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Udhampur News: -नौ मार्च को 10वीं कक्षा की हिंदी और उर्दू की परीक्षा, मात्राओं के ज्ञान से मिलेंगे बेहतरीन परिणाम
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उधमपुर। जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (जेेकेबोस) की ओर से नौ मार्च को 10वीं कक्षा के हिंदी व उर्दू विषय की परीक्षा करवाई जाएगी। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि हिंदी के विषय में मात्राओं और उर्दू में अच्छी लिखावट पर विशेष ध्यान दें।
हिंदी सरल और सहज भाषा है इसलिए साफ-सुथरे और स्पष्ट तरीके से लिखना चाहिए ताकि परीक्षक को उत्तर समझने में परेशानी न हो। कई बार विद्यार्थी उत्तर सही लिखते हैं लेकिन मात्राओं की गलती या लिखावट स्पष्ट न होने के कारण अंक कट जाते हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे सही वर्तनी और सही मात्राओं का प्रयोग करें। साथ ही उत्तर पत्रिका में लिखावट साफ और व्यवस्थित होनी चाहिए। हिंदी विषय में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और उसके अनुसार ही उत्तर लिखें। जल्दबाजी में लिखने से अक्सर गलतियां हो जाती हैं इसलिए समय का सही प्रबंधन आवश्यक है।
उर्दू में पहले छोटे प्रश्न हल करें
उर्दू शब्द मूल रूप से तुर्की भाषा का है। यह फारसी-अरबी लिपि में लिखी जाती है। व्याकरण में हिंदी और उर्दू काफी समान है। उर्दू के पेपर में समय का सही उपयोग बेहद जरूरी है। कई विद्यार्थी शुरुआत में ही लंबे और कठिन प्रश्न हल करने लगते हैं जिससे उनका अधिक समय लग जाता है और बाकी प्रश्न अधूरे रह जाते हैं। विद्यार्थियों को पहले आसान और छोटे प्रश्न हल करने चाहिए। इससे कम समय में ज्यादा प्रश्न पूरे हो जाते हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है। उसके बाद लंबे प्रश्नों जैसे निबंध और पैसेज को लिखें।
परीक्षा के दौरान शांत मन से प्रश्नों का उत्तर दें और लिखावट को साफ तथा व्यवस्थित रखें। मात्राओं का विशेष ध्यान रखें। इससे न केवल उत्तर स्पष्ट होंगे बल्कि बेहतर अंक मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
- रीना देवी, शिक्षिका।
उर्दू के पेपर में लिखावट, बिंदुओं और शब्दों का सही प्रयोग करना जरूरी है। अगर विद्यार्थी प्रश्नों को ध्यान से पढ़कर क्रम के अनुसार उत्तर देंगे तो उन्हें पेपर हल करने में आसानी होगी। सही रणनीति अपनाकर और समय का प्रबंधन करके विद्यार्थी अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
- मोमिन मलिक, सहायक प्रोफेसर।
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हिंदी सरल और सहज भाषा है इसलिए साफ-सुथरे और स्पष्ट तरीके से लिखना चाहिए ताकि परीक्षक को उत्तर समझने में परेशानी न हो। कई बार विद्यार्थी उत्तर सही लिखते हैं लेकिन मात्राओं की गलती या लिखावट स्पष्ट न होने के कारण अंक कट जाते हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे सही वर्तनी और सही मात्राओं का प्रयोग करें। साथ ही उत्तर पत्रिका में लिखावट साफ और व्यवस्थित होनी चाहिए। हिंदी विषय में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और उसके अनुसार ही उत्तर लिखें। जल्दबाजी में लिखने से अक्सर गलतियां हो जाती हैं इसलिए समय का सही प्रबंधन आवश्यक है।
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उर्दू में पहले छोटे प्रश्न हल करें
उर्दू शब्द मूल रूप से तुर्की भाषा का है। यह फारसी-अरबी लिपि में लिखी जाती है। व्याकरण में हिंदी और उर्दू काफी समान है। उर्दू के पेपर में समय का सही उपयोग बेहद जरूरी है। कई विद्यार्थी शुरुआत में ही लंबे और कठिन प्रश्न हल करने लगते हैं जिससे उनका अधिक समय लग जाता है और बाकी प्रश्न अधूरे रह जाते हैं। विद्यार्थियों को पहले आसान और छोटे प्रश्न हल करने चाहिए। इससे कम समय में ज्यादा प्रश्न पूरे हो जाते हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है। उसके बाद लंबे प्रश्नों जैसे निबंध और पैसेज को लिखें।
परीक्षा के दौरान शांत मन से प्रश्नों का उत्तर दें और लिखावट को साफ तथा व्यवस्थित रखें। मात्राओं का विशेष ध्यान रखें। इससे न केवल उत्तर स्पष्ट होंगे बल्कि बेहतर अंक मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
- रीना देवी, शिक्षिका।
उर्दू के पेपर में लिखावट, बिंदुओं और शब्दों का सही प्रयोग करना जरूरी है। अगर विद्यार्थी प्रश्नों को ध्यान से पढ़कर क्रम के अनुसार उत्तर देंगे तो उन्हें पेपर हल करने में आसानी होगी। सही रणनीति अपनाकर और समय का प्रबंधन करके विद्यार्थी अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
- मोमिन मलिक, सहायक प्रोफेसर।