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सियासी दलों की बजट से अपेक्षाएं : शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन को प्राथमिकता दे सरकार
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र और राज्य सरकार के बजट को लेकर अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपेक्षाएं रखीं। भाजपा, कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने कहा कि समग्र विकास के लिए बजट में ठोस और जनहितकारी प्रावधान जरूरी हैं।
केंद्रीय बजट में जम्मू-कश्मीर के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाई जाए। रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधान को प्राथमिकता मिले। दैनिक वेतन भोगियों को स्थायी करने और बेरोजगारी दूर करने के लिए प्रभावी योजनाएं लागू की जाएं।
शिक्षा और कौशल विकास में हर तहसील में आईटीआई, हर स्कूल में डिजिटल क्लासरूम और विश्वविद्यालयों को क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़े शोध के लिए अलग से अनुदान देने की जरूरत है। एआई जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई को बढ़ावा देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जाए।
हर मौसम में उपयोगी सड़कों के निर्माण, पर्वतीय और दूरदराज इलाकों में हेलीपैड तथा जिला स्तर पर कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं विकसित करने पर जोर दें। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, नशे की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य नीति को भी प्राथमिकताओं में शामिल करने की मांग उठी। जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाने, होटलों पर कर की सीमा तय करने और प्रदेश के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। जम्मू में पानी की समस्या के स्थायी समाधान, कश्मीरी पंडितों और पीओके शरणार्थियों के लिए विशेष पैकेज तथा गरीबों के लिए 3,000 रुपये मासिक पेंशन शुरू करने के सुझाव भी दिए।
मुफ्त योजनाओं की संख्या सीमित रखते हुए मध्यम वर्ग पर ध्यान देने, टैक्स स्लैब सरल बनाने और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स का नियंत्रण राज्य सरकार के पास रखने का भी सुझाव दिया गया।
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बजट में बाढ़ पीड़ितों की मदद को प्राथमिकता दी जाए। डेलीवेजरों को स्थायी करने और पीओके शरणार्थियों के लिए विशेष पैकेज की जरूरत है।
- रविंद्र शर्मा, मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस
12 गैस सिलेंडर देने की घोषणा की जाए। जम्मू मेट्रो को लेकर वादा पूरा किया जाए और जम्मू में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना हो। जम्मू हाट भी शुरू किया जाए।
- प्रिया सेठी, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा
प्रदेश में माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को बढ़ाने के लिए अलग नीति लाई जानी चाहिए। व्यापारियों को बिना गारंटी और कम ब्याज पर 10 लाख तक का ऋण मिलना चाहिए।
- शेख बशीर, प्रांतीय महासचिव, नेशनल कांफ्रेंस
केंद्र सरकार को बजटीय सहायता और बढ़ानी चाहिए। दूरदराज इलाकों के सरकारी स्कूलों के रखरखाव के लिए विशेष योजना और मुफ्त शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए।
- हाजी साहब मोहम्मद, बसपा नेता
ये रहे मौजूद
भाजपा से प्रदेश प्रवक्ता हरिदत्त शिशु, डॉ. ताहिर चौधरी, प्रोफेसर कुलभूषण मोहत्रा, सतीश शास्त्री, रविंद्र मैंगी, उर्वशी गुप्ता और सागर सिंह कोतवाल, नेशनल कांफ्रेंस से राकेश सिंह भाऊ, विजय लोचन, रजनी देवी, संदीप सिंह वजीर और राहुल अत्री, कांग्रेस की ओर से सुरेश शर्मा व सतीश शर्मा ने भाग लिया।
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जम्मू। केंद्र और राज्य सरकार के बजट को लेकर अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपेक्षाएं रखीं। भाजपा, कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने कहा कि समग्र विकास के लिए बजट में ठोस और जनहितकारी प्रावधान जरूरी हैं।
केंद्रीय बजट में जम्मू-कश्मीर के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाई जाए। रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधान को प्राथमिकता मिले। दैनिक वेतन भोगियों को स्थायी करने और बेरोजगारी दूर करने के लिए प्रभावी योजनाएं लागू की जाएं।
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शिक्षा और कौशल विकास में हर तहसील में आईटीआई, हर स्कूल में डिजिटल क्लासरूम और विश्वविद्यालयों को क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़े शोध के लिए अलग से अनुदान देने की जरूरत है। एआई जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई को बढ़ावा देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जाए।
हर मौसम में उपयोगी सड़कों के निर्माण, पर्वतीय और दूरदराज इलाकों में हेलीपैड तथा जिला स्तर पर कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं विकसित करने पर जोर दें। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, नशे की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य नीति को भी प्राथमिकताओं में शामिल करने की मांग उठी। जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाने, होटलों पर कर की सीमा तय करने और प्रदेश के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। जम्मू में पानी की समस्या के स्थायी समाधान, कश्मीरी पंडितों और पीओके शरणार्थियों के लिए विशेष पैकेज तथा गरीबों के लिए 3,000 रुपये मासिक पेंशन शुरू करने के सुझाव भी दिए।
मुफ्त योजनाओं की संख्या सीमित रखते हुए मध्यम वर्ग पर ध्यान देने, टैक्स स्लैब सरल बनाने और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स का नियंत्रण राज्य सरकार के पास रखने का भी सुझाव दिया गया।
बजट में बाढ़ पीड़ितों की मदद को प्राथमिकता दी जाए। डेलीवेजरों को स्थायी करने और पीओके शरणार्थियों के लिए विशेष पैकेज की जरूरत है।
- रविंद्र शर्मा, मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस
12 गैस सिलेंडर देने की घोषणा की जाए। जम्मू मेट्रो को लेकर वादा पूरा किया जाए और जम्मू में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना हो। जम्मू हाट भी शुरू किया जाए।
- प्रिया सेठी, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा
प्रदेश में माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को बढ़ाने के लिए अलग नीति लाई जानी चाहिए। व्यापारियों को बिना गारंटी और कम ब्याज पर 10 लाख तक का ऋण मिलना चाहिए।
- शेख बशीर, प्रांतीय महासचिव, नेशनल कांफ्रेंस
केंद्र सरकार को बजटीय सहायता और बढ़ानी चाहिए। दूरदराज इलाकों के सरकारी स्कूलों के रखरखाव के लिए विशेष योजना और मुफ्त शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए।
- हाजी साहब मोहम्मद, बसपा नेता
ये रहे मौजूद
भाजपा से प्रदेश प्रवक्ता हरिदत्त शिशु, डॉ. ताहिर चौधरी, प्रोफेसर कुलभूषण मोहत्रा, सतीश शास्त्री, रविंद्र मैंगी, उर्वशी गुप्ता और सागर सिंह कोतवाल, नेशनल कांफ्रेंस से राकेश सिंह भाऊ, विजय लोचन, रजनी देवी, संदीप सिंह वजीर और राहुल अत्री, कांग्रेस की ओर से सुरेश शर्मा व सतीश शर्मा ने भाग लिया।