जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा अलर्ट: श्रीनगर के हारवन में आतंकियों की गतिविधियां दिखीं, तलाशी शुरू
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर श्रीनगर के हारवन क्षेत्र में दो विदेशी आतंकवादियों की गतिविधियों के इनपुट मिलने पर पुलिस और सेना ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
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गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। इसी बीच, श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हारवन के फकीर गुजरी इलाके में सुरक्षाबलों ने मंगलवार शाम को आतंकवादियों की मूवमेंट के इनपुट मिलने पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हारवन क्षेत्र में दो विदेशी आतंकवादियों की गतिविधियों के इनपुट मिले हैं। इसके बाद पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने सेना की 24 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और सीआरपीएफ की 54 बटालियन के जवानों के साथ घेराबंदी की और शाम करीब सात बजे तलाशी लेनी शुरू कर दी। देर रात तक तलाशी अभियान जारी था। हालांकि, ऑपरेशन को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान सेना की स्पेशल फोर्सेज 4 पैरा और 24 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) ने हारवन क्षेत्र के लिदवास में एक विशेष इनपुट के आधार पर तीन आतंकवादियों को मार गिराया था।
आतंकी साजिशों को नाकाम करने और शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाबलों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर नियंत्रण रेखा (एलओसी) तक अतिरिक्त चौकसी बढ़ा दी है। वहीं, कठुआ के बिलावर में फायरिंग और सांबा में आतंकियों की घुसपैठ की आशंका के चलते भी सुरक्षा और कड़ी है।
श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक और आसपास के इलाकों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने साझा तलाशी अभियान शुरू किया है। शहर के प्रवेश द्वारों और संवेदनशील चौराहों पर नए नाके स्थापित किए गए हैं। सुरक्षाकर्मी पैदल चलने वालों की सघन तलाशी ले रहे हैं और मोबाइल चेकिंग यूनिट्स के जरिए वाहनों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह ड्रिल किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए की जा रही है। श्रीनगर के संवेदनशील इलाकों में कई जगहों पर नाके लगाए गए। रात की गश्त बढ़ा दी गई है।
एलओसी और ग्रामीण इलाकों में तलाशी अभियान
सुरक्षा का घेरा केवल शहरों तक सीमित नहीं है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा, बांदीपोरा और बारामुला जिलों में सेना और पुलिस ने नियंत्रण रेखा से सटे गांवों और जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किए हैं। खुफिया इनपुट्स के आधार पर इन क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि सीमा पार से घुसपैठ या किसी भी संभावित हमले के मंसूबों को समय रहते विफल किया जा सके।
सांबा में सीमा के पार दो लांंचिंग पैड पर घुसपैठ की फिराक में आतंकी
सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घने कोहरे की आड़ में आतंकियों की ओर घुसपैठ का षड्यंत्र रचे जाने के इनपुट मिले हैं। इसे देखते हुए बीएसएफ ने अपनी सतर्कता और बढ़ा दी है। बीएसएफ की महिला कर्मी भी गश्त पर हैं।
सूत्रों ने बताया कि दो लांचिंग पैड में बैठे आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। ये लांचिंग पैड सीमा से कुछ दूर रिहायशी क्षेत्रों में बनाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार कि आपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने पाकिस्तान के सुकमाल व लेहरी कलां के लांचिंग पैड तबाह कर दिए थे।
इसलिए पाकिस्तानी सेना इन्हें रिहायशी क्षेत्रों में ले गई है। सूत्रों ने बताया कि मंसूर बड़ा भाई लांचिंग पैड पर मंगलवार को भी आतंकवादियों की मौजूदगी देखी गई है। सांबा में सीमा के पास तीन दिन पहले ही पाकिस्तानी ड्रोन से हथियार गिराए गए थे। सूत्रों के अनुसार आतंकियों की घुसपैठ कराने से पहले ये हथियार सुनियोजित साजिश के तहत गिराए गए थे। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों का कहना है कि दुश्मन की किसी भी नापाक हरकत को सफल नहीं होने दिया जाएगा।