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Jammu News: 595 किलो चूरा पोस्त बरामदगी मामले में तीन आरोपी बरी
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सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने वर्ष 2021 में थाना सांबा के 595 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामदगी मामले में तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष एनडीपीएस अधिनियम के तहत निर्धारित अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन और आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
अभियोजन के अनुसार 12 सितंबर 2021 को मानसर नाका पर एक ट्रक से 26 बोरियों में करीब 595 किलोग्राम पोस्ता भूसी बरामद की गई थी। इस मामले में थाना सांबा में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 8/15/29 के तहत मामला दर्ज कर तीन लोगों के विरुद्ध चालान पेश किया गया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि जब्ती, नमूना लेने, सीलिंग, सुरक्षित अभिरक्षा (चेन ऑफ कस्टडी) तथा अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं में गंभीर त्रुटियां थीं। गवाहों के बयानों में भी महत्वपूर्ण विरोधाभास सामने आए, जिससे बरामदगी की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। अदालत ने माना कि एनडीपीएस अधिनियम की अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और अभियोजन बरामद मादक पदार्थ का आरोपियों के कब्जे से विधिसम्मत रूप से बरामद होना सिद्ध नहीं कर सका। इन परिस्थितियों में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया तथा यदि अन्य किसी मामले में उनकी आवश्यकता न हो तो हिरासत में बंद आरोपियों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए।
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अभियोजन के अनुसार 12 सितंबर 2021 को मानसर नाका पर एक ट्रक से 26 बोरियों में करीब 595 किलोग्राम पोस्ता भूसी बरामद की गई थी। इस मामले में थाना सांबा में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 8/15/29 के तहत मामला दर्ज कर तीन लोगों के विरुद्ध चालान पेश किया गया था।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि जब्ती, नमूना लेने, सीलिंग, सुरक्षित अभिरक्षा (चेन ऑफ कस्टडी) तथा अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं में गंभीर त्रुटियां थीं। गवाहों के बयानों में भी महत्वपूर्ण विरोधाभास सामने आए, जिससे बरामदगी की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। अदालत ने माना कि एनडीपीएस अधिनियम की अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और अभियोजन बरामद मादक पदार्थ का आरोपियों के कब्जे से विधिसम्मत रूप से बरामद होना सिद्ध नहीं कर सका। इन परिस्थितियों में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया तथा यदि अन्य किसी मामले में उनकी आवश्यकता न हो तो हिरासत में बंद आरोपियों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए।
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