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Jammu News: ड्रग्स की कॉकटेल और ओवरडोज युवाओं को पहुंचा रहा मौत के मुंह में
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2025 में सिर्फ जीएमसी जम्मू में 150 से ज्यादा ओवरडोज के मामले आए, इनमें से ज्यादातर गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे
2022 से अब तक के बजट सत्र में सदन में रखे गए आंकड़े पेश करते हैं भयावह तस्वीर, कुल रिपोर्ट हुए मामलों का 65.98 फीसदी अकेले जम्मू संभाग के
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में ड्रग्स की कॉकटेल और ओवरडोज युवाओं को मौत के मुंह तक पहुंचा रही है। जनवरी से मार्च तक अकेले जम्मू जिले में ड्रग्स की कॉकटेल और ओवरडोज से चार युवाओं की मौतें सामने आईं। जम्मू से सटे बाड़ी ब्राह्मणा में भी एक युवा की मौत हुई। प्रदेश में हर महीने औसतन ड्रग ओवरडोज के करीब 100 मामले सामने आ रहे हैं। ये वो मामले हैं जो अस्पताल तक पहुंच रहे हैं।
हाल ही में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने आंकड़े पेश किए वह भयावहता की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने सदन में बताया कि 2022 से अब तक जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों के सेवन के लगभग 49,276 मामले सामने आए हैं। कुल रिपोर्ट हुए मामलों में 32,517 जम्मू संभाग में मिले। यह पूरे प्रदेश में कुल रिपोर्ट हुए मामलों का 65.98 फीसदी है। वहीं कश्मीर संभाग में इस दरम्यान नशीले पदार्थों के सेवन के 16,759 मामले सामने आए। ये आंकड़े बताते हैं कि जम्मू संभाग में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
ओवरडोज से नाजुक हालत में पहुंच रहे अस्पताल
जीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. यदुराज भट बताते हैं कि ड्रग्स के ओवरडोज के मामले काफी गंभीर होते हैं। ड्रग्स के लती युवा लंबे समय तक परिवार से जानकारी छिपाते रहते हैं। जब वे अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति में पहुंचते हैं तब परिवार के सदस्यों को इसका पता चलता है। जीएमसी जम्मू के ही आंकड़े बताते हैं कि 2025 में ओवरडोज के 170 मामले अस्पताल तक पहुंचे। जानकारों का कहना है कि यह आंकड़ा अब हर महीने औसतन 18-20 तक पहुंच गया है। अस्पताल वही पहुंचते हैं जिनकी हालत बेहद नाजुक होती है। चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल पहुंचने वालों में से ज्यादातर 17 से 30 साल आयु वर्ग के युवा होते हैं। युवाओं में हेरोइन की लत बढ़ रही है।
हेरोइन के साथ सिंथेटिक ड्रग्स के कॉकटेल से बहक रहीं धड़कनें, उखड़ रहीं सांसें
विशेषज्ञों के अनुसार ड्रग्स कॉकटेल यानी अलग-अलग नशीले पदार्थों को मिलाकर सेवन करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। ड्रग्स कॉकटेल में आमतौर पर हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स, नींद की गोलियां और दर्द निवारक दवाओं को मिलाया जाता है। यह कॉकटेल सीधे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इससे सांस लेने में दिक्कत के साथ ही दिल की धड़कनें असंतुलित हो जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस तरह के मामलों में समय पर उपचार न मिले तो मौत तक हो जाती है।
जम्मू में ये हॉटस्पॉट...इन इलाकों में संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों की गहन जांच की जरूरत
जम्मू शहर के राजीव नगर, कासिम नगर, भठिंडी जैसे इलाके नशे के हाॅटस्पाॅट बन गए हैं। अक्सर इन इलाकों में संदिग्ध परिस्थितियों में लोग मृत पाए जाते हैं। हालात ऐसी है कि कई-कई दिनों तक शव झाड़ियाें या नदी किनारे पड़ा रहता है। जानकार मानते हैं कि इन मौतों का कारण ड्रग्स का ओवरडोज हो सकता है। उनका कहना है कि इन इलाकों में संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों की गहराई से जांच होनी चाहिए।
पिछले तीन माह में हुईं ये मौतें झकझोरती हैं
जनवरी 2026: जलो चक निवासी 24 वर्षीय युवक की ड्रग्स के ओवरडोज के कारण मौत हुई।
फरवरी 2026: जम्मू के हरी मार्केट इलाके में खौड़ निवासी युवक की मौत। प्राथमिक जांच में मौत का कारण ड्रग्स का ओवरडोज मिला।
मार्च 2026: पुरखू कैंप दोमाना में डोगरा हॉल निवासी 26 वर्षीय युवक की मौत। कारण-ड्रग्स का ओवरडोज ।
मार्च 2026: अखनूर निवासी 30 वर्षीय युवक की घर में मौत हुई। शुरुआती जांच में मौत का कारण ड्रग्स का ओवरडोज पाया गया।
मार्च 2026: उस्ताद मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय व्यक्ति की ड्रग्स के ओवरडोज के कारण मौत हुई।
मार्च 2026: अस्कॉम अस्पताल के पास मझीन में अज्ञात शव मिला। मौत का कारण ड्रग्स का ओवरडोज पाया गया।
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2022 से अब तक के बजट सत्र में सदन में रखे गए आंकड़े पेश करते हैं भयावह तस्वीर, कुल रिपोर्ट हुए मामलों का 65.98 फीसदी अकेले जम्मू संभाग के
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में ड्रग्स की कॉकटेल और ओवरडोज युवाओं को मौत के मुंह तक पहुंचा रही है। जनवरी से मार्च तक अकेले जम्मू जिले में ड्रग्स की कॉकटेल और ओवरडोज से चार युवाओं की मौतें सामने आईं। जम्मू से सटे बाड़ी ब्राह्मणा में भी एक युवा की मौत हुई। प्रदेश में हर महीने औसतन ड्रग ओवरडोज के करीब 100 मामले सामने आ रहे हैं। ये वो मामले हैं जो अस्पताल तक पहुंच रहे हैं।
हाल ही में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने आंकड़े पेश किए वह भयावहता की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने सदन में बताया कि 2022 से अब तक जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों के सेवन के लगभग 49,276 मामले सामने आए हैं। कुल रिपोर्ट हुए मामलों में 32,517 जम्मू संभाग में मिले। यह पूरे प्रदेश में कुल रिपोर्ट हुए मामलों का 65.98 फीसदी है। वहीं कश्मीर संभाग में इस दरम्यान नशीले पदार्थों के सेवन के 16,759 मामले सामने आए। ये आंकड़े बताते हैं कि जम्मू संभाग में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
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ओवरडोज से नाजुक हालत में पहुंच रहे अस्पताल
जीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. यदुराज भट बताते हैं कि ड्रग्स के ओवरडोज के मामले काफी गंभीर होते हैं। ड्रग्स के लती युवा लंबे समय तक परिवार से जानकारी छिपाते रहते हैं। जब वे अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति में पहुंचते हैं तब परिवार के सदस्यों को इसका पता चलता है। जीएमसी जम्मू के ही आंकड़े बताते हैं कि 2025 में ओवरडोज के 170 मामले अस्पताल तक पहुंचे। जानकारों का कहना है कि यह आंकड़ा अब हर महीने औसतन 18-20 तक पहुंच गया है। अस्पताल वही पहुंचते हैं जिनकी हालत बेहद नाजुक होती है। चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल पहुंचने वालों में से ज्यादातर 17 से 30 साल आयु वर्ग के युवा होते हैं। युवाओं में हेरोइन की लत बढ़ रही है।
हेरोइन के साथ सिंथेटिक ड्रग्स के कॉकटेल से बहक रहीं धड़कनें, उखड़ रहीं सांसें
विशेषज्ञों के अनुसार ड्रग्स कॉकटेल यानी अलग-अलग नशीले पदार्थों को मिलाकर सेवन करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। ड्रग्स कॉकटेल में आमतौर पर हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स, नींद की गोलियां और दर्द निवारक दवाओं को मिलाया जाता है। यह कॉकटेल सीधे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इससे सांस लेने में दिक्कत के साथ ही दिल की धड़कनें असंतुलित हो जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस तरह के मामलों में समय पर उपचार न मिले तो मौत तक हो जाती है।
जम्मू में ये हॉटस्पॉट...इन इलाकों में संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों की गहन जांच की जरूरत
जम्मू शहर के राजीव नगर, कासिम नगर, भठिंडी जैसे इलाके नशे के हाॅटस्पाॅट बन गए हैं। अक्सर इन इलाकों में संदिग्ध परिस्थितियों में लोग मृत पाए जाते हैं। हालात ऐसी है कि कई-कई दिनों तक शव झाड़ियाें या नदी किनारे पड़ा रहता है। जानकार मानते हैं कि इन मौतों का कारण ड्रग्स का ओवरडोज हो सकता है। उनका कहना है कि इन इलाकों में संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों की गहराई से जांच होनी चाहिए।
पिछले तीन माह में हुईं ये मौतें झकझोरती हैं
जनवरी 2026: जलो चक निवासी 24 वर्षीय युवक की ड्रग्स के ओवरडोज के कारण मौत हुई।
फरवरी 2026: जम्मू के हरी मार्केट इलाके में खौड़ निवासी युवक की मौत। प्राथमिक जांच में मौत का कारण ड्रग्स का ओवरडोज मिला।
मार्च 2026: पुरखू कैंप दोमाना में डोगरा हॉल निवासी 26 वर्षीय युवक की मौत। कारण-ड्रग्स का ओवरडोज ।
मार्च 2026: अखनूर निवासी 30 वर्षीय युवक की घर में मौत हुई। शुरुआती जांच में मौत का कारण ड्रग्स का ओवरडोज पाया गया।
मार्च 2026: उस्ताद मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय व्यक्ति की ड्रग्स के ओवरडोज के कारण मौत हुई।
मार्च 2026: अस्कॉम अस्पताल के पास मझीन में अज्ञात शव मिला। मौत का कारण ड्रग्स का ओवरडोज पाया गया।