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Jammu News: अखनूर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में सोनोलॉजिस्ट नहीं, एम्बुलेंस का भी अभाव
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सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल अखनूर में कार्यप्रणाली की समीक्षा करते विधायक मोहन लाल
- फोटो : akhnoor news
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अखनूर। सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज अखनूर में मूलभूत सुविधाओं की कमी और अपेक्षा से कम ओपीडी पर विधायक मोहन लाल भगत ने गंभीर चिंता जताई। वीरवार को कॉलेज के औचक दौरे के दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्टाफ की समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की।
दौरे के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. नरेंद्र शर्मा ने संस्थान की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। निरीक्षण में सामने आया कि अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट की कमी, बिजली आपूर्ति में बाधाएं तथा मरीजों व स्टाफ के लिए बस और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
विधायक ने मौके पर ही बिजली समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करने की बात कही। सोनोलॉजिस्ट, बस और एम्बुलेंस की व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।
विधायक भगत ने कहा कि आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का अखनूर में होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसका पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने ओपीडी में कम मरीजों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने नोडल अधिकारी और अन्य डॉक्टरों के साथ विस्तार से चर्चा भी की।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में कई ऐसी बीमारियों का प्रभावी इलाज संभव है, जिनका एलोपैथी में सीमित समाधान है। इसलिए जरूरी है कि आयुर्वेदिक उपचारों के सफल परिणामों को इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया जाए और गांव-गांव में जागरूकता शिविर लगाए जाएं।
विधायक ने अस्पताल प्रशासन से कहा कि आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने और अधिक से अधिक मरीजों को आकर्षित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि यह संस्थान क्षेत्र के लोगों के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।
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दौरे के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. नरेंद्र शर्मा ने संस्थान की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। निरीक्षण में सामने आया कि अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट की कमी, बिजली आपूर्ति में बाधाएं तथा मरीजों व स्टाफ के लिए बस और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
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विधायक ने मौके पर ही बिजली समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करने की बात कही। सोनोलॉजिस्ट, बस और एम्बुलेंस की व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।
विधायक भगत ने कहा कि आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का अखनूर में होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसका पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने ओपीडी में कम मरीजों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने नोडल अधिकारी और अन्य डॉक्टरों के साथ विस्तार से चर्चा भी की।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में कई ऐसी बीमारियों का प्रभावी इलाज संभव है, जिनका एलोपैथी में सीमित समाधान है। इसलिए जरूरी है कि आयुर्वेदिक उपचारों के सफल परिणामों को इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया जाए और गांव-गांव में जागरूकता शिविर लगाए जाएं।
विधायक ने अस्पताल प्रशासन से कहा कि आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने और अधिक से अधिक मरीजों को आकर्षित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि यह संस्थान क्षेत्र के लोगों के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।