नशे की कॉकटेल बनी मौत का कारण: ड्रग्स ओवरडोज के 100 मामले हर महीने, सैकड़ों युवा अस्पताल में
जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स की कॉकटेल और ओवरडोज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे युवाओं की मौतें और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने के मामले सामने आ रहे हैं।
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प्रदेश में ड्रग्स की कॉकटेल और ओवरडोज युवाओं को मौत के मुंह तक पहुंचा रही है। जनवरी से मार्च तक अकेले जम्मू जिले में ड्रग्स की कॉकटेल और ओवरडोज से चार युवाओं की मौतें सामने आईं।
जम्मू से सटे बाड़ी ब्राह्मणा में भी एक युवा की मौत हुई। प्रदेश में हर महीने औसतन ड्रग ओवरडोज के करीब 100 मामले सामने आ रहे हैं। ये वो मामले हैं जो अस्पताल तक पहुंच रहे हैं।
हाल ही में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने आंकड़े पेश किए वह भयावहता की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने सदन में बताया कि 2022 से अब तक जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों के सेवन के लगभग 49,276 मामले सामने आए हैं। कुल रिपोर्ट हुए मामलों में 32,517 जम्मू संभाग में मिले।
यह पूरे प्रदेश में कुल रिपोर्ट हुए मामलों का 65.98 फीसदी है। वहीं कश्मीर संभाग में इस दरम्यान नशीले पदार्थों के सेवन के 16,759 मामले सामने आए। ये आंकड़े बताते हैं कि जम्मू संभाग में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
हेरोइन के साथ सिंथेटिक ड्रग्स के कॉकटेल से बहक रहीं धड़कनें, उखड़ रहीं सांसें: विशेषज्ञों के अनुसार ड्रग्स कॉकटेल यानी अलग-अलग नशीले पदार्थों को मिलाकर सेवन करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। ड्रग्स कॉकटेल में आमतौर पर हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स, नींद की गोलियां और दर्द निवारक दवाओं को मिलाया जाता है। यह कॉकटेल सीधे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इससे सांस लेने में दिक्कत के साथ ही दिल की धड़कनें असंतुलित हो जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस तरह के मामलों में समय पर उपचार न मिले तो मौत तक हो जाती है।