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Udhampur News: किश्तवाड़ में भारी वाहनों की नो एंट्री, पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात, जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर दोनों तरफ यातायात बहाल
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उधमपुर/किश्तवाड़/रामबन। जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में कुदरत के बदलते तेवरों ने जनजीवन और यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। एक ओर जहां लगातार जारी बारिश और भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर जोखिम भरा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने सुरक्षा और सुचारु यातायात के लिए कड़े कदम उठाते हुए किश्तवाड़ में भारी वाहनों के प्रवेश पर दिन के समय पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पहाड़ों पर ताजा हिमपात और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र को फिर ठंड की चपेट में ले लिया है।
नेशनल हाईवे पर रामबन और उधमपुर के बीच स्थिति नाजुक बनी हुई है। रामबन के संवेदनशील इलाकों में लगातार पत्थर और मलबा गिरने से मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। बुधवार को राहत कार्य के बाद सड़क को खोला गया था। वीरवार को दोतरफा आवाजाही शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार मौसम में सुधार और कोई घटना न होने पर यह निर्णय लिया गया। प्रभावित हिस्सों में चौबीस घंटे चले अभियान के बाद हल्के, मध्यम और भारी वाहनों की आवाजाही की अनुमति दे दी गई है।
नाशरी–बनिहाल सेक्टर से अब तक सैकड़ों वाहन गुजर चुके हैं। हालांकि कई स्थानों पर सिंगल लेन, मरम्मत कार्य और निर्माण गतिविधियों के कारण यातायात धीमी गति से चल रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से घाटी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को उधमपुर के जखैनी चौक पर ही रोक दिया गया है। डीएसपी ट्रैफिक पंकज सूदन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि वे रात में सफर करने से परहेज करें क्योंकि अंधेरे में भूस्खलन का पता नहीं चलता जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
14 घंटे तक पाबंदी
किश्तवाड़ शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पैदल चलने वालों की सुरक्षा को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट पंकज कुमार शर्मा ने आदेश जारी किया है। अब नगर परिषद की सीमा के भीतर ट्रक, टिप्पर और डंपर जैसे भारी वाहन सुबह 7:00 बजे से रात 9:30 बजे तक प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह प्रतिबंध शालीमार, जेलना और गिरिनगर नाका क्षेत्रों पर प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दो महीने तक प्रभावी आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेश के सख्त पालन के लिए एसएसपी व एआरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को निर्देश जारी किए गए हैं।
कहीं ओले तो कहीं गिरी बर्फ
रियासी/रामनगर/चिनैनी। चिनैनी की ऊंची पहाड़ियों पर ताजा हिमपात होने से बर्फीली हवाएं चल रही हैं जिससे तापमान में गिरावट आई है। स्थिति यह रही कि दुकानदारों को ठंड के कारण समय से पहले ही बाजार बंद करने पड़े। रामनगर के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सामना बज (आरसी पीक) में दोपहर बाद अचानक हुई ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया। ओले गिरने से जहां पर्यटकों के लिए मौसम सुहावना हुआ वहीं किसानों में फसलों के नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी तरह रियासी जिला मुख्यालय पर हल्की बूंदाबांदी हुई लेकिन महज आठ किलोमीटर दूर तलवाड़ा और बारादरी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन थम गया। संवाद
हाई अलर्ट पर टीमें
लगातार खराब हो रहे मौसम और सड़कों की खस्ताहालत को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट से मार्ग की स्थिति की जानकारी लें और फिसलन भरे रास्तों पर सावधानी बरतें।
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नेशनल हाईवे पर रामबन और उधमपुर के बीच स्थिति नाजुक बनी हुई है। रामबन के संवेदनशील इलाकों में लगातार पत्थर और मलबा गिरने से मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। बुधवार को राहत कार्य के बाद सड़क को खोला गया था। वीरवार को दोतरफा आवाजाही शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार मौसम में सुधार और कोई घटना न होने पर यह निर्णय लिया गया। प्रभावित हिस्सों में चौबीस घंटे चले अभियान के बाद हल्के, मध्यम और भारी वाहनों की आवाजाही की अनुमति दे दी गई है।
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नाशरी–बनिहाल सेक्टर से अब तक सैकड़ों वाहन गुजर चुके हैं। हालांकि कई स्थानों पर सिंगल लेन, मरम्मत कार्य और निर्माण गतिविधियों के कारण यातायात धीमी गति से चल रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से घाटी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को उधमपुर के जखैनी चौक पर ही रोक दिया गया है। डीएसपी ट्रैफिक पंकज सूदन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि वे रात में सफर करने से परहेज करें क्योंकि अंधेरे में भूस्खलन का पता नहीं चलता जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
14 घंटे तक पाबंदी
किश्तवाड़ शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पैदल चलने वालों की सुरक्षा को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट पंकज कुमार शर्मा ने आदेश जारी किया है। अब नगर परिषद की सीमा के भीतर ट्रक, टिप्पर और डंपर जैसे भारी वाहन सुबह 7:00 बजे से रात 9:30 बजे तक प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह प्रतिबंध शालीमार, जेलना और गिरिनगर नाका क्षेत्रों पर प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दो महीने तक प्रभावी आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेश के सख्त पालन के लिए एसएसपी व एआरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को निर्देश जारी किए गए हैं।
कहीं ओले तो कहीं गिरी बर्फ
रियासी/रामनगर/चिनैनी। चिनैनी की ऊंची पहाड़ियों पर ताजा हिमपात होने से बर्फीली हवाएं चल रही हैं जिससे तापमान में गिरावट आई है। स्थिति यह रही कि दुकानदारों को ठंड के कारण समय से पहले ही बाजार बंद करने पड़े। रामनगर के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सामना बज (आरसी पीक) में दोपहर बाद अचानक हुई ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया। ओले गिरने से जहां पर्यटकों के लिए मौसम सुहावना हुआ वहीं किसानों में फसलों के नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी तरह रियासी जिला मुख्यालय पर हल्की बूंदाबांदी हुई लेकिन महज आठ किलोमीटर दूर तलवाड़ा और बारादरी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन थम गया। संवाद
हाई अलर्ट पर टीमें
लगातार खराब हो रहे मौसम और सड़कों की खस्ताहालत को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट से मार्ग की स्थिति की जानकारी लें और फिसलन भरे रास्तों पर सावधानी बरतें।