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Jammu News: खौड़ और ज्यौड़ियां के कंड़ी क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए
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ज्यौड़ियां। खौड़ तथा ज्यौड़ियां के कंडी क्षेत्र में लगातार कुछ सालों से वर्षा न होने से रबी की फसलें गंभीर संकट में आ गई हैं। किसानों की गेहूं और सरसों की फसलें हर सीजन में खेतों में सूख जा रही हैं। कंडी क्षेत्र के अनेक किसान समय पर बारिश न होने के कारण बुवाई ही नहीं कर पाते हैं। इस सीजन क्षेत्र के अधिकतर किसानों ने फसल तो बोई परंतु सिंचाई के अभाव में पौधे झुलस गये।
कंडी क्षेत्र की पंचायत ढोकखालसा के किसान व पूर्व सरपंच काली दास ने बताया कि फसलों के सूखने से पशुपालकों पर दोहरी मार पड़ी है, क्योंकि गेहूं के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे की भारी कमी उत्पन्न हो जाएगी। इससे दूध उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसलिए कंडी क्षेत्र के लोगों की मांग है कि सरकार कंडी क्षेत्र को सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर हम किसानों को मुआवजा देने पर विचार करें।
किसान पुरुषोत्तम लाल, जगन्नाथ तथा परमानन्द आदि ने बताया कि हमारे पास खाने के लिए अनाज की कमी है। हम अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे। इसकी हमें चिंता सताए जा रही है। इसलिए सरकार से हमारी मांग है कि कंडी क्षेत्र को सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर हमें बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया जाए।
वहीं क्षेत्र के गांव कलीठ के किसान मंगा राम, गोपाल कृष्ण, शामलाल आदि ने कंडी क्षेत्र के किसानों की जमीन को सिंचित करने के लिए सरकार से कंडी नहर परियोजना पर विचार करने की भी मांग की है। किसानों ने बताया कि अगर क्षेत्र में नहर हो तो हम अपनी फसल को तो सिंचित कर सकते हैं।
ग्रामीण प्रतिनिधियों और किसान संगठनों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने, फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति दिलाने तथा उपजिला खौड़ और ज्यौड़ियां को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र राहत पैकेज घोषित नहीं किया गया तो छोटे और सीमांत किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने सरकार से आग्रह किया है कि कृषि एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र का दौरा कर तत्काल राहत उपाय सुनिश्चित करे।
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कंडी क्षेत्र की पंचायत ढोकखालसा के किसान व पूर्व सरपंच काली दास ने बताया कि फसलों के सूखने से पशुपालकों पर दोहरी मार पड़ी है, क्योंकि गेहूं के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे की भारी कमी उत्पन्न हो जाएगी। इससे दूध उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसलिए कंडी क्षेत्र के लोगों की मांग है कि सरकार कंडी क्षेत्र को सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर हम किसानों को मुआवजा देने पर विचार करें।
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किसान पुरुषोत्तम लाल, जगन्नाथ तथा परमानन्द आदि ने बताया कि हमारे पास खाने के लिए अनाज की कमी है। हम अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे। इसकी हमें चिंता सताए जा रही है। इसलिए सरकार से हमारी मांग है कि कंडी क्षेत्र को सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर हमें बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया जाए।
वहीं क्षेत्र के गांव कलीठ के किसान मंगा राम, गोपाल कृष्ण, शामलाल आदि ने कंडी क्षेत्र के किसानों की जमीन को सिंचित करने के लिए सरकार से कंडी नहर परियोजना पर विचार करने की भी मांग की है। किसानों ने बताया कि अगर क्षेत्र में नहर हो तो हम अपनी फसल को तो सिंचित कर सकते हैं।
ग्रामीण प्रतिनिधियों और किसान संगठनों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने, फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति दिलाने तथा उपजिला खौड़ और ज्यौड़ियां को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र राहत पैकेज घोषित नहीं किया गया तो छोटे और सीमांत किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने सरकार से आग्रह किया है कि कृषि एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र का दौरा कर तत्काल राहत उपाय सुनिश्चित करे।