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Jammu News: सांबा में गायों में लंपी स्किन डिजीज को लेकर अलर्ट
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पशुपालन विभाग ने जारी की एडवाइजरी, कहा- पशुपालकों को सतर्कता बरतने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के विभिन्न गांवों से गायों में लंपी डिजीज (पॉक्स जैसी) बीमारी के लक्षण मिलने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। इस पर पशुपालन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पशु चिकित्सकों की टीमें भेजी हैं और पशुपालकों के लिए एहतियाती एडवाइजरी जारी की है।
जिला पशुपालन विभाग के जिला मुख्य अधिकारी डॉ राहुल देेव बताया कि बैनगलाड, छनी, अबताल और अन्य क्षेत्रों से बीमार पशुओं की जानकारी मिल रही है। जैसे ही किसी गांव से सूचना मिलती है, विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पशुओं की जांच और उपचार कर रही है। विभाग ने निदेशालय को भी वैक्सीन की उपलब्धता के लिए पत्र भेजा है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल इस बीमारी की वैक्सीन जिले में उपलब्ध नहीं है। पिछले वर्ष जो वैक्सीन प्राप्त हुई थी, उसका उपयोग कर सभी निर्धारित पशुओं का टीकाकरण किया गया था। यह नियमित रूप से लगने वाली एफएमडी (मुंह-खुर) जैसी बीमारी नहीं है, बल्कि पॉक्स (चेचक) जैसी बीमारी है, जो मुख्य रूप से गायों में होती है और तेजी से नहीं फैलती। विभाग ने स्पष्ट किया है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, केवल सावधानी और समय पर उपचार से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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बीमारी के प्रमुख लक्षण
शरीर पर 2 से 5 सेंटीमीटर की गोल एवं सख्त गांठें, 104 से 106 डिग्री फारेनहाइट तक तेज बुखार, अत्यधिक सुस्ती, दूध उत्पादन में अचानक भारी गिरावट, लिम्फ नोड्स में सूजन तथा नाक और मुंह से स्राव शामिल हैं।
संक्रमित पशुओं को अलग रखें
संक्रमित पशुओं को तुरंत अलग रखें, चारा-पानी के बर्तन अलग इस्तेमाल करें, पशुशाला में नियमित कीटनाशकों एवं रिपेलेंट का छिड़काव करें। शेड को सोडियम हाइपोक्लोराइट, फिनोल या फार्मेलिन से संक्रमणमुक्त रखें। पशुओं की अनावश्यक आवाजाही रोकें। किसी भी संदिग्ध पशु का उपचार केवल पशु चिकित्सक की सलाह पर ही करें।
हेल्पलाइन नंबर जारी
किसी भी आपात स्थिति या बीमारी की सूचना के लिए पशुपालक पशु हेल्पलाइन सांबा 01923-246915, 01923-241004 अथवा राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1962 पर संपर्क कर सकते हैं।
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रामगढ़ क्षेत्र के पशुओं में बीमारी का अधिक प्रभाव
विधायक विधायक डॉ देवेंदर मन्याल ने कहा पशुओं का टीकाकरण होगा
सांबा। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और पंचायतों से पशुओं, विशेषकर गायों में बीमारी के लक्षण मिलने की सूचनाएं सामने आई हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक विधायक डॉ देवेंदर मन्याल ने लोगों से सतर्क रहने और समय पर सूचना देने की अपील की है।
विधायक ने बताया कि उन्हें बैनगलाड़, छनी, अबताल सहित कई गांवों से फोन कॉल प्राप्त हुए हैं, जिनमें पशुओं के बीमार होने की जानकारी दी गई। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त आयुषी सूदन और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल से बात की है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में भेजी जा रही हैं। बीमार पशुओं का तत्काल उपचार किया जाएगा, जबकि संक्रमण की आशंका वाले स्वस्थ पशुओं का भी टीकाकरण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह बीमारी चार वर्ष पहले भी सामने आई थी।
विधायक ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण नंदपुर से राजपुरा तक लगभग हर घर में पशुपालन किया जाता है। ऐसे में सभी पशुपालकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशुपालन विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों या भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते उपचार और आवश्यक टीकाकरण किया जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के विभिन्न गांवों से गायों में लंपी डिजीज (पॉक्स जैसी) बीमारी के लक्षण मिलने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। इस पर पशुपालन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पशु चिकित्सकों की टीमें भेजी हैं और पशुपालकों के लिए एहतियाती एडवाइजरी जारी की है।
जिला पशुपालन विभाग के जिला मुख्य अधिकारी डॉ राहुल देेव बताया कि बैनगलाड, छनी, अबताल और अन्य क्षेत्रों से बीमार पशुओं की जानकारी मिल रही है। जैसे ही किसी गांव से सूचना मिलती है, विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पशुओं की जांच और उपचार कर रही है। विभाग ने निदेशालय को भी वैक्सीन की उपलब्धता के लिए पत्र भेजा है।
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उन्होंने बताया कि फिलहाल इस बीमारी की वैक्सीन जिले में उपलब्ध नहीं है। पिछले वर्ष जो वैक्सीन प्राप्त हुई थी, उसका उपयोग कर सभी निर्धारित पशुओं का टीकाकरण किया गया था। यह नियमित रूप से लगने वाली एफएमडी (मुंह-खुर) जैसी बीमारी नहीं है, बल्कि पॉक्स (चेचक) जैसी बीमारी है, जो मुख्य रूप से गायों में होती है और तेजी से नहीं फैलती। विभाग ने स्पष्ट किया है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, केवल सावधानी और समय पर उपचार से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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बीमारी के प्रमुख लक्षण
शरीर पर 2 से 5 सेंटीमीटर की गोल एवं सख्त गांठें, 104 से 106 डिग्री फारेनहाइट तक तेज बुखार, अत्यधिक सुस्ती, दूध उत्पादन में अचानक भारी गिरावट, लिम्फ नोड्स में सूजन तथा नाक और मुंह से स्राव शामिल हैं।
संक्रमित पशुओं को अलग रखें
संक्रमित पशुओं को तुरंत अलग रखें, चारा-पानी के बर्तन अलग इस्तेमाल करें, पशुशाला में नियमित कीटनाशकों एवं रिपेलेंट का छिड़काव करें। शेड को सोडियम हाइपोक्लोराइट, फिनोल या फार्मेलिन से संक्रमणमुक्त रखें। पशुओं की अनावश्यक आवाजाही रोकें। किसी भी संदिग्ध पशु का उपचार केवल पशु चिकित्सक की सलाह पर ही करें।
हेल्पलाइन नंबर जारी
किसी भी आपात स्थिति या बीमारी की सूचना के लिए पशुपालक पशु हेल्पलाइन सांबा 01923-246915, 01923-241004 अथवा राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1962 पर संपर्क कर सकते हैं।
रामगढ़ क्षेत्र के पशुओं में बीमारी का अधिक प्रभाव
विधायक विधायक डॉ देवेंदर मन्याल ने कहा पशुओं का टीकाकरण होगा
सांबा। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और पंचायतों से पशुओं, विशेषकर गायों में बीमारी के लक्षण मिलने की सूचनाएं सामने आई हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक विधायक डॉ देवेंदर मन्याल ने लोगों से सतर्क रहने और समय पर सूचना देने की अपील की है।
विधायक ने बताया कि उन्हें बैनगलाड़, छनी, अबताल सहित कई गांवों से फोन कॉल प्राप्त हुए हैं, जिनमें पशुओं के बीमार होने की जानकारी दी गई। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त आयुषी सूदन और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल से बात की है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में भेजी जा रही हैं। बीमार पशुओं का तत्काल उपचार किया जाएगा, जबकि संक्रमण की आशंका वाले स्वस्थ पशुओं का भी टीकाकरण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह बीमारी चार वर्ष पहले भी सामने आई थी।
विधायक ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण नंदपुर से राजपुरा तक लगभग हर घर में पशुपालन किया जाता है। ऐसे में सभी पशुपालकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशुपालन विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों या भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते उपचार और आवश्यक टीकाकरण किया जा सके।