा बेगम पत्नी मोहम्मद अशरफ मृतक बच्चे की मां हैं। दूसरी महिला की पहचान शमीमा बानो के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं एसटी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं।
हालांकि चार माह का मासूम मोहम्मद उस्मान पुत्र मोहम्मद अशरफ तेज बहाव में बह गया। काफी मशक्कत के बाद बच्चे को भी बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पिछले साल आई बाढ़ में बह गया था पुल, फिर बनाया नहीं गया
इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे-244 (किश्तवाड़–सिंथन टॉप रोड) पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, किश्तवाड़ डेवलपमेंट अथॉरिटी और एडीसी किश्तवाड़ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा विधायक इंदरवाल के खिलाफ भी रोष जताया।
लोगों का कहना है कि मुगल मैदान एक समय पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र था। पिछले साल आई बाढ़ में यहां भारी तबाही हुई। उस दौरान बह चुके पुल के स्थान पर अब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं किया गया। इससे लोगों को मजबूरी में इस तरह के अस्थायी और खतरनाक पुल का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मृतक बच्चे के परिवार को मुआवजा देने और जल्द से जल्द सुरक्षित व स्थायी पुल निर्माण की मांग की ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर रही, केंद्र ही करवा रही काम
इंदरवाल से पिछली बार चुनाव लड़ चुके तारिक अहमद कीन ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज एक कीमती जान चली गई लेकिन पिछले डेढ़-दो वर्षों से सरकार होने के बावजूद न तो यहां पुल बनाए गए और न ही सड़कों की हालत सुधारी गई। जो भी काम हो रहा है वह केंद्र सरकार के स्तर पर हो रहा है।
उन्होंने स्थानीय विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान कई पुल बह गए थे। इनमें मुगल मैदान भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था लेकिन आज तक न तो उन पुलों का निर्माण हुआ और न ही मरम्मत।
तारिक अहमद कीन ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रविवार सुबह हुए इस हादसे में 4 माह के मासूम की मौत बेहद दुखद है। इस तरह की घटनाएं सरकार की लापरवाही को दर्शाती हैं। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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जानकारी के अनुसार दोनों महिलाएं अपने मायके राहलथल से ससुराल हेंगरना गांव जा रही थीं। जैसे ही तीनों इस संकरे और अस्थायी पुल पर चढ़े तो संतुलन बिगड़ गया। वे सीधे चिनाब दरिया की धारा में गिर गए। यह दरिया सिंथन टॉप क्षेत्र से बहते हुए मरुसुधर के साथ आगे भंडारकोट में मिलता है। इससे इसका बहाव काफी तेज रहता है।
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घटना के समय पास में स्थित हैचरी क्षेत्र में काम कर रहे लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय युवकों कामरान शेख, मुर्तजा मीर और अजहर ने सबसे पहले दरिया में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया। बाद में अन्य स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और संयुक्त प्रयासों से दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बचाई गई महिलाओं में शरीफा बेगम पत्नी मोहम्मद अशरफ मृतक बच्चे की मां हैं। दूसरी महिला की पहचान शमीमा बानो के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं एसटी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं।
हालांकि चार माह का मासूम मोहम्मद उस्मान पुत्र मोहम्मद अशरफ तेज बहाव में बह गया। काफी मशक्कत के बाद बच्चे को भी बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पिछले साल आई बाढ़ में बह गया था पुल, फिर बनाया नहीं गया
इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे-244 (किश्तवाड़–सिंथन टॉप रोड) पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, किश्तवाड़ डेवलपमेंट अथॉरिटी और एडीसी किश्तवाड़ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा विधायक इंदरवाल के खिलाफ भी रोष जताया।
लोगों का कहना है कि मुगल मैदान एक समय पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र था। पिछले साल आई बाढ़ में यहां भारी तबाही हुई। उस दौरान बह चुके पुल के स्थान पर अब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं किया गया। इससे लोगों को मजबूरी में इस तरह के अस्थायी और खतरनाक पुल का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मृतक बच्चे के परिवार को मुआवजा देने और जल्द से जल्द सुरक्षित व स्थायी पुल निर्माण की मांग की ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर रही, केंद्र ही करवा रही काम
इंदरवाल से पिछली बार चुनाव लड़ चुके तारिक अहमद कीन ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज एक कीमती जान चली गई लेकिन पिछले डेढ़-दो वर्षों से सरकार होने के बावजूद न तो यहां पुल बनाए गए और न ही सड़कों की हालत सुधारी गई। जो भी काम हो रहा है वह केंद्र सरकार के स्तर पर हो रहा है।
उन्होंने स्थानीय विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान कई पुल बह गए थे। इनमें मुगल मैदान भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था लेकिन आज तक न तो उन पुलों का निर्माण हुआ और न ही मरम्मत।
तारिक अहमद कीन ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रविवार सुबह हुए इस हादसे में 4 माह के मासूम की मौत बेहद दुखद है। इस तरह की घटनाएं सरकार की लापरवाही को दर्शाती हैं। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
