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Udhampur News: क्वाड़ पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत रसोइये की हादसे में मौत
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किश्तवाड़। जिले के नागसेनी तहसील क्षेत्र में स्थित निर्माणाधीन क्वाड़ जलविद्युत परियोजना में कार्यरत एक कर्मचारी की हादसे में मौत हो गई। मृतक की पहचान सुखेतर दोमेल कटड़ा निवासी अश कुमार के रूप में हुई है। अश कुमार जून से परियोजना में रसोइये के तौर पर कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार अशोक कुमार परियोजना स्थल से काफी दूर नाईगडि नाला क्षेत्र में नहाने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और सिर पत्थर से टकराने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल किश्तवाड़ लाया गया, जहां इलाज के दौरान वीरवार रात उसकी मौत हो गई।
मृतक का शव रात भर और शुक्रवार दोपहर लगभग दो बजे तक जिला अस्पताल किश्तवाड़ की मॉर्चरी में रखा गया। इस दौरान मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी लेने के साथ-साथ उचित मुआवजे की मांग उठाई। परिजनों का कहना था कि अश कुमार परियोजना में कार्यरत था, इसलिए उसके परिवार को नियमानुसार सभी लाभ और मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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परियोजना का निर्माण कार्य कर रही कंपनी एसईडब्ल्यू-एलएंड जे (जेवी) के अनुसार मृतक के परिवार को तत्काल मानवीय सहायता के रूप में एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रम कानूनों और अन्य लागू नियमों के तहत जो भी वैधानिक लाभ, बीमा अथवा मुआवजा बनता होगा, वह पात्र कानूनी वारिस को उपलब्ध कराया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार अशोक कुमार परियोजना स्थल से काफी दूर नाईगडि नाला क्षेत्र में नहाने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और सिर पत्थर से टकराने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल किश्तवाड़ लाया गया, जहां इलाज के दौरान वीरवार रात उसकी मौत हो गई।
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मृतक का शव रात भर और शुक्रवार दोपहर लगभग दो बजे तक जिला अस्पताल किश्तवाड़ की मॉर्चरी में रखा गया। इस दौरान मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी लेने के साथ-साथ उचित मुआवजे की मांग उठाई। परिजनों का कहना था कि अश कुमार परियोजना में कार्यरत था, इसलिए उसके परिवार को नियमानुसार सभी लाभ और मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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परियोजना का निर्माण कार्य कर रही कंपनी एसईडब्ल्यू-एलएंड जे (जेवी) के अनुसार मृतक के परिवार को तत्काल मानवीय सहायता के रूप में एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रम कानूनों और अन्य लागू नियमों के तहत जो भी वैधानिक लाभ, बीमा अथवा मुआवजा बनता होगा, वह पात्र कानूनी वारिस को उपलब्ध कराया जाएगा।