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Udhampur News: मनमानी की सख्त निगरानी... निजी स्कूलों ने अधिक फीस या अन्य शुल्क वसूला तो होगी कार्रवाई
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- विशेष विक्रेता से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए नहीं कर सकते बाध्य, बाजार में उपलब्ध कराना होगा डिजाइन
उधमपुर। जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी स्कूल मनमाने ढंग से फीस नहीं बढ़ा सकेगा और न ही अभिभावकों को विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य कर पाएगा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी सुभाष गुप्ता ने बताया कि अभिभावकों पर अनावश्यक खर्च का दबाव न पड़े, इसके लिए विभागीय टीमें स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। स्कूलों को अपनी यूनिफॉर्म का डिजाइन बाजार में उपलब्ध कराना होगा ताकि अभिभावक पसंद की दुकान से खरीदारी कर सकें।
यदि किसी स्कूल ने मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई या अलग-अलग नाम से अतिरिक्त शुल्क लिया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय टीम स्कूलों में जाकर जांच भी करेगी और नियमों के तहत शिकंजा कसा जाएगा। सभी निजी स्कूलों की फीस शुल्क निर्धारण समिति के अनुसार निर्धारित की जाती है। हालांकि हर निजी स्कूल की फीस संरचना अलग-अलग होती है।
अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क की वसूली न हो पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। जिले में वर्तमान में 276 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें 14 हायर सेकेंडरी, 48 हाई, 70 मिडिल और 144 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं।
ट्रांसफर सर्टिफिकेट से जुड़ी शिकायतें होंगी हल
कई बार अभिभावक बच्चों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) न मिलने की शिकायत करते हैं। ऐसे मामलों में विभाग संबंधित प्रिंसिपल से बात कर बच्चों को टीसी दिलवाता है ताकि उनका दाखिला दूसरे स्कूल में हो सके। कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनमें अभिभावक दो साल तक फीस जमा नहीं करवाते और बाद में टीसी मांगते हैं जो नियमों के विपरीत है। अभिभावकों को भी समय पर फीस जमा करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
सत्र के पहले हफ्ते में मिलेंगी तीसरी और आठवीं की किताबें
सरकारी स्कूलों में नए सत्र 2026-27 के लिए तीसरी और आठवीं कक्षाओं के लिए पाठ्य पुस्तकें जोनल शिक्षा अधिकारियों के पास पहुंच चुकी हैं। परीक्षाएं समाप्त होने और स्कूल खुलने के पहले सप्ताह के भीतर ही छात्रों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी। यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी बदल दिया गया है। अब छात्रों के खातों में यूनिफार्म के लिए सहायता राशि भेजी जाएगी। सरकारी स्कूलों के प्रत्येक छात्र को 600 रुपये और पीएम-श्री स्कूलों के छात्रों को 1200 रुपये दिए जा रहे हैं। जिन छात्रों के खाते नहीं हैं,उनके लिए पहले खाते खुलवाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यदि किसी स्कूल की ओर से अधिक फीस या मनमाने शुल्क लेने या किताबें एक ही दुकान से खरीदने का दबाव बनाने की शिकायत मिलती है तो विभाग उचित कार्रवाई करेगा।
-सुभाष गुप्ता, मुख्य शिक्षा अधिकारी।
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उधमपुर। जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी स्कूल मनमाने ढंग से फीस नहीं बढ़ा सकेगा और न ही अभिभावकों को विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य कर पाएगा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी सुभाष गुप्ता ने बताया कि अभिभावकों पर अनावश्यक खर्च का दबाव न पड़े, इसके लिए विभागीय टीमें स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। स्कूलों को अपनी यूनिफॉर्म का डिजाइन बाजार में उपलब्ध कराना होगा ताकि अभिभावक पसंद की दुकान से खरीदारी कर सकें।
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यदि किसी स्कूल ने मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई या अलग-अलग नाम से अतिरिक्त शुल्क लिया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय टीम स्कूलों में जाकर जांच भी करेगी और नियमों के तहत शिकंजा कसा जाएगा। सभी निजी स्कूलों की फीस शुल्क निर्धारण समिति के अनुसार निर्धारित की जाती है। हालांकि हर निजी स्कूल की फीस संरचना अलग-अलग होती है।
अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क की वसूली न हो पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। जिले में वर्तमान में 276 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें 14 हायर सेकेंडरी, 48 हाई, 70 मिडिल और 144 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं।
ट्रांसफर सर्टिफिकेट से जुड़ी शिकायतें होंगी हल
कई बार अभिभावक बच्चों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) न मिलने की शिकायत करते हैं। ऐसे मामलों में विभाग संबंधित प्रिंसिपल से बात कर बच्चों को टीसी दिलवाता है ताकि उनका दाखिला दूसरे स्कूल में हो सके। कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनमें अभिभावक दो साल तक फीस जमा नहीं करवाते और बाद में टीसी मांगते हैं जो नियमों के विपरीत है। अभिभावकों को भी समय पर फीस जमा करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
सत्र के पहले हफ्ते में मिलेंगी तीसरी और आठवीं की किताबें
सरकारी स्कूलों में नए सत्र 2026-27 के लिए तीसरी और आठवीं कक्षाओं के लिए पाठ्य पुस्तकें जोनल शिक्षा अधिकारियों के पास पहुंच चुकी हैं। परीक्षाएं समाप्त होने और स्कूल खुलने के पहले सप्ताह के भीतर ही छात्रों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी। यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी बदल दिया गया है। अब छात्रों के खातों में यूनिफार्म के लिए सहायता राशि भेजी जाएगी। सरकारी स्कूलों के प्रत्येक छात्र को 600 रुपये और पीएम-श्री स्कूलों के छात्रों को 1200 रुपये दिए जा रहे हैं। जिन छात्रों के खाते नहीं हैं,उनके लिए पहले खाते खुलवाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यदि किसी स्कूल की ओर से अधिक फीस या मनमाने शुल्क लेने या किताबें एक ही दुकान से खरीदने का दबाव बनाने की शिकायत मिलती है तो विभाग उचित कार्रवाई करेगा।
-सुभाष गुप्ता, मुख्य शिक्षा अधिकारी।