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Jammu News: नशामुक्ति ओपीडी से मिली नई जिंदगी, 450 से अधिक मरीज करा रहे उपचार
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सांबा। जिला अस्पताल में संचालित नशामुक्ति ओपीडी युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। यहां 450 से अधिक लोग नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए उपचार करा रहे हैं। मरीजों की काउंसलिंग के बाद उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे कई लोग सफलतापूर्वक नशे की गिरफ्त से बाहर निकल रहे हैं।
इसी कड़ी में दो ऐसे युवकों ने अपनी आपबीती साझा की, जो कभी नशे के दलदल में फंस चुके थे। उन्होंने बताया कि गलत संगत और दोस्तों के बहकावे में आकर उन्हें नशे की लत लग गई थी। धीरे-धीरे स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वे नशे के बिना नहीं रह पाते थे।
जब उनके परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो वे उन्हें जिला अस्पताल की नशामुक्ति ओपीडी लेकर पहुंचे। यहां विशेषज्ञों ने उनकी काउंसलिंग की और नियमित दवा शुरू कराई। करीब चार महीने तक लगातार इलाज और परिवार के सहयोग से दोनों युवक अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और निजी रोजगार से जुड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं।
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युवकों ने कहा कि नशे की लत से बाहर निकलना आसान नहीं था, लेकिन समय पर इलाज और परिवार के सहयोग से उन्हें नई जिंदगी मिली। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, गलत संगत से बचें और अपना ध्यान खेलों व सकारात्मक गतिविधियों की ओर लगाएं।
कोट-
जिला अस्पताल की नशामुक्ति ओपीडी में काउंसलिंग और दवा के माध्यम से नशे के आदी लोगों का नियमित उपचार किया जा रहा है, जिससे अनेक मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। -डॉ मोहिंदर कुमार, अधीक्षक जिला अस्पताल
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इसी कड़ी में दो ऐसे युवकों ने अपनी आपबीती साझा की, जो कभी नशे के दलदल में फंस चुके थे। उन्होंने बताया कि गलत संगत और दोस्तों के बहकावे में आकर उन्हें नशे की लत लग गई थी। धीरे-धीरे स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वे नशे के बिना नहीं रह पाते थे।
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जब उनके परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो वे उन्हें जिला अस्पताल की नशामुक्ति ओपीडी लेकर पहुंचे। यहां विशेषज्ञों ने उनकी काउंसलिंग की और नियमित दवा शुरू कराई। करीब चार महीने तक लगातार इलाज और परिवार के सहयोग से दोनों युवक अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और निजी रोजगार से जुड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं।
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युवकों ने कहा कि नशे की लत से बाहर निकलना आसान नहीं था, लेकिन समय पर इलाज और परिवार के सहयोग से उन्हें नई जिंदगी मिली। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, गलत संगत से बचें और अपना ध्यान खेलों व सकारात्मक गतिविधियों की ओर लगाएं।
कोट-
जिला अस्पताल की नशामुक्ति ओपीडी में काउंसलिंग और दवा के माध्यम से नशे के आदी लोगों का नियमित उपचार किया जा रहा है, जिससे अनेक मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। -डॉ मोहिंदर कुमार, अधीक्षक जिला अस्पताल