Jammu Kashmir: अठोली के बाद रामबन में नया विवाद, सेना और पुलिस के बीच बहस का वीडियो वायरल
रामबन में एसएसपी और सेना के जवानों के बीच बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और सेना के समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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किश्तवाड़ जिले के अठोली में पुलिस और सेना के बीच हुए विवाद का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि रामबन का एक वीडियो सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रामबन के एसएसपी अरुण गुप्ता सड़क पर लगाए गए नाके के दौरान सेना के जवानों से बहस करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में वह जवानों से कड़ी भाषा में बात करते और उनके कमांडर से बात करने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। इस घटनाक्रम ने पुलिस और सेना के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो सामने आने के बाद कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है।
उत्तरी कमान के पूर्व कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सतीश दुआ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि ड्यूटी पर जा रहे सैनिकों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद चिंताजनक है। उनके अनुसार, सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल किसी भी हाल में कमजोर नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि यही राष्ट्रीय हित और सुरक्षा की सबसे बड़ी जरूरत है। वहीं, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कंवलजीत सिंह ढिल्लों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में सेना-पुलिस का तालमेल शांति व आतंकवाद विरोधी अभियानों की सबसे बड़ी ताकत है, वहां इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि बड़े राष्ट्रीय हित को देखते हुए ऐसे मामलों को जल्द सुधारा जाना चाहिए। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल संयुक्त रूप से अभियान चलाते हैं।
ऐसे में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के आपसी समन्वय और संवाद को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, इस मामले में अभी तक पुलिस या सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सेना-पुलिस में इस तरह के विवाद नहीं होने चाहिए : धीमान
ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) विजय सागर धीमान ने कहा कि 2019 के बाद सेना और पुलिस के बीच आपसी समन्वय मजबूत हुआ था। पूर्व डीजीपी दिलबाग सिंह और आरआर स्वैन ने इसके लिए काफी काम किया था। किश्तवाड़ और रामबन की घटना चिंताजनक है। पुलिस के उच्च अधिकारियों को इस पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के विवाद नहीं होने चाहिए।
रामबन का वीडियो सात जून का है और कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। इस मामले को उसी समय सुलझा लिया गया था। इस मामले का किश्तवाड़ के घटनाक्रम से कोई लेना देना नहीं है। सोशल मीडिया पर जो लोग इस पर बात रख रहे हैं उसका जवाब देने के लिए जवाबदेह नहीं हूं। रामबन में सेना और पुलिस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मिलकर काम कर रही है। -अरुण गुप्ता, एसएसपी, रामबन
ये था अठोली विवाद
किश्तवाड़ के अठोली में 24 जून में पुलिस और सेना के बीच विवाद हो गया था। पुलिस के अनुसार पाडर क्षेत्र में डीसी का काफिला ब्लॉक दिवस के लिए जा रहा था। इस दौरान सेना के एक अधिकारी की निजी गाड़ी डीसी के काफिले के सामने आ गई। आग्रह के बावजूद गाड़ी काफिले से नहीं हटाई गई तो पुलिसकर्मियों ने वाहन चालक की तलाशी ली। वाहन के दस्तावेज मांगे तो चालक ने खुद को सेना में कार्यरत बताया। उसके बाद बहस शुरू हुई। पुलिस चालक को अठोली थाने ले गई। इसके बाद सेना के अधिकारी और 30 से 40 जवान थाने पहुंचे। यहां पुलिसकर्मियों से मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।