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Jammu News: बीएसएफ जवानों पर हमले के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
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अदालत ने कहा - जांच प्रारंभिक चरण में, घायल अधिकारी का बयान बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। अतिरिक्त मुंसिफ सांबा की अदालत ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हमले के आरोपी मोहम्मद हुसैन शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश कृतिका सेठी ने आदेश में कहा कि कर्तव्य निभा रहे सुरक्षाबलों पर हमला अत्यंत गंभीर और जघन्य अपराध है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। घायल अधिकारी की गंभीर स्थिति के कारण उनका बयान भी दर्ज नहीं हो पाया है। ऐसे में आरोपी को जमानत देना न्याय के हित में नहीं होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बीते मार्च माह में बीएसएफ की टीम को विजयपुर के एम्स क्षेत्र में नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी की सूचना मिली थी। टीम जब गुज्जर बस्ती रख बरोटियां में रेकी के लिए पहुंची तो आरोपी और उसके साथियों ने पथराव कर दिया। इस हमले में दो अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए जिनमें से एक को सिर में गंभीर चोट लगने के कारण आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अदालत ने केस डायरी और पुलिस रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए पाया कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि अन्य सहआरोपी अभी फरार हैं। ऐसे में मुख्य आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है और गवाहों को प्रभावित या भयभीत किए जाने की आशंका बनी रहेगी। अदालत ने याचिका खारिज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखने के निर्देश दिए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। अतिरिक्त मुंसिफ सांबा की अदालत ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हमले के आरोपी मोहम्मद हुसैन शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश कृतिका सेठी ने आदेश में कहा कि कर्तव्य निभा रहे सुरक्षाबलों पर हमला अत्यंत गंभीर और जघन्य अपराध है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। घायल अधिकारी की गंभीर स्थिति के कारण उनका बयान भी दर्ज नहीं हो पाया है। ऐसे में आरोपी को जमानत देना न्याय के हित में नहीं होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, बीते मार्च माह में बीएसएफ की टीम को विजयपुर के एम्स क्षेत्र में नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी की सूचना मिली थी। टीम जब गुज्जर बस्ती रख बरोटियां में रेकी के लिए पहुंची तो आरोपी और उसके साथियों ने पथराव कर दिया। इस हमले में दो अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए जिनमें से एक को सिर में गंभीर चोट लगने के कारण आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अदालत ने केस डायरी और पुलिस रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए पाया कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि अन्य सहआरोपी अभी फरार हैं। ऐसे में मुख्य आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है और गवाहों को प्रभावित या भयभीत किए जाने की आशंका बनी रहेगी। अदालत ने याचिका खारिज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखने के निर्देश दिए हैं।
